मुंगेर के अकरम से 80 हजार में खरीदी थी बंदूक, इंटरसिटी ट्रेन से लौटते समय भागलपुर रेलवे जंक्‍शन पर पकड़ा गया बांका का युवक

17 अप्रैल 2026

मुंगेर के अकरम से 80 हजार में खरीदी थी बंदूक, इंटरसिटी ट्रेन से लौटते समय भागलपुर रेलवे जंक्‍शन पर पकड़ा गया बांका का युवक

भागलपुर रेलवे स्टेशन पर रेल पुलिस ने साहिबगंज-दानापुर इंटरसिटी ट्रेन से एक युवक को गिरफ्तार किया। उसके पास से दोनाली बंदूक, छह खोखे और जम्मू-कश्मीर का फर्जी लाइसेंस मिला। आरोपी गोपेश कुमार सिंह बांका का रहने वाला है। उसने बताया कि बंदूक मुंगेर के मो. अकरम से 80 हजार में खरीदी थी।

रेल पुलिस ने शुक्रवार को भागलपुर रेलवे जंक्शन पर जांच अभियान के दौरान एक बड़ी सफलता हासिल की। साहिबगंज-दानापुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में तलाशी के दौरान बांका जिले के एक युवक को अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार युवक की पहचान बांका जिले के अमरपुर थाना क्षेत्र स्थित डुमरिया निवासी गोपेश कुमार सिंह के रूप में हुई है। उसके पास से एक देशी दोनाली बंदूक, छह खोखे और जम्मू-कश्मीर के नाम पर बना एक फर्जी हथियार लाइसेंस बरामद किया गया। यह कार्रवाई जमालपुर रेल एसपी के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष जांच अभियान के तहत की गई।

जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम प्लेटफार्म संख्या चार पर पहुंची साहिबगंज-दानापुर इंटरसिटी ट्रेन में नियमित जांच कर रही थी। इसी दौरान एक लावारिस बैग पर पुलिस की नजर पड़ी। जब आस-पास बैठे यात्रियों से पूछताछ की गई तो किसी ने भी बैग को अपना बताने से इनकार कर दिया। पुलिस ने जब बैग की तलाशी ली तो उसमें से बारह बोल्ट की दोनाली बंदूक बरामद हुई। संदेह के आधार पर जब पास बैठे गोपेश कुमार सिंह से कड़ाई से पूछताछ की गई तो उसने स्वीकार कर लिया कि बैग और उसमें रखा हथियार उसी का है। इसके बाद रेल पुलिस ने उसे तुरंत हिरासत में ले लिया और आगे की पूछताछ के लिए जीआरपी थाने ले आई।

पूछताछ के दौरान गोपेश ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया कि वह पहले एक निजी कंपनी में सुरक्षा गार्ड की नौकरी करता था, जहां उसे बारह हजार रुपये वेतन मिलता था। इसी दौरान 2020 में उसकी मुलाकात मुंगेर निवासी मोहम्मद अकरम से हुई। अकरम ने उसे झांसा दिया कि अगर उसके पास लाइसेंसी हथियार हो तो उसका वेतन दोगुना हो सकता है। बेहतर कमाई के लालच में आकर गोपेश ने साल 2024 में अकरम से अस्सी हजार रुपये में यह दोनाली बंदूक और फर्जी लाइसेंस खरीदा था। अकरम ने खुद अकबरनगर आकर उसे हथियार और लाइसेंस सौंपा था।

इस फर्जी लाइसेंस और बंदूक के दम पर गोपेश ने कई जगहों पर ऊंचे वेतन पर गार्ड की नौकरी भी की। उसने पुलिस को बताया कि वह देवघर मेडिकल कॉलेज में छह महीने और पसराहा के पास एक गोदाम में दो महीने तक गार्ड के तौर पर काम कर चुका है, जहां उसे 22 हजार रुपये मासिक वेतन मिलता था। शुक्रवार को भी वह साहिबगंज में नौकरी के सिलसिले में गया था, लेकिन बात नहीं बनने पर वह इंटरसिटी ट्रेन से वापस अपने घर बांका लौट रहा था, तभी भागलपुर जंक्शन पर पकड़ा गया। हाल ही में एक दुर्घटना में हाथ में चोट लगने के कारण वह कुछ समय से बेरोजगार था।

रेल एएसपी उमेश्वर चौधरी ने बताया कि यह गिरफ्तारी मादक पदार्थों और संदिग्ध गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है। पुलिस ने गिरफ्तार युवक गोपेश कुमार सिंह के बयान के आधार पर हथियार सप्लायर मोहम्मद अकरम के खिलाफ भी मामला दर्ज कर लिया है और उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि अकरम की गिरफ्तारी के बाद मुंगेर से संचालित होने वाले अवैध हथियार तस्करी के इस नेटवर्क से जुड़े कई और अहम राज सामने आ सकते हैं। बरामद हथियार और खोखे की भी जांच की जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि इसका इस्तेमाल पहले किसी आपराधिक वारदात में तो नहीं हुआ है।

Source: jagran

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The World Dispatch

Source: World News API