दराट के वार से टूटी थी सिया की गर्दन, 11 जगहों पर दिखे हमले के निशान; पोस्टमार्टम रिपोर्ट में और क्या सामने आया?
17 अप्रैल 2026
सरकाघाट के सिया हत्याकांड की पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने मौत का कारण स्पष्ट कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, 19 वर्षीय सिया की मौत गर्दन की हड्डी कटने और अत्यधिक रक्तस्राव से हुई। आरोपी विकास पटियाल ने दराट से इतने जोरदार वार किए कि गर्दन की हड्डी कट गई।
सरकाघाट की सिया हत्याकांड में सामने आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, १९ वर्षीय सिया की मौत का कारण दराट के जोरदार प्रहार से गर्दन की हड्डी का टूटना और अत्यधिक रक्तस्राव था। हमला इतना बर्बर था कि सिया के शरीर पर कुल ११ जगहों पर हमले के निशान पाए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, अकेले गर्दन पर ही तेजधार हथियार से आठ बार वार किया गया, जबकि उसकी कलाई पर भी तीन से चार गहरे घाव थे। इस क्रूर हमले ने पीड़िता को संभलने या मदद के लिए पुकारने का कोई मौका नहीं दिया, जिसके परिणामस्वरूप मौके पर ही उसकी दर्दनाक मृत्यु हो गई।
यह भयावह घटना उस समय घटी जब नैण गांव की रहने वाली कॉलेज छात्रा सिया गुलेरिया अपने घर से कॉलेज के लिए निकली थी। घर से कुछ ही दूरी पर आरोपी विकास पटियाल ने कथित तौर पर दराट से उस पर हमला कर दिया। सिया की चीख सुनकर पास के घर से एक महिला बाहर निकली, लेकिन तब तक आरोपी मौके से फरार हो चुका था। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में भय और शोक का माहौल बना दिया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी विकास को गिरफ्तार कर लिया, जो अब पुलिस रिमांड पर है।
पुलिस की शुरुआती जांच और आरोपी से पूछताछ में यह बात सामने आई है कि उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। हालांकि, हत्या का मकसद अभी भी स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस इसे फिलहाल एकतरफा या सनक में किया गया हमला मानकर चल रही है, क्योंकि जांच में आरोपी और सिया के बीच किसी भी तरह के संबंध या पुरानी रंजिश का कोई सबूत नहीं मिला है। पुलिस ने मामले से जुड़े ग्यारह से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए हैं और सीसीटीवी फुटेज की भी जांच कर रही है ताकि घटना की पूरी कड़ी को जोड़ा जा सके।
आरोपी विकास पटियाल के बारे में यह भी पता चला है कि वह झगड़ालू प्रवृत्ति का है और पहले भी अपने माता-पिता के साथ मारपीट कर चुका है। वहीं दूसरी ओर, सिया एक होनहार और बेदाग छवि वाली छात्रा थी, जिसका किसी से कोई विवाद नहीं था। इस घटना ने समाज के सामने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों, महिला संगठनों और सिया के परिवार ने आरोपी के लिए फांसी की सजा की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह के जघन्य अपराधों की पुनरावृत्ति न हो।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, पुलिस हर पहलू की गहनता से जांच कर रही है। आरोपी को कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत में पेश किया गया था, जहां से उसे आगे की पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस वारदात में आरोपी के साथ कोई और भी शामिल था। फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए नमूनों की रिपोर्ट और पुलिस की आगे की पूछताछ से ही इस हत्याकांड के पीछे की पूरी सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।
Source: jagran