बलरामपुर में महिलाओं का जन आक्रोश सम्मेलन:नारी सम्मान पर एकजुट हुईं महिलाएं, विपक्ष का पुतला दहन हुआ
27 अप्रैल 2026

बलरामपुर के जिला पंचायत सभागार में "नारी शक्ति का स्वाभिमान, विपक्ष ने फिर किया अपमान" विषय पर एक जन आक्रोश महिला सम्मेलन आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित थीं। महिलाओं ने एकजुट होकर नारी सम्मान और अधिकारों की रक्षा का संकल्प लिया, साथ ही विपक्षी नेताओं राहुल गांधी और अखिलेश यादव के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए उनका पुतला दहन किया। सम्मेलन के मुख्य अतिथि प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री राकेश सचान थे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं का सम्मान और सशक्तिकरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मंत्री सचान ने इस बात पर जोर दिया कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही हैं और देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुँचाने वाले बयान देकर समाज में गलत संदेश फैला रहे हैं। उन्होंने महिलाओं से ऐसे बयानों के प्रति जागरूक होकर विरोध करने का आह्वान किया। महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई कार्यक्रम में पूर्व राज्य मंत्री और सदर विधायक पल्टूराम ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति समाज की आधारशिला है और उनके सम्मान से ही समाज का समग्र विकास संभव है। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि कुछ दल राजनीतिक लाभ के लिए महिलाओं से जुड़े मुद्दों का दुरुपयोग कर रहे हैं, जिसे उन्होंने दुर्भाग्यपूर्ण बताया। अंजली मिश्र और ललिता तिवारी सहित कई अन्य वक्ताओं ने भी सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि महिलाएं अब आत्मनिर्भर और सशक्त बन रही हैं, लेकिन कुछ बयान और घटनाएँ समय-समय पर उनके आत्मसम्मान को ठेस पहुँचाती हैं। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि अब महिलाएँ चुप नहीं रहेंगी और अपने अधिकारों के लिए मुखर होकर आवाज उठाएंगी। कार्यक्रम के दौरान महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और सामाजिक समानता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। अंत में, सभी उपस्थित महिलाओं ने एकजुट होकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने और नारी सम्मान की रक्षा का संकल्प लिया। सम्मेलन के समापन के बाद, जिला पंचायत सभागार से संतोषी माता मंदिर तक एक पदयात्रा निकाली गई। इस पदयात्रा के दौरान महिलाओं ने विरोध स्वरूप पुतला दहन कर अपना आक्रोश व्यक्त किया।
Source: bhaskar_hindi