मुंबई: शराब, बकरी का जिगर और अघोरी अनुष्ठान, मोंटी बाबा का खौफनाक सच आया सामने; गिरफ्तार
17 अप्रैल 2026
मुंबई के दिंडोशी पुलिस ने एक स्वयंभू बाबा को बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी और काला जादू के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान रिदम अशोक पंचाल उर्फ मोंटी (37 वर्ष) के रूप में हुई है।
मुंबई पुलिस ने अंधविश्वास और काले जादू की आड़ में बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी करने वाले एक स्वयंभू बाबा को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान 37 वर्षीय रिदम अशोक पंचाल उर्फ मोंटी बाबा के रूप में हुई है, जो कुछ साल पहले तक एक जिम ट्रेनर का काम करता था। दिंडोशी पुलिस ने उसे लोगों, विशेषकर महिलाओं को डराकर, उनका शोषण करने और उनसे पैसे ऐंठने के आरोप में पकड़ा है। यह कार्रवाई तब हुई जब 60 से अधिक पीड़ितों ने आगे आकर बाबा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
आरोपी रिदम पंचाल मुंबई के मलाड पूर्व इलाके में एक सार्वजनिक बगीचे में अपना दरबार लगाता था, जहाँ वह अघोरी अनुष्ठान करने का दावा करता था। वह लोगों की कमजोरियों और अंधविश्वास का फायदा उठाकर उन्हें यह विश्वास दिलाता था कि उस पर देवी आती है। अपनी ठगी को प्रामाणिक दिखाने के लिए, वह शराब, बकरी का जिगर, श्मशान की राख, नींबू, और सुइयों जैसी सामग्रियों का उपयोग करता था। वह भूत-प्रेत भगाने और समस्याओं का समाधान करने के नाम पर आधी रात को महिलाओं को बुलाता और उनका शारीरिक तथा मानसिक शोषण करता था।
इस मामले का खुलासा तब हुआ जब स्थानीय निवासी उसकी गतिविधियों से तंग आ गए और उन्होंने सबूत के तौर पर वीडियो बनाकर पुलिस से संपर्क किया। एक अधिवक्ता और कुछ पीड़ितों के हस्तक्षेप के बाद दिंडोशी पुलिस ने जाल बिछाकर रिदम पंचाल को गिरफ्तार कर लिया। चार साल पहले तक एक सामान्य जिम ट्रेनर के रूप में काम करने वाले पंचाल ने जल्दी अमीर बनने की चाहत में यह रास्ता चुना था। उसने धीरे-धीरे लोगों के मन में डर और अंधविश्वास का ऐसा जाल बुना कि शिक्षित लोग भी उसके झांसे में आ गए।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं के साथ-साथ महाराष्ट्र अंधश्रद्धा और जादू-टोना निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। यह कानून अंधविश्वास, अमानवीय अनुष्ठानों और काले जादू के माध्यम से लोगों को धोखा देने वाली प्रथाओं पर रोक लगाने के लिए बनाया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह व्यक्ति पूरी तरह से धोखाधड़ी पर आधारित एक व्यवसाय चला रहा था, जिसमें वह लोगों को डराकर लूटता था।
पुलिस को संदेह है कि इस धोखाधड़ी का दायरा और भी बड़ा हो सकता है, क्योंकि शिकायतों का आना अभी भी जारी है। पंचाल को अदालत में पेश किया गया है, जहाँ पुलिस ने आगे की जांच और अन्य पीड़ितों की पहचान के लिए उसकी रिमांड की मांग की है। यह मामला समाज में व्याप्त अंधविश्वास और जागरूकता की कमी को उजागर करता है, जहाँ धोखेबाज बाबा आसानी से लोगों को अपना शिकार बना लेते हैं। अधिकारियों ने जनता से ऐसे दावों के प्रति सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने का आग्रह किया है।
Source: jagran