20 वर्षों से गंदगी से भरी नदी की तस्वीर बदली

22 अप्रैल 2026

20 वर्षों से गंदगी से भरी नदी की तस्वीर बदली

कहते हैं कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सबसे शक्तिशाली होती है, लेकिन डिजिटल युग में इस आवाज को जब रील और सोशल मीडिया का साथ मिलता है, तो परिणाम चौंकाने वाले होते हैं। सीतामढ़ी की जीवनरेखा कही जाने वाली लखनदेई नदी, जिसे मां सीता कि सखी लक्ष्मणा गंगा के नाम से पूजा जाता है, पिछले 20 वर्षों से सरकारी उपेक्षा और गंदगी के बोझ तले दबी थी, उसकी तस्वीर बदल रही गई। यह बदलाव जिले के कुछ जागरूक युवा इन्फ्लुएंसर्स की भावुक डिजिटल पहल से सार्थक हुआ है। जहां सोशल मीडिया अक्सर मनोरंजन का केंद्र माना जाता है, लेकिन सीतामढ़ी के युवाओं ने इसे सामाजिक क्रांति का माध्यम बना दिया। युवा इन्फ्लुएंसर्स ने लखनदेई नदी के किनारे जाकर इसकी बदहाली को दिखाया, इसमें तैरते प्लास्टिक, घाटों पर जमी गंदगी और सड़ते पानी को साफ़ करने वाला करुणामयी वीडियो और लखनदेई नदी के गीत तैयार किए। इन वीडियो में नदी की पीड़ा को संगीत के साथ पिरोया गया था, साथ लक्ष्मणा गंगा के सफाई के संकल्प ने जिलावासियों के दिल को झकझोर दिया। जैसे ही यह कंटेंट सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित हुआ, यह वायरल हो गया, लोगों ने इसे साझा किया और प्रशासन से सवाल पूछने शुरू कर दिए। इस डिजिटल दबाव का असर यह हुआ कि वर्षों से उदासीन पड़ा नगर निगम और जिला प्रशासन अचानक सक्रिय हो गया और 24 घंटे में नदी घाट पर पहुंच इसकी सफाई करने लगा। लखनदेई नदी पिछले 20 वर्षों से ज्यादा शहर के कचरे का डंपिंग ग्राउंड बनी हुई थी। अब तक की स्थिति यह थी कि प्रशासन केवल साल में एक बार छठ महापर्व के दौरान घाटों की सतही सफाई कर अपना कोरम पूरा कर लेता था। युवा इन्फ्लुएंसर्स की इस पहल ने समाज में बदलाव को नया आयाम स्थापित किया। अब तक युवा केवल व्यक्तिगत प्रसिद्धि के लिए रील बनाते थे, लेकिन सीतामढ़ी के इन युवाओं ने दिखाया है कि मोबाइल कैमरा एक शक्तिशाली विजिलेंस टूल है। इस पहल से समाज में यह संदेश गया है कि यदि युवा शक्ति संगठित होकर सार्थक रचनात्मकता दिखाए, तो प्रशासन को मजबूर किया जा सकता है। ^सोशल मीडिया के माध्यम से सीतामढ़ी जिला के युवाओं का फीडबैक सकारात्मक रहा। युवा के सहयोग में नगर निगम ने भी साथ साथ कदम मिलाया है। ये कदम आलोचना और प्रसंशा से कही ऊपर हमारे समाज के को जागरूक करने कि एक बड़ी पहल है। हमने लखनदेई की सफाई के लिए सफाई कर्मियों को भी लगाया है। टीम लगातार काम करेगी, ताकि नदी को उसके पुराने स्वरूप में लौटाया जा सके। - आशुतोष कुमार, उप मेयर, नगर निगम, सीतामढ़ी।

Source: bhaskar_hindi

Publication

The World Dispatch

Source: World News API

Keywords: dainikbhaskar, ONLY AVAILABLE IN PROFESSIONAL AND CORPORATE PLANS