वायुसेना का विमान दुर्घटनाग्रस्त, पुणे हवाईअड्डे का रनवे बंद
17 अप्रैल 2026
वायुसेना का विमान दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद पुणे हवाईअड्डे का रनवे बंद कर दिया गया है। वायु सेना ने शुक्रवार देर रात इंटरनेट मीडिया पर कहा, एक विमान से जुड़ी घटना के कारण पुणे का रनवे अस्थायी रूप से अनुपलब्ध है।
पुणे हवाईअड्डे पर शुक्रवार देर रात भारतीय वायुसेना के एक लड़ाकू विमान की हार्ड लैंडिंग के कारण रनवे को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया, जिससे नागरिक उड़ानें गंभीर रूप से बाधित हुईं। यह घटना लगभग 10:25 बजे हुई जब लैंडिंग के दौरान विमान के अंडरकैरेज में तकनीकी खराबी आ गई। इस विफलता के कारण, विमान रनवे पर ही फंस गया, जिससे यह अन्य विमानों के संचालन के लिए अनुपलब्ध हो गया। भारतीय वायुसेना ने तुरंत पुष्टि की कि विमान का चालक दल सुरक्षित है और इस घटना में किसी भी नागरिक संपत्ति को कोई नुकसान नहीं हुआ है।
घटना के तत्काल बाद, हवाईअड्डा अधिकारियों ने वायुसेना के साथ मिलकर रनवे को खाली करने और मरम्मत का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया। पुणे हवाईअड्डा, जो एक नागरिक एन्क्लेव के रूप में काम करता है और वायुसेना स्टेशन के साथ अपनी हवाई पट्टी साझा करता है, इस घटना के कारण पूरी तरह से बंद हो गया। इस बंद का असर हवाई यातायात पर व्यापक रूप से पड़ा, जिससे 90 से अधिक उड़ानें प्रभावित हुईं। कई आने वाली उड़ानों को सूरत, गोवा, नवी मुंबई, चेन्नई और कोयंबटूर जैसे आस-पास के हवाई अड्डों की ओर मोड़ दिया गया, जबकि कई प्रस्थान रद्द कर दिए गए, जिससे सैकड़ों यात्री हवाईअड्डे पर फंस गए।
इंडिगो, एयर इंडिया, स्पाइसजेट और अकासा एयर सहित प्रमुख एयरलाइनों ने बड़ी संख्या में अपनी उड़ानें रद्द कीं, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा हुई। नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने स्थिति पर नजर रखी और यात्रियों तथा एयरलाइंस को घटनाक्रम से अवगत कराते रहे। उन्होंने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि चालक दल सुरक्षित है और रनवे को जल्द से जल्द चालू करने के प्रयास जारी हैं। पुणे हवाईअड्डे के निदेशक संतोष ढोके ने भी स्थिति को प्रबंधित करने और संचालन को बहाल करने के लिए वायुसेना और अन्य एजेंसियों के साथ समन्वय किया।
रात भर चले अथक प्रयासों के बाद, शनिवार, 18 अप्रैल की सुबह रनवे को परिचालन के लिए फिर से खोल दिया गया। आवश्यक सुरक्षा जांच और मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद, प्रस्थान सुबह 7:30 बजे से और आगमन सुबह 8:00 बजे से फिर से शुरू हुआ। हवाईअड्डे के अधिकारियों ने कहा कि दिन भर में उड़ान संचालन धीरे-धीरे सामान्य हो जाएगा। एयरलाइंस ने यात्रियों को हवाईअड्डे के लिए रवाना होने से पहले अपनी उड़ानों की स्थिति की जांच करने की सलाह दी, क्योंकि शेड्यूल को सामान्य होने में कुछ समय लग सकता है।
यह घटना पुणे जैसे दोहरे उपयोग वाले हवाई अड्डों पर नागरिक और सैन्य अभियानों के बीच समन्वय के महत्व को उजागर करती है। हालांकि इस घटना ने अस्थायी रूप से बड़ी उथल-पुथल मचाई, लेकिन अधिकारियों की त्वरित प्रतिक्रिया और सभी एजेंसियों के बीच प्रभावी समन्वय ने यह सुनिश्चित किया कि किसी भी तरह की बड़ी दुर्घटना न हो और हवाईअड्डा अपेक्षाकृत कम समय में फिर से चालू हो सके। भविष्य में ऐसी घटनाओं के प्रभाव को कम करने के लिए इस घटना की जांच की जाएगी।
Source: jagran