हरभजन सिंह की सुरक्षा क्यों हटाई? हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार से मांगा जवाब

30 अप्रैल 2026

हरभजन सिंह की सुरक्षा क्यों हटाई? हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार से मांगा जवाब

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने क्रिकेटर हरभजन सिंह की सुरक्षा बहाली पर केंद्र और पंजाब सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया और सुरक्षा हटाने के कारणों पर सवाल उठाए।

पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने क्रिकेटर हरभजन सिंह की सुरक्षा बहाली पर केंद्र और पंजाब सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने का ...और पढ़ें

हरभजन सिंह की सुरक्षा हटाने पर हाई कोर्ट सख्त, पंजाब सरकार को नोटिस जारी।

दयानंद शर्मा, चंडीगढ़। राज्यसभा सांसद और पूर्व भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह की सुरक्षा बहाली को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने गुरुवार को केंद्र सरकार, पंजाब सरकार और संबंधित सुरक्षा एजेंसियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

हाई कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए स्पष्ट किया कि हरभजन सिंह और उनके परिवार की सुरक्षा किसी भी सूरत में प्रभावित नहीं होनी चाहिए तथा राज्य सरकार यह सुनिश्चित करे कि उन्हें पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध रहे।

हरभजन सिंह द्वारा दायर याचिका में कहा गया कि उनकी सुरक्षा वापस लिए जाने के बाद उनके और परिवार के लिए खतरा बढ़ गया है। याचिका में यह भी उल्लेख किया गया कि हाल ही में एक उग्र भीड़ ने उनके घर के बाहर पहुंचकर हमला किया, हंगामा किया और मकान के बाहर ‘गद्दार’ लिख दिया। इस घटना को न केवल उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा बल्कि परिवार की गरिमा और मानसिक शांति पर सीधा हमला बताया गया।

याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि सार्वजनिक जीवन, राजनीतिक दायित्वों और सामाजिक सक्रियता के चलते उन्हें लगातार सुरक्षा जोखिम बना हुआ है। ऐसे में सुरक्षा वापस लेना अनुचित है। साथ ही, घर पर हमला करने और अपमानजनक नारेबाजी करने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग भी की गई।

मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने प्रथम दृष्टया सुरक्षा संबंधी चिंताओं को गंभीर माना और पंजाब सरकार को निर्देश दिया कि अगली सुनवाई तक हरभजन सिंह व उनके परिवार की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। अदालत ने यह भी पूछा कि सुरक्षा समीक्षा किन आधारों पर की गई और सुरक्षा कम या समाप्त करने का निर्णय किन परिस्थितियों में लिया गया।

हाई कोर्ट ने केंद्र व पंजाब सरकार से जवाब दाखिल करने को कहा है कि क्या याचिकाकर्ता को संभावित खतरे का स्वतंत्र आकलन किया गया था तथा घर पर हुई घटना में अब तक क्या कार्रवाई की गई। अदालत ने यह संकेत भी दिया कि सार्वजनिक प्रतिनिधियों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में प्रशासन को अधिक संवेदनशील रुख अपनाना होगा।

अब इस मामले की अगली सुनवाई 12 मई को होगी, जहां सरकारों को सुरक्षा व्यवस्था, खतरे के आकलन और हमलावरों के खिलाफ उठाए गए कदमों पर विस्तृत स्थिति रिपोर्ट पेश करनी होगी।

Source: www.jagran.com

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The World Dispatch

Source: World News API