अंधाधुंध दोहन से खतरा, ईमेल का डेटा भी बढ़ा रहा कार्बनडाइ ऑक्साइड
24 अप्रैल 2026

भास्कर संवाददाता | विदिशा सम्राट अशोक अभियांत्रिकी संस्थान के अप्लाइड साइंस विभाग में 22 अप्रैल को विश्व पृथ्वी दिवस मनाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को धरती के प्रति जागरूक करना रहा। विभागाध्यक्ष डॉ. मनोज दातार ने कहा कि मानव की आत्मकेंद्रित गतिविधियां बढ़ीं। प्राकृतिक स्रोतों का अंधाधुंध दोहन हुआ। इससे पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचा। उन्होंने कहा कि विकास के साथ प्रकृति सुधार के लिए समाज को प्रेरित करना जरूरी हो गया है। डीन डॉ. आलोक जैन ने बताया कि ईमेल या व्हाट्स ऐप पर भेजा जाने वाला डेटा भी कार्बन डाइऑक्साइड बढ़ाता है। उन्होंने ग्लोबल वार्मिंग कम करने के लिए संदेशों में छोटे, सीमित वाक्य रखने का सुझाव दिया। भूकंप से बचाव की दी सीख मुख्य वक्ता डॉ. संजय भंडारी ने बताया कि टेक्टोनिक प्लेटों के संचालन और टकराव से भूकंप आते हैं। उन्होंने भूकंप के समय जीवन रक्षा के तरीके बताए। सुरक्षित निर्माण की बारीकियां साझा कीं। उन्होंने कहा कि भूकंप संभावित क्षेत्रों को चार जोन में बांटा गया है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेशवासी सबसे सुरक्षित जोन में रहते हैं। उन्होंने कहा कि भवन निर्माण संबंधित भूकंप जोन के अनुसार होना चाहिए। अंत में भूकंप के समय खुद को और दूसरों को सुरक्षित रखने के उपायों पर चर्चा की।
Source: bhaskar_hindi