विधानसभा विशेष सत्र के लिए भाजपा-कांग्रेस तैयार
26 अप्रैल 2026

मप्र विधानसभा का 27 अप्रैल को होने वाला विशेष सत्र विधायी चर्चा से ज्यादा राजनीतिक वर्चस्व की जंग बन गया है। भाजपा इसमें बड़ी संख्या में महिलाओं को लाने की तैयारी कर रही है, ताकि वे सरकार की तरफ से महिला बिल पर की जाने वाली चर्चा को देख सके। इसके लिए बीते कुछ दिनों में पूरे मप्र से ऐसी महिलाओं की सूची तैयार की गई है, जो अलग-अलग क्षेत्रों में प्रतिनिधित्व करती हैं। इनमें गैर सरकारी संस्थाएं की अध्यक्ष, सचिव, विभिन्न सामाजिक संगठनों की प्रतिनिधी, अलग-अलग संस्थाओं की प्रमुख और पार्टी की विचारधारा से जुड़ी कार्यकर्ताओं के नाम शामिल है। इनके प्रवेश पत्र भी बन चुके हैं। कौनसा समूह कितनी बजे सत्र देखने के लिए दीर्घा पहुंचेगा, यह सब कुछ तय हो चुका है। भाजपा महिलाओं को दिखाएगी सत्र की चर्चा कांग्रेस की महिला रैली, समूहों के बीच होगी चर्चा मप्र कांग्रेस कमेटी भी विशेष सत्र को ध्यान में रखकर तैयार कर चुकी है। सत्र के दिन यानी रविवार को भोपाल में बड़ी महिला कार्यकर्ताओं की रैली निकाली जाएगी। इसका नेतृत्व खुद मप्र कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी करेंगे। महिला कांग्रेस संगठन की सभी प्रमुख पदाधिकारी शामिल रहेंगी। महिला आरक्षण बिल पर निकाली जाने वाली रैली को वादा खिलाफी नाम दिया है। रैली शाम 4 बजे प्लेटिनम प्लाजा से शुरू होगी। पटवारी ने बयान जारी करके सरकार पर आरोप लगाया कि यह राजनीतिक छल व वादाखिलाफी है। सरकार ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को जानबूझकर लागू नहीं कर रही है। कांग्रेस पार्टी बिना किसी परिसीमन की शर्त के तत्काल लोकसभा में 33% महिला आरक्षण लागू करने की मांग को लेकर सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी। विपक्ष ने भेजा आरक्षण देने पर चर्चा का प्रस्ताव एक तरफ राज्य सरकार इस बिल गिरने पर चर्चा करने वाली है, तो वहीं विपक्ष की तरफ से भी अब नियम 142 और 147 के तहत चर्चा की मांग कर ली गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने विधानसभा सचिवालय को एक प्रस्ताव भेजा है। विपक्ष की तरफ से इसमें मांग की गई है कि वर्तमान परिस्थितियों में ही महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण का लाभ दिया जाए। फिलहाल विधानसभा ने विपक्ष के इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया है।
Source: bhaskar_hindi