राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने पर 1986 में आए थे वाजपेयी, आडवाणी दो बार आ चुके
23 अप्रैल 2026

कमलेश कुमार महावर | टोंक भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के 27 अप्रैल के टोंक के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर जहां संगठनात्मक व प्रशासन स्तर पर तैयारियां चल रही हैं। वहीं यह पहला मौका नहीं जब टोंक में राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे या रह चुके शीर्ष नेताओं ने यात्रा की और कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया। पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ता बताते हैं कि इनसे पहले पार्टी के शुरुआती दौर में अटल बिहारी वाजपेयी संगठन विस्तार के मिशन के तहत टोंक आए थे। उनके अलावा भाजपा के मुरली मनोहर जोशी, विजयाराजे सिंधिया, पूर्व उप प्रधानमंत्री रहे लालकृष्ण आडवाणी, राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके देश के वर्तमान गृहमंत्री अमित शाह और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के अलावा जेपी नड्डा भी टोंक के पास सवाई माधोपुर में परिवर्तन संकल्प यात्रा की शुरुआत कर चुके हैं। टोंक की खास भौगोलिक िस्थति देश के शीर्ष नेताओं के कार्यक्रम की प्रमुख वजह रहती हैं। टोंक जिला अजमेर, कोटा-बूंदी-भीलवाड़ा, सवाई माधोपुर-दौसा और जयपुर के मध्य में है। चूंकि बड़े नेताओं को एक ही दिन में कहीं जिलों मे सभाएं करनी होती हैं। ऐसे में टोंक में रखा कार्यक्रम उक्त जिलों का केंद्र बन जाता है। लोकसाभा चुनाव 2024 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उनियारा में रखी सभा इसकी बानगी है। 2023 के वि.स. चुनावों में केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह का देवली दौरा हो या फिर कुछ साल पहले लालकृष्ण आडवाणी की सभाएं यहां हुई। जातिगत वोटों के हिसाब से भी आसपास के जिलों को प्रभावित करने वाले टोंक इसलिए भी बड़े नेता यहां आना जरूरी समझते हैं। एक बड़ा कारण इस इलाके में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मजबूत होना भी माना जाता है।
Source: bhaskar_hindi