ईवीएम सुरक्षा के लिए पुख्त प्रबंध, 87 स्ट्रांग रूम की सुरक्षा में तैनात रहेंगे केंद्रीय बल

17 अप्रैल 2026

ईवीएम सुरक्षा के लिए पुख्त प्रबंध, 87 स्ट्रांग रूम की सुरक्षा में तैनात रहेंगे केंद्रीय बल

चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में ईवीएम सुरक्षा के लिए अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। 87 स्ट्रांग रूम केंद्रीय बलों की निगरानी में रहेंगे, जहां 24 घंटे सीसीटीवी से नजर रखी जाएगी।

## ईवीएम सुरक्षा के लिए पुख्ता प्रबंध, 87 स्ट्रांग रूम की सुरक्षा में तैनात रहेंगे केंद्रीय बल

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव प्रक्रिया के महत्वपूर्ण चरण के तहत, मतदान के बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) की सुरक्षा के लिए चुनाव आयोग ने अभूतपूर्व प्रबंध किए हैं। स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लक्ष्य के साथ, राज्य भर में बनाए गए 87 स्ट्रांग रूम की सुरक्षा का जिम्मा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को सौंपा गया है। ये बल चौबीसों घंटे इन स्ट्रांग रूम की निगरानी करेंगे, ताकि चुनावी प्रक्रिया की शुचिता पर कोई आंच न आ सके और मतदाताओं का विश्वास बना रहे।

स्ट्रांग रूम वह सुरक्षित कक्ष होता है, जहां मतदान समाप्त होने के बाद ईवीएम और वीवीपैट मशीनों को मतगणना के दिन तक रखा जाता है। चुनाव आयोग की मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार, इन कमरों की सुरक्षा एक बहु-स्तरीय प्रणाली के तहत की जाती है। सबसे भीतरी परिधि की सुरक्षा केंद्रीय बलों द्वारा की जाती है, जबकि बाहरी घेरों पर राज्य सशस्त्र पुलिस बल तैनात रहते हैं। इन स्ट्रांग रूम में केवल एक ही प्रवेश द्वार होता है और इस पर डबल लॉक सिस्टम लगा होता है, जिसकी एक चाबी रिटर्निंग ऑफिसर के पास और दूसरी सहायक रिटर्निंग ऑफिसर के पास होती है। पूरी व्यवस्था की निगरानी के लिए 24 घंटे सीसीटीवी कवरेज भी सुनिश्चित की जाती है।

चुनाव प्रक्रिया में सभी हितधारकों का विश्वास बनाए रखना आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए, मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों और उनके प्रतिनिधियों को भी स्ट्रांग रूम की निगरानी करने की अनुमति दी गई है। वे स्ट्रांग रूम के बाहर बने निगरानी शिविरों से स्वयं सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रख सकते हैं, जिससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहती है। किसी भी प्रकार की आवाजाही का रिकॉर्ड रखने के लिए एक लॉग बुक भी बनाई जाती है, जिसमें स्ट्रांग रूम के पास आने-जाने वाले हर व्यक्ति का विवरण दर्ज किया जाता है।

विगत में विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा ईवीएम की सुरक्षा और विश्वसनीयता को लेकर चिंताएं जताई जाती रही हैं। इन चिंताओं के निवारण और चुनावी प्रक्रिया की अखंडता को प्रमाणित करने के लिए चुनाव आयोग लगातार कड़े कदम उठाता रहा है। केंद्रीय बलों की तैनाती इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसका उद्देश्य किसी भी प्रकार की हेरफेर या अनधिकृत पहुंच की आशंका को पूरी तरह से समाप्त करना है। यह कदम न केवल ईवीएम की भौतिक सुरक्षा सुनिश्चित करता है, बल्कि मतदाताओं और राजनीतिक दलों में पूरी चुनाव प्रक्रिया के प्रति विश्वास को भी मजबूत करता है।

अब इन 87 स्ट्रांग रूम में बंद ईवीएम मतगणना के दिन ही खोली जाएंगी। केंद्रीय बलों की यह कड़ी सुरक्षा मतगणना पूरी होने तक जारी रहेगी। इस दौरान किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को स्ट्रांग रूम के पास जाने की इजाजत नहीं होगी। चुनाव आयोग का यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए है कि जनादेश पूरी तरह से सुरक्षित रहे और चुनाव परिणाम बिना किसी विवाद के शांतिपूर्ण ढंग से घोषित किए जा सकें। इसके बाद ही पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की यह महत्वपूर्ण प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में पहुंचेगी।

Source: jagran

Publication

The World Dispatch

Source: World News API