गर्मी का सितम... भोपाल में स्कूलों का समय बदला, जानिए कब से कब तक लगेंगी कक्षाएं

17 अप्रैल 2026

गर्मी का सितम... भोपाल में स्कूलों का समय बदला, जानिए कब से कब तक लगेंगी कक्षाएं

भोपाल में बढ़ती गर्मी के कारण जिला प्रशासन ने स्कूलों के समय में बदलाव किया है। अब सभी स्कूल सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक चलेंगे।

भोपाल में लगातार बढ़ रही गर्मी और लू के प्रकोप को देखते हुए जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए, भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने जिले के सभी स्कूलों के संचालन समय में बदलाव का आदेश जारी किया है। यह नया आदेश 18 अप्रैल से अगली सूचना तक प्रभावी रहेगा, जिसके तहत अब सभी कक्षाएं सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे के बीच ही संचालित की जाएंगी।

यह निर्णय मध्य प्रदेश में जारी भीषण गर्मी की लहर के बीच आया है, जहां कई जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में तापमान में और वृद्धि की संभावना जताई है, साथ ही प्रदेश के कई हिस्सों के लिए लू का अलर्ट भी जारी किया गया है। भोपाल में पिछले कुछ दिनों से तापमान लगातार 39 से 40 डिग्री के आसपास बना हुआ है, जिसके कारण दोपहर के समय बच्चों का स्कूल से आना-जाना मुश्किल और स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा हो गया था। प्रशासन ने इसी स्थिति का संज्ञान लेते हुए यह कदम उठाया है ताकि बच्चों को दोपहर की तेज धूप और गर्म हवाओं से बचाया जा सके।

कलेक्टर द्वारा जारी किया गया यह आदेश भोपाल जिले के अंतर्गत आने वाले सभी शासकीय, अशासकीय, सीबीएसई, आईसीएसई और शासन द्वारा मान्यता प्राप्त अन्य सभी बोर्ड के स्कूलों पर लागू होगा। इस निर्देश के तहत नर्सरी से लेकर कक्षा 12वीं तक की सभी कक्षाएं नए समय-सारणी के अनुसार ही चलेंगी। स्कूल प्रबंधन को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि दोपहर 12 बजे के बाद कोई भी शैक्षणिक गतिविधि संचालित न हो। इस फैसले का अभिभावकों ने स्वागत किया है, जो अपने बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित थे।

हालांकि, स्कूलों के समय में इस बदलाव का असर पहले से निर्धारित परीक्षाओं पर नहीं पड़ेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षाएं और अन्य आवश्यक कार्यक्रम अपने पूर्व निर्धारित समय पर ही आयोजित किए जाएंगे। इस बदलाव से स्कूल बसों के संचालन के समय और अभिभावकों की दिनचर्या में भी परिवर्तन आएगा, जिसके लिए उन्हें अब अपनी योजनाएं दोबारा बनानी होंगी। यह कदम न केवल भोपाल में बल्कि मध्य प्रदेश के कई अन्य जिलों जैसे ग्वालियर, छतरपुर, इंदौर और रायसेन में भी उठाया गया है, जहां स्थानीय प्रशासन ने इसी तरह के आदेश जारी किए हैं।

प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और मौसम के मिजाज को देखते हुए आगे के निर्णय लिए जाएंगे। यदि गर्मी का प्रकोप इसी तरह जारी रहता है, तो यह संभव है कि स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश की घोषणा समय से पहले कर दी जाए। फिलहाल, यह अस्थायी परिवर्तन छात्रों को गर्मी के सबसे तीव्र समय से बचाने के लिए एक आवश्यक और सामयिक उपाय है। स्वास्थ्य विभाग ने भी नागरिकों को सलाह दी है कि वे दोपहर के समय सीधे धूप के संपर्क में आने से बचें और शरीर में पानी की कमी न होने दें।

Source: jagran

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The World Dispatch

Source: World News API