कौन है अंग्रेजी में 100 में से 100 मार्क्स लाने वाली लड़की? CBSE 10वीं के रिजल्ट में कर दिया कमाल
17 अप्रैल 2026
माउंटफोर्ट इंटर कॉलेज की छात्रा समृद्धि कुंवर ने सीबीएसई हाईस्कूल परीक्षा में अंग्रेजी साहित्य में 100% अंक प्राप्त कर जिले और मंडल का नाम रोशन किया है।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा घोषित किए गए 10वीं के नतीजों में इस साल भी विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। देशभर में कई छात्रों ने विभिन्न विषयों में बेहतरीन अंक हासिल किए हैं, लेकिन कुछ विद्यार्थियों ने 100 प्रतिशत अंक लाकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इन्हीं में से एक हैं ओडिशा के पुरी की रहने वाली टीना रथ, जिन्होंने अपनी लगन और मेहनत से 500 में से 500 अंक प्राप्त किए हैं। उनकी इस असाधारण उपलब्धि ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का केंद्र बना दिया है, खासकर अंग्रेजी विषय में पूरे 100 अंक लाना उनकी भाषाई निपुणता को दर्शाता है।
टीना की सफलता सिर्फ एक अकादमिक जीत नहीं है, बल्कि यह निरंतर प्रयास और समर्पण की कहानी है। उन्होंने सभी पांच मुख्य विषयों में शत-प्रतिशत अंक हासिल कर यह साबित कर दिया है कि किसी भी लक्ष्य को पाना असंभव नहीं है। उनकी इस कामयाबी के पीछे उनके शिक्षकों का मार्गदर्शन और परिवार का अटूट समर्थन रहा है। सीबीएसई की परीक्षाओं में, जहाँ हर एक अंक के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा होती है, वहां अंग्रेजी जैसे विषय में 100 में से 100 अंक प्राप्त करना विशेष रूप से उल्लेखनीय है। यह उपलब्धि न केवल उनकी व्याकरण और साहित्य की गहरी समझ को प्रमाणित करती है, बल्कि रचनात्मक लेखन में भी उनकी उत्कृष्टता को दर्शाती है।
इस वर्ष के सीबीएसई 10वीं के नतीजों में कई अन्य छात्रों ने भी असाधारण प्रदर्शन किया है। गाजियाबाद के दक्ष वासुदेव, गुरुग्राम के तनय श्रीवास्तव और फरीदाबाद की आशना खुराना जैसे कई विद्यार्थियों ने 100 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। तनय श्रीवास्तव ने भी अंग्रेजी, गणित और विज्ञान जैसे विषयों में 100 अंक प्राप्त किए। इन उत्कृष्ट प्रदर्शनों के बावजूद, बोर्ड ने छात्रों पर पड़ने वाले अनावश्यक दबाव को कम करने के लिए आधिकारिक तौर पर कोई मेरिट सूची जारी नहीं की है। यह कदम छात्रों को अंकों की दौड़ से हटाकर समग्र शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रोत्साहित करने की एक बड़ी पहल का हिस्सा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंग्रेजी जैसे वैश्विक भाषा में पूर्ण अंक प्राप्त करना छात्रों के लिए भविष्य में उच्च शिक्षा और करियर के कई नए रास्ते खोलता है। यह न केवल बेहतर संचार कौशल का प्रमाण है, बल्कि यह भी दिखाता है कि छात्र जटिल विचारों को समझने और उन्हें प्रभावी ढंग से व्यक्त करने में सक्षम है। टीना रथ की यह उपलब्धि अन्य लाखों छात्रों के लिए एक प्रेरणा स्रोत बन गई है जो आने वाले वर्षों में बोर्ड की परीक्षाओं में शामिल होंगे। यह सफलता दर्शाती है कि सही मार्गदर्शन और कड़ी मेहनत से किसी भी विषय की ऊंचाइयों को छुआ जा सकता है।
आने वाले समय में, यह देखना दिलचस्प होगा कि ये प्रतिभाशाली युवा अपने चुने हुए क्षेत्रों में कैसे उत्कृष्टता प्राप्त करते हैं। टीना और उनके जैसे अन्य टॉपर्स ने अकादमिक उत्कृष्टता का एक नया मानक स्थापित किया है। उनकी सफलता इस बात का प्रमाण है कि भारतीय शिक्षा प्रणाली ऐसे छात्रों को तैयार कर रही है जो न केवल राष्ट्रीय स्तर पर बल्कि वैश्विक मंच पर भी प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार हैं। इन युवाओं की यात्रा अभी शुरू हुई है और उनकी उपलब्धियाँ भविष्य के भारत की एक उज्ज्वल तस्वीर पेश करती हैं।
Source: jagran