'आप' मंत्री संजीव अरोड़ा पर ED का शिकंजा, कई ठिकानों पर छापेमारी

17 अप्रैल 2026

'आप' मंत्री संजीव अरोड़ा पर ED का शिकंजा, कई ठिकानों पर छापेमारी

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 'आप' नेता और पंजाब के मंत्री संजीव अरोड़ा पर बड़ी कार्रवाई की है। मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय गड़बड़ी के आरोपों में उनके कई ठिकानों पर छापे मारे गए। यह जांच सट्टेबाजी और विदेशी फंड की हेराफेरी से भी जुड़ी है।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को पंजाब के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा से जुड़े कई ठिकानों पर व्यापक तलाशी ली। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग और विदेशी मुद्रा उल्लंघन की जांच के सिलसिले में की गई। सुबह-सुबह लुधियाना, जालंधर, गुड़गांव और चंडीगढ़ में तेरह जगहों पर छापेमारी शुरू हुई, जिसमें आम आदमी पार्टी (आप) के नेता के घरों और दफ्तरों को निशाना बनाया गया। यह कार्रवाई वित्तीय गड़बड़ियों, जैसे ज़मीन का अवैध इस्तेमाल, सट्टेबाजी के पैसे का लेन-देन और इनसाइडर ट्रेडिंग के आरोपों की चल रही जांच का हिस्सा है। तलाशी के दौरान इन जगहों की सुरक्षा के लिए केंद्रीय पुलिस बलों को तैनात किया गया था।

संघीय एजेंसी यह जांच विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के प्रावधानों के तहत कर रही है। जांच का केंद्र अरोड़ा की कंपनी हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड पर लगे आरोप हैं। यह एक रियल एस्टेट कंपनी है, जिसमें उनके बेटे मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। ED इन दावों की जांच कर रही है कि कंपनी ने एक इंडस्ट्रियल प्लॉट के लैंड यूज़ में अवैध बदलाव किए, शेयर की कीमतें बढ़ाने के लिए फर्जी बिक्री दिखाई और संयुक्त अरब अमीरात से फंड्स की राउंड-ट्रिपिंग में मदद की। जांच में मंत्री का नाम "खिलाड़ी बुक" नाम के एक अवैध सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म से भी जोड़ा गया है। यह भी आरोप है कि मुनाफे में हिस्सेदारी के बदले सट्टेबाजी ऑपरेटरों को बचाने के लिए राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल किया गया था।

यह दूसरी बार है जब ED ने उद्योगपति से नेता बने अरोड़ा पर छापा मारा है। इससे पहले अक्टूबर 2024 में जमीन धोखाधड़ी से जुड़े एक मामले में उनकी संपत्तियों की तलाशी ली गई थी। ताज़ा छापेमारी तब हुई जब अरोड़ा कथित तौर पर निवेश को बढ़ावा देने के लिए एम्स्टर्डम के आधिकारिक दौरे पर थे। सोशल मीडिया पर एक संदेश में, अरोड़ा ने एजेंसी की कार्रवाई को स्वीकार किया और कहा कि एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में वह जांच में पूरा सहयोग करेंगे। उन्होंने भरोसा जताया कि सच सामने आएगा। तलाशी उनके बिजनेस पार्टनर हेमंत सूद और चंद्रशेखर अग्रवाल के ठिकानों पर भी हुई।

इस छापेमारी पर तीखी राजनीतिक प्रतिक्रिया हुई है। 'आप' के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस कार्रवाई की निंदा की है। उन्होंने इसे बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार का राजनीति से प्रेरित हमला बताया है। मान ने इस कदम को "लोकतंत्र की हत्या" और 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों के लिए बीजेपी की तैयारी का हिस्सा बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि गैर-बीजेपी सरकारों को परेशान करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। अरोड़ा पर यह कार्रवाई ED द्वारा 'आप' के राज्यसभा सांसद अशोक कुमार मित्तल के ठिकानों पर इसी तरह की तलाशी के ठीक दो दिन बाद हुई है, जिससे पार्टी और केंद्रीय अधिकारियों के बीच टकराव और बढ़ गया है।

'आप' के विरोधियों ने भी इस जांच पर निशाना साधा है। शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने आरोप लगाया कि ED की कार्रवाई आम आदमी पार्टी के भीतर "मनी एक्सचेंजर्स" के नेटवर्क की ओर इशारा करती है। अरोड़ा एक बिजनेसमैन हैं, जिनकी रियल एस्टेट और एक्सपोर्ट में दिलचस्पी है। उन्होंने 2022 में राजनीति में प्रवेश किया, जब वे राज्यसभा के लिए चुने गए। बाद में उन्हें पंजाब कैबिनेट में शामिल किया गया, जहाँ उनके पास उद्योग और वाणिज्य समेत अन्य विभाग हैं। अब तलाशी के दौरान मिले सबूतों के आधार पर जांच आगे बढ़ेगी, जिसका असर मंत्री और पंजाब की राजनीति दोनों पर पड़ सकता है।

Source: toi

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The World Dispatch

Source: World News API