कैंसर की अब एक ही प्लेटफॉर्म पर जांच-इलाज:IIT के वैज्ञानिकों ने किया थेरानोस्टिक्स सिस्टम विकसित, नैनो टेक्नोलॉजी से मिलेगी सटीक थैरेपी

24 अप्रैल 2026

कैंसर की अब एक ही प्लेटफॉर्म पर जांच-इलाज:IIT के वैज्ञानिकों ने किया थेरानोस्टिक्स सिस्टम विकसित, नैनो टेक्नोलॉजी से मिलेगी सटीक थैरेपी

कैंसर के इलाज और जांच को आसान और ज्यादा प्रभावी बनाने की दिशा में IIT जोधपुर के वैज्ञानिकों ने बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने थेरानोस्टिक्स सिस्टम विकसित किया है, जिसके जरिए एक ही प्लेटफॉर्म पर कैंसर की पहचान(डायग्नोसिस) और (थैरेपी) उपचार दोनों संभव हो सकेगा। इस तकनीक में नैनो मेटेरियल्स का उपयोग किया गया है, जो सीधे कैंसरग्रस्त कोशिकाओं तक पहुंचकर दवा के असर को ट्रैक और बेहतर बनाने में मदद करेंगे, जिससे इलाज अधिक सटीक और प्रभावी हो सकेगा। संस्थान की नैनोमेड लैब में इस अवधारणा को अत्यंत सूक्ष्म,विशेष रूप से तैयार किए गए नैनो मेटेरियल्स के जरिए वास्तविकता में बदला जा रहा है। इन नैनो मेटेरियल्स को इस तरह डिजाइन किया गया है कि वे मानव शरीर के अंदर सटीकता के साथ घूमते हुए सीधे रोगग्रस्त कोशिकाओं तक पहुंचे और वहीं दवा का असर दिखाएं। खासतौर पर कैंसर कोशिकाओं को नियंत्रित कर उन्हें खत्म करने पर किया जा रहा है। शोध का नेतृत्व बायोसाइंस और बायो इंजीनियरिंग विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रविराज वनकायाला कर रहे हैं। सूक्ष्म सुपरहीरो नैनो मेटेरियल्स करेंगे कमाल शोध टीम अगली पीढी के 2डी नैनो मेटेरियल्स जैसे एमएक्सन्स, मेटल ऑर्गेनिक फ्रेमवर्क्स, ब्लैक फॉस्फोरस और बोरोफीन पर काम कर रही है। इन अत्याधुनिक सामग्रियों को टाइनी सुपरहीरोज कहा जा रहा है। ये अपनी खास सतह गुणों के कारण दवाओं को सीधे कैंसर कोशिकाओं तक पहुंचाने में सक्षम हैं। ये न केवल दवा पहुंचाने का काम करते हैं, बल्कि निदान संकेतक (डायग्नोस्टिक मार्कर) के रूप में भी कार्य करते हैं। प्रकृति से प्रेरित होकर वैज्ञानिक बायोमिमेटिक नैनो-कैरियर्स भी विकसित कर रहे हैं। ये सूक्ष्म सिस्टम शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को चकमा देकर सीधे प्रभावित हिस्से तक दवा पहुंचाते हैं। इससे इलाज की प्रभावशीलता बढ़ती है और साइड इफेक्ट्स कम होते हैं। फोटोथेरानोस्टिक्सः रोशनी से होगा इलाज इस शोध की खासियत फोटोथेरानोस्टिक्स तकनीक है। इसमें नजदीकी अवरक्त प्रकाश और नैनो प्रौद्योगिकी के संयोजन से रोग का निदान, उपचार और निगरानी एक साथ की जाती है। एनआईआर प्रकाश के प्रभाव से नैनो मेटेरियल्स स्थानीय ताप उत्पन्न करते हैं। सक्रिय ऑक्सीजन कण बनाते हैं और नियंत्रित तरीके से दवा रिलीज करते हैं। इससे कैंसर कोशिकाओं को सटीक और न्यूनतम आक्रामक तरीके से नष्ट किया जा सकता है। एडवांस्ड मॉडल्स पर टेस्ट, सुरक्षा पर फोकस इन तकनीकों तकनीकों की सुरक्षा और प्रभावशीलता सुनिश्चित करने के लिए उन्नत कोशिकीय मॉडल्स पर परीक्षण किए जा रहे हैं। ये मॉडल मानव शरीर की वास्तविक परिस्थितियों का सटीक अनुकरण करते हैं। इससे क्लिनिकल उपयोग से पहले असर को बेहतर तरीके से समझा जा सकेगा।

Source: bhaskar_hindi

Publication

The World Dispatch

Source: World News API

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