ऋषिकेश में सत्यनिष्ठ बनकर रह रहा था सनीउर रहमान, नेपाल के रास्ते भारत में घुसा था यह बांग्लादेशी

17 अप्रैल 2026

ऋषिकेश में सत्यनिष्ठ बनकर रह रहा था सनीउर रहमान, नेपाल के रास्ते भारत में घुसा था यह बांग्लादेशी

लक्ष्मणझूला, ऋषिकेश में एक बांग्लादेशी नागरिक सनीउर रहमान को नेपाल के रास्ते अवैध रूप से भारत में घुसने और फर्जी आधार कार्ड के साथ रहने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।

उत्तराखंड के ऋषिकेश में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अपनी पहचान छिपाकर रह रहे एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है। पौड़ी पुलिस ने 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत यह सफलता हासिल की। आरोपी की पहचान सनीउर रहमान के रूप में हुई है, जो पिछले कई वर्षों से सत्यनिष्ठ आर्य और सत्यसाधु बनकर एक हिंदू धर्मगुरु के वेश में रह रहा था। यह गिरफ्तारी उस समय हुई जब वह लक्ष्मणझूला क्षेत्र में एक प्रसिद्ध आश्रम में इंटरव्यू देने आया था और संयुक्त जांच दल को उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं।

पूछताछ में यह बात सामने आई कि सनीउर रहमान ने अपनी असलियत को छुपाने के लिए एक विस्तृत ताना-बाना बुना था। उसने न केवल अपना नाम बदलकर सत्यनिष्ठ आर्य रखा, बल्कि इसी नाम से एक फर्जी आधार कार्ड भी बनवा लिया था। इस नकली पहचान के सहारे वह धर्म और दर्शन पर प्रवचन देता था और कुछ टीवी चैनलों पर इंटरव्यू भी दे चुका था। एक धर्मगुरु का वेष धारण कर वह लंबे समय तक सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचकर तीर्थनगरी में अपनी जगह बनाने में कामयाब रहा, जिससे स्थानीय स्तर पर भी कोई उस पर शक नहीं कर पाया।

जांच में पता चला है कि मूल रूप से बांग्लादेश के फरीदपुर का रहने वाला ३९ वर्षीय सनीउर रहमान साल २०१६ में नेपाल के रास्ते अवैध रूप से भारत में दाखिल हुआ था। भारत आने के बाद वह वापस नहीं लौटा और यहीं बस गया। उसके पास से बरामद बांग्लादेशी पासपोर्ट की वैधता भी ২০১৮ में समाप्त हो चुकी थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि उसकी मंशा भारत में अवैध रूप से स्थायी तौर पर रहने की थी। नेपाल से भारत में अवैध घुसपैठ का यह मामला एक बार फिर इस सीमा पर सुरक्षा की चुनौतियों को उजागर करता है।

यह गिरफ्तारी १६ अप्रैल, २०२६ को रामझूला क्षेत्र में कोतवाली लक्ष्मणझूला पुलिस और अभिसूचना इकाई द्वारा चलाए जा रहे एक संयुक्त सत्यापन अभियान के दौरान हुई। टीम ने जब संदिग्ध लगने पर सनीउर को रोककर पूछताछ की, तो उसकी बातों में विरोधाभास पाया गया। गहन पूछताछ के बाद, उसने अपनी असली पहचान उजागर कर दी। पुलिस ने उसके कब्जे से फर्जी आधार कार्ड और समाप्त हो चुका बांग्लादेशी पासपोर्ट जब्त कर लिया है। यह कार्रवाई दिखाती है कि धार्मिक और पर्यटन स्थलों का उपयोग घुसपैठियों द्वारा छिपने के लिए किया जा सकता है।

आरोपी सनीउर रहमान के खिलाफ विदेशी अधिनियम और धोखाधड़ी सहित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की गहन जांच जारी है। सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि उसका मकसद केवल अवैध रूप से रहना था या वह किसी बड़े नेटवर्क या राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में शामिल था। उससे पूछताछ में फर्जी दस्तावेज तैयार करने में मदद करने वाले लोगों और उसके संभावित साथियों के बारे में भी जानकारी मिलने की उम्मीद है। यह घटना सीमा पार से होने वाली अवैध घुसपैठ और फर्जी पहचान के सहारे देश में रहने वालों के खिलाफ निरंतर सतर्कता की आवश्यकता को रेखांकित करती है।

Source: jagran

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The World Dispatch

Source: World News API