हजारीबाग मुठभेड़ में 15 लाख का इनामी सहदेव महतो ढेर, चाईबासा जेल ब्रेक के बाद से था फरार

17 अप्रैल 2026

हजारीबाग मुठभेड़ में 15 लाख का इनामी सहदेव महतो ढेर, चाईबासा जेल ब्रेक के बाद से था फरार

हजारीबाग के केरेडारी में सुरक्षाबलों ने 15 लाख के इनामी माओवादी रीजनल कमांडर सहदेव महतो उर्फ अनुज को मार गिराया। वह 2014 के चाईबासा जेल ब्रेक से फरार था और उस पर 41 मामले दर्ज थे।

झारखंड के हजारीबाग जिले में सुरक्षाबलों को नक्सल विरोधी अभियान में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। शुक्रवार को केरेडारी थाना क्षेत्र के कोतीझरना-खपिया के जंगलों में हुई एक भीषण मुठभेड़ में चार कुख्यात नक्सली मारे गए। मारे गए नक्सलियों में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) का 15 लाख का इनामी रीजनल कमांडर सहदेव महतो उर्फ अनुज महतो भी शामिल है। सहदेव महतो दिसंबर 2014 में हुए चाईबासा जेल ब्रेक कांड के बाद से ही फरार चल रहा था और सुरक्षाबलों को लंबे समय से उसकी तलाश थी।

यह अभियान खुफिया सूचना के आधार पर चलाया गया था। सुरक्षाबलों को हजारीबाग और चतरा जिले की सीमा पर स्थित इन जंगलों में नक्सलियों के एक बड़े दस्ते के जुटने की सटीक जानकारी मिली थी। इसी सूचना पर झारखंड पुलिस, सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन और झारखंड जगुआर की संयुक्त टीम ने इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया। खुद को घिरा देख नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। घंटों तक चली जवाबी कार्रवाई में सुरक्षाबलों ने चार नक्सलियों को मार गिराया। मारे गए अन्य नक्सलियों में सहदेव की पत्नी नताशा, जो एक सब-जोनल कमेटी सदस्य थी, जोनल कमांडर रंजीत गंझू और एरिया कमांडर बुधन लोहरा शामिल हैं।

सहदेव महतो का मारा जाना झारखंड पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। वह कई वर्षों से नक्सली गतिविधियों में सक्रिय था और उसके खिलाफ पश्चिमी सिंहभूम, बोकारो, हजारीबाग और लातेहार समेत कई जिलों के थानों में हत्या, आगजनी और हिंसक वारदातों से जुड़े 41 मामले दर्ज थे। साल 2002 से ही वह नक्सली वारदातों में शामिल था। सहदेव महतो 9 दिसंबर 2014 को 16 अन्य माओवादियों के साथ चाईबासा जेल से भाग निकला था। इस जेल ब्रेक की घटना ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे, जिसके बाद से ही वह लगातार अपनी पहचान बदलकर नक्सली गतिविधियों को अंजाम दे रहा था।

इस सफल अभियान के बाद सुरक्षाबलों ने घटनास्थल पर सघन तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान मारे गए नक्सलियों के पास से दो एके-47 राइफल, एक इंसास राइफल और एक अमेरिकन राइफल समेत भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया। इसके अलावा, नक्सली साहित्य और दैनिक उपयोग की वस्तुएं भी मिली हैं। इस कार्रवाई को राज्य में नक्सलवाद को खत्म करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इस मुठभेड़ से क्षेत्र में माओवादी संगठन की कमर टूट गई है।

इस घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षाबलों द्वारा तलाशी अभियान तेज कर दिया गया है ताकि किसी भी अन्य नक्सली गतिविधि को रोका जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घायल नक्सलियों की भी तलाश की जा रही है और क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए अभियान जारी रहेगा। यह सफलता राज्य सरकार की उस नीति का भी परिणाम है जिसके तहत नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है और सुरक्षाबलों को लगातार आधुनिक संसाधनों से लैस किया जा रहा है।

Source: jagran

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The World Dispatch

Source: World News API