मुजफ्फरपुर जंक्शन पर बढ़ेंगी सुविधाएं, प्लेटफॉर्म विस्तार से 16 कोच ट्रेनों का रास्ता साफ
17 अप्रैल 2026
पटना के बाद उत्तर बिहार के सबसे बड़े मुजफ्फरपुर जंक्शन पर यात्री सुविधाओं के विस्तार का निर्णय लिया गया है। प्लेटफॉर्म संख्या सात व आठ की लंबाई बढ़ाई जाएगी ताकि 16 कोच वाली ट्रेनें आसानी से खड़ी हो सकें।
उत्तर बिहार के सबसे बड़े रेलवे स्टेशन, मुजफ्फरपुर जंक्शन पर यात्री सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। रेलवे प्रशासन ने प्लेटफॉर्म संख्या सात और आठ की लंबाई बढ़ाने का निर्णय लिया है, जिससे यहां 16 कोच वाली ट्रेनों का परिचालन संभव हो सकेगा। इस विस्तार कार्य के बाद जंक्शन पर लंबी दूरी की और अधिक क्षमता वाली ट्रेनों को आसानी से ठहराया जा सकेगा, जिससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। यह पहल पटना के बाद उत्तर बिहार के इस सबसे व्यस्त जंक्शन को आधुनिक बनाने और इसकी क्षमता में वृद्धि करने की एक बड़ी योजना का हिस्सा है।
वर्तमान में, मुजफ्फरपुर जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या सात और आठ पर केवल 12 कोच वाली पैसेंजर ट्रेनें ही खड़ी हो पाती हैं। इससे न केवल ट्रेनों के परिचालन में तकनीकी बाधाएं आती हैं, बल्कि कम कोच होने के कारण यात्रियों को भारी भीड़ का सामना भी करना पड़ता है। इसी समस्या को देखते हुए पूर्व मध्य रेल के उच्चाधिकारियों ने इन प्लेटफॉर्मों के विस्तार की पहल की है। पूर्व मध्य रेल के प्रधान मुख्य परिचालन प्रबंधक (पीसीओएम) द्वारा हाल ही में किए गए एक निरीक्षण के बाद स्थानीय रेल प्रशासन को इस संबंध में आदेश जारी किए गए हैं। प्रस्ताव के अनुसार, इन दोनों प्लेटफॉर्मों को कपलिंग वर्किंग केबिन (केवीसी) की ओर लगभग 30 मीटर तक बढ़ाया जाएगा, ताकि 16 कोच वाली लंबी डेमू और अन्य ट्रेनें सुगमता से रुक सकें।
इस प्लेटफॉर्म विस्तार का सीधा लाभ लाखों यात्रियों को मिलेगा। 16 कोच की ट्रेनों के चलने से अधिक यात्री एक साथ सफर कर पाएंगे, जिससे ट्रेनों में होने वाली भीड़भाड़ कम होगी। साथ ही, यात्रियों को ट्रेन पकड़ने के दौरान होने वाली आपाधापी से भी निजात मिलने की उम्मीद है। अधिकारियों का मानना है कि इस विस्तार से न केवल ट्रेनों की क्षमता बढ़ेगी, बल्कि जंक्शन पर ट्रेनों के प्रतीक्षा समय में भी कमी आएगी, जिससे समग्र परिचालन दक्षता में सुधार होगा। इस कार्य को पूरा करने के लिए इंजीनियरिंग विभाग को जल्द से जल्द सर्वेक्षण कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है ताकि काम को गति दी जा सके।
यह विकास कार्य मुजफ्फरपुर जंक्शन के वृहत्तर पुनर्विकास परियोजना का एक अंग है, जिसे अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत लगभग 442 करोड़ रुपये की लागत से विश्वस्तरीय बनाया जा रहा है। इस योजना के तहत स्टेशन पर एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, जिनमें नए स्टेशन भवन, प्रतीक्षालय, 14 लिफ्ट, छह एस्केलेटर और तीन नए फुट ओवर ब्रिज का निर्माण शामिल है। इसका उद्देश्य यात्रियों को एक आधुनिक, आरामदायक और सुगम यात्रा अनुभव प्रदान करना है। यह पूरी परियोजना सोनपुर रेल मंडल के अंतर्गत आती है, जो इस क्षेत्र में रेलवे के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रहा है।
मुजफ्फरपुर जंक्शन पर हो रहे इन सुधारों के अलावा, पास के नारायणपुर अनंत स्टेशन पर भी प्लेटफॉर्म का विस्तार किया जा रहा है, जिससे मालगाड़ियों और लंबी दूरी की यात्री ट्रेनों का परिचालन और भी सुगम होगा। यात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए रेलवे द्वारा उठाए गए ये कदम न केवल मुजफ्फरपुर बल्कि पूरे उत्तर बिहार की कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास के लिए मील का पत्थर साबित होंगे। इन परियोजनाओं के पूरा होने से यह क्षेत्र देश के बाकी हिस्सों से और बेहतर तरीके से जुड़ जाएगा।
Source: jagran