27 साल बाद दर्ज कराए धोखाधड़ी के मामले में एफआर को स्वीकारा
23 अप्रैल 2026

झुंझुनूं | जमीन बेचान के 27 साल बाद दर्ज कराए गए धोखाधड़ी के मामले में हाईकोर्ट ने पुलिस जांच को सही मानते हुए एफआर को स्वीकार करने के आदेश दिए हैं। एडवोकेट धर्मवीर ठोलिया ने बताया कि झुंझुनूं निवासी गफूरी बानो ने 2013 में मकबूल कुरैशी व अन्य के विरुद्ध मामला दर्ज कराया था कि खिदरसर में स्थित उसकी जमीन की 1986 में अन्य महिला के फर्जी अंगूठा निशानी से कुरैशी व अन्य ने अपने नाम रजिस्ट्री करवा ली। पुलिस ने जांच के बाद एफआर पेश की। लेकिन अधीनस्थ कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने फिर जांच की। फिर से एफआर पेश की। इस बीच गफूरी बानो के निधन के बाद उसके बेटे उस्मान अली ने 2022 में हाईकोर्ट में याचिका दायर की। अधिवक्ता ने तर्क दिया कि 27 साल बाद एफआईआर दर्ज करवाई गई। एफएसएल की जांच में भी अंगूठा निशानी गफूरी बानो का ही माना गया था। न्यायाधीश चंद्रप्रकाश श्रीमाली ने उस्मान अली की ओर से दायर याचिका को खारिज करते हुए एफआर को स्वीकार करने के आदेश दिए।
Source: bhaskar_hindi