“राम-कृष्ण है तेरो नाम, सबको सन्मति दे भगवान” स्वामी आगमानंद के सानिध्य से श्रद्धालु हुए भावविभोर, कहा- कल्याण करो गुरुदेव

17 अप्रैल 2026

“राम-कृष्ण है तेरो नाम, सबको सन्मति दे भगवान” स्वामी आगमानंद के सानिध्य से श्रद्धालु हुए भावविभोर, कहा- कल्याण करो गुरुदेव

भागलपुर के जमसी में जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी आगमानंद जी महाराज के सानिध्य में भव्य कल्याणकारी सत्संग हुआ। सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भजन, प्रवचन और गुरु वंदना में भाग लिया। स्वामी जी ने सत्संग और नाम जप को ईश्वर प्राप्ति का मार्ग बताया, जिससे पूर्वजों का भी कल्याण होता है।

भागलपुर के जमसी में शुक्रवार को एक भव्य कल्याणकारी सत्संग का आयोजन हुआ, जिसमें जगद्गुरु रामानुजाचार्य श्री रामचंद्राचार्य परमहंस स्वामी आगमानंद जी महाराज के पावन सान्निध्य में सैकड़ों श्रद्धालु भक्तिरस में सराबोर हो गए। इस आध्यात्मिक सभा का वातावरण उस समय और भी भावविभोर हो गया जब स्वामी आगमानंद ने “रघुपति राघव राजा राम” और “राम-कृष्ण है तेरो नाम, सबको सन्मति दे भगवान” जैसे भजन गाए, जिसमें उपस्थित जनसमूह भी पूरी श्रद्धा के साथ डूब गया। भक्तों ने गुरुदेव से सभी के कल्याण की कामना करते हुए आशीर्वाद प्राप्त किया।

अपने प्रवचन में स्वामी आगमानंद जी महाराज ने सत्संग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे ईश्वर की ओर अग्रसर होने का प्रमुख मार्ग बताया। उन्होंने कहा कि कलियुग में ईश्वर से साक्षात्कार का सबसे सरल और प्रभावी मार्ग सत्संग और नामस्मरण ही है। स्वामी जी ने इस बात पर भी जोर दिया कि सत्संग में संतों के वचन सुनने से न केवल वर्तमान जीवन का कल्याण होता है, बल्कि पितरों का भी उद्धार होता है। उनके अनुसार, सत्संग के दौरान पूर्वज सूक्ष्म रूप में उपस्थित रहते हैं और संतों की वाणी से प्रसन्न होकर अपने वंशजों को आशीर्वाद देते हैं, जिससे संपूर्ण परिवार और पीढ़ियों का कल्याण सुनिश्चित होता है।

यह आध्यात्मिक कार्यक्रम परमानंद सिंह, मृत्युंजय कुमार सिंह और विकास कुमार शर्मा के सफल संयोजन में संपन्न हुआ, जबकि मंच का संचालन दिलीप शास्त्री ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत पंडित अनिरुद्ध शास्त्री और गौतम पांडेय सामवेदी द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ स्वामी आगमानंद महाराज के पूजन एवं चरण पादुका पूजन से हुई। श्री शिवशक्ति योगपीठ से जुड़े पवन दुबे ने गुरु वंदना प्रस्तुत कर वातावरण को और भी आध्यात्मिक बना दिया। इस अवसर पर स्वामी जीवनानंद महाराज सहित अन्य संत भी उपस्थित थे, जिन्होंने अपने विचारों से श्रद्धालुओं को प्रेरित किया।

स्वामी आगमानंद, जो अंग क्षेत्र के एक प्रसिद्ध संत हैं और श्री शिवशक्ति योगपीठ, नवगछिया के पीठाधीश्वर के रूप में जाने जाते हैं, को हाल ही में जगद्गुरु रामानुजाचार्य की उपाधि से विभूषित किया गया है। वे हिंदी, संस्कृत और अंगिका सहित कई भाषाओं के ज्ञाता हैं और उन्होंने अपनी शिक्षा भागलपुर में ही ग्रहण की है। उनका प्रभाव केवल बिहार तक ही सीमित नहीं है, बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों में उनके अनुयायी हैं जो उनके दिखाए गए शिक्षा, समता, संस्कार और संस्कृति के मार्ग पर चलने का प्रयास करते हैं।

स्वामी आगमानंद जी महाराज समाज में आध्यात्मिक जागरूकता फैलाने के साथ-साथ सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रूप से लगे रहते हैं। वे आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की मदद करने और युवाओं को अध्यात्म से जोड़ने के लिए जाने जाते हैं। उनके द्वारा समय-समय पर आयोजित होने वाले श्री राम कथा, शक्तिचरित और शिवचरित जैसे कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोग शामिल होते हैं। जमसी में आयोजित यह सत्संग भी इसी श्रृंखला की एक महत्वपूर्ण कड़ी थी, जिसने एक बार फिर लोगों को आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया, और यह संदेश दिया कि ईश्वर तक पहुंचने का मार्ग भक्ति और अच्छे कर्मों से होकर जाता है।

Source: jagran

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The World Dispatch

Source: World News API