HCS प्रिलिम्स का काउंटडाउन शुरू... 337 केंद्रों पर 93,696 अभ्यर्थी देंगे परीक्षा, आईएएस-एचसीएस करेंगे कड़ी निगरानी

17 अप्रैल 2026

HCS प्रिलिम्स का काउंटडाउन शुरू... 337 केंद्रों पर 93,696 अभ्यर्थी देंगे परीक्षा, आईएएस-एचसीएस करेंगे कड़ी निगरानी

हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने 26 अप्रैल को होने वाली HCS प्रारंभिक परीक्षा 2025 की तैयारियों की समीक्षा की। 93,696 अभ्यर्थी आठ जिलों के 337 केंद्रों पर परीक्षा देंगे।

हरियाणा में प्रशासनिक सेवाओं के लिए होने वाली प्रतिष्ठित हरियाणा सिविल सेवा (एचसीएस) प्रारंभिक परीक्षा के लिए उल्टी गिनती शुरू हो गई है। प्रदेश भर में कुल 93,696 अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल होंगे, जिसके लिए आठ जिलों में 337 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) द्वारा आयोजित यह परीक्षा राज्य की प्रशासनिक मशीनरी में शामिल होने का एक महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार है, और इसकी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने व्यापक और कड़े इंतजाम किए हैं।

परीक्षा प्रक्रिया की शुचिता सुनिश्चित करने के लिए इस बार विशेष निगरानी व्यवस्था लागू की गई है। प्रत्येक जिले में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) और हरियाणा सिविल सेवा (एचसीएस) के वरिष्ठ अधिकारियों को नोडल अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है। इनकी जिम्मेदारी स्ट्रांग रूम के प्रबंधन से लेकर प्रश्न पत्रों के वितरण और परीक्षा के बाद उत्तर पुस्तिकाओं को सुरक्षित रूप से आयोग के मुख्यालय तक पहुंचाने की होगी। परीक्षा केंद्रों पर किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोकने के लिए सीसीटीवी कैमरों से निरंतर निगरानी, आधार-आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण और अभ्यर्थियों की सघन तलाशी जैसे कड़े कदम उठाए जाएंगे। साथ ही, परीक्षा केंद्रों के आसपास धारा 144 लागू करने और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

हरियाणा सिविल सेवा परीक्षा राज्य में ग्रुप-A और ग्रुप-B के विभिन्न प्रतिष्ठित पदों जैसे कि एसडीएम, डीएसपी, और अन्य संबद्ध सेवाओं में भर्ती के लिए आयोजित की जाती है। यह परीक्षा तीन चरणों वाली प्रक्रिया है, जिसमें प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और अंत में व्यक्तिगत साक्षात्कार शामिल है। प्रारंभिक परीक्षा केवल एक स्क्रीनिंग टेस्ट है, जिसमें सफल होने वाले उम्मीदवार ही मुख्य परीक्षा के लिए पात्र होते हैं। इस परीक्षा का परिणाम केवल सामान्य अध्ययन के पेपर में प्राप्त अंकों के आधार पर घोषित किया जाता है, बशर्ते उम्मीदवार ने सीसैट पेपर में न्यूनतम 33% अर्हक अंक प्राप्त किए हों।

यह परीक्षा उन हजारों युवाओं के लिए भविष्य का निर्णायक मोड़ है, जिन्होंने महीनों और वर्षों तक इसके लिए तैयारी की है। परीक्षा दो सत्रों में आयोजित होगी, जिसमें सुबह का सत्र सामान्य अध्ययन और दोपहर का सत्र सिविल सर्विसेज एप्टीट्यूड टेस्ट (सीसैट) का होगा। परीक्षा के लिए अंबाला, फरीदाबाद, गुरुग्राम, करनाल, कुरुक्षेत्र, पानीपत, यमुनानगर और पंचकूला में केंद्र बनाए गए हैं। प्रशासन का लक्ष्य केवल परीक्षा का सफल आयोजन ही नहीं, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना है कि कोई भी योग्य उम्मीदवार तकनीकी या प्रशासनिक खामियों के कारण अवसर से वंचित न रह जाए।

प्रारंभिक परीक्षा के सफल आयोजन के बाद, आयोग का ध्यान उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन और परिणाम की घोषणा पर केंद्रित होगा। इसके बाद, सफल उम्मीदवार मुख्य परीक्षा की तैयारी में जुट जाएंगे। मुख्य परीक्षा वर्णनात्मक (descriptive) होती है और इसमें उम्मीदवारों के गहन ज्ञान और विश्लेषणात्मक क्षमता का परीक्षण किया जाता है। मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार में प्राप्त अंकों के आधार पर अंतिम चयन सूची तैयार की जाती है। प्रशासन की ओर से की गई चाक-चौबंद व्यवस्था से यह उम्मीद की जा रही है कि परीक्षा शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न होगी, जिससे योग्य उम्मीदवारों को राज्य की सेवा करने का अवसर मिलेगा।

Source: jagran

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The World Dispatch

Source: World News API