ड्रेस वितरण पर संशय बरकरार छुट्टियों में भी बच्चों को बुला रहे
25 अप्रैल 2026

गणवेश वितरण को लेकर क्षेत्र में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। ग्रीष्म प्रवाह के चलते स्कूलों में छुट्टी होने के बावजूद भी टिटिलागढ़ व मुरीबाहाल ब्लॉक के बीईओ और सीआरसीसी द्वारा प्रधान अध्यापकों पर बच्चों को स्कूल बुलाकर यूनिफॉर्म (ड्रेस) वितरण कराने का दबाव बनाया जा रहा है। स्थिति यह है कि अभी तक विशेषकर कक्षा-1 में नामांकन प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है और जुलाई तक प्रवेश जारी रहने की बात कही जा रही है। ऐसे में स्कूलों को यह स्पष्ट नहीं है कि कुल कितने विद्यार्थियों के लिए ड्रेस की आवश्यकता होगी, इसके बावजूद एमएसएमई व एसएसजी समूहों को ड्रेस वितरण के लिए कहा जा रहा है। वहीं, वर्ष 2026-27 के लिए स्कूलों के खातों में यूनिफॉर्म अनुदान की राशि अब तक जमा नहीं हुई है, जिससे सप्लायरों में भुगतान को लेकर चिंता बढ़ गई है। सप्लायरों का कहना है कि ठीक इसी तरह वर्ष 2023-24 में भी बिना फंड के ड्रेस वितरण कराया गया था, जिसका भुगतान करीब तीन साल बाद 13 फरवरी 2026 को मिला, वह भी केवल 60 प्रतिशत। शेष 40 प्रतिशत राशि अब तक लंबित है। इस बीच एक गंभीर सवाल यह भी उठ रहा है कि इतनी भीषण गर्मी में यदि किसी विद्यार्थी या सप्लायर/भेन्डर की तबीयत बिगड़ जाती है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। सप्लायरों ने यह भी आरोप लगाया कि अधिकारी केवल मौखिक रूप से दबाव बना रहे हैं, लेकिन लिखित में कोई आदेश देने से बच रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, सप्लायरों से उल्टा यह अपेक्षा की जा रही है कि वे लिखित में दें कि वे माल सप्लाई नहीं कर पाएंगे, जबकि सप्लायर ऐसा नहीं कहना चाहते। उनका स्पष्ट कहना है कि यदि उन्हें लिखित आदेश दिया जाए और तय समय सीमा के भीतर भुगतान की गारंटी दी जाए, तो वे ड्रेस सप्लाई करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। बताया जा रहा है कि टिटिलागढ़ एवं मुरीबाहाल के शिक्षा अधिकारी बीईओ, सीआरसीसी एवं प्रधान अध्यापक भी लिखित में कोई जिम्मेदारी लेने से बच रहे हैं, जिससे स्थिति और अधिक उलझनपूर्ण हो गई है। यह समस्या क्षेत्र के कई ब्लॉकों में सामने आ रही है, जिससे प्रधान अध्यापक और सप्लायर दोनों ही असमंजस की स्थिति में हैं।
Source: bhaskar_hindi