होरमुज़ जलडमरूमध्य के खुलते ही एक अकेले क्रूज लाइनर ने उसे पार किया

17 अप्रैल 2026

होरमुज़ जलडमरूमध्य के खुलते ही एक अकेले क्रूज लाइनर ने उसे पार किया

सेलेस्टियल डिस्कवरी नाम का यह क्रूज जहाज 47 दिनों से फंसा हुआ था। यह मध्य पूर्व में फैली हिंसा के कारण हुआ था।

एक अकेला क्रूज लाइनर फारस की खाड़ी में तनाव कम होने का प्रतीक बन गया है। यह जहाज होरमुज़ जलडमरूमध्य के दोबारा खुलने के कुछ ही पलों बाद वहां से गुजरा। माल्टा का झंडा लगे इस जहाज का नाम सेलेस्टियल डिस्कवरी है। यह मार्च की शुरुआत से ही खाड़ी में लंगर डाले खड़ा था। यह इस रास्ते से गुजरने वाला पहला व्यावसायिक जहाज है। हफ्तों से चले आ रहे सैन्य तनाव के बाद यह एक बड़ी, लेकिन नाजुक सफलता है। इस तनाव ने वैश्विक व्यापार को रोक दिया था। यह जहाज एक ग्रीक कंपनी का है। खबरों के मुताबिक, इस पर कोई यात्री सवार नहीं था। माना जा रहा है कि यह ओमान जा रहा है।

जहाज का यह सफर ईरान की एक घोषणा के बाद हुआ है। ईरान ने कहा था कि वह इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच अस्थायी युद्धविराम के दौरान व्यावसायिक जहाजों को जलडमरूमध्य से गुजरने देगा। यह एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रास्ता है। दुनिया का लगभग एक चौथाई समुद्री तेल व्यापार इसी रास्ते से होता है। इसे फरवरी के अंत में बंद कर दिया गया था। यह बंदी ईरान की जवाबी कार्रवाई थी। अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया था, जिसके जवाब में ईरान ने यह कदम उठाया। इस वजह से इलाके में करीब 2,000 जहाज फंस गए। इससे दुनिया भर में ऊर्जा की कीमतों में भारी उछाल आया और अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन बाधित हो गई।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस रास्ते के दोबारा खुलने की पुष्टि की। उन्होंने ऐलान किया कि जलडमरूमध्य "पूरी तरह से खुला" है। हालांकि, उन्होंने यह भी शर्त रखी कि ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी जारी रहेगी। यह नाकाबंदी एक व्यापक समझौते तक लागू रहेगी। अमेरिका के इस लगातार दबाव ने एक जटिल और अनिश्चित स्थिति पैदा कर दी है। ईरानी अधिकारियों ने पहले ही चेतावनी दी है कि जलडमरूमध्य से आवाजाही सशर्त है। उन्होंने कहा कि अगर उनके बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकाबंदी जारी रही तो यह रास्ता फिर से बंद किया जा सकता है। इस तरह इस अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग का भविष्य बड़ी भू-राजनीतिक वार्ताओं से जुड़ गया है।

इस बंदी का गंभीर आर्थिक असर पड़ा। चार साल में पहली बार तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली गईं। लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) और उर्वरक जैसी अन्य जरूरी चीजों की सप्लाई भी बाधित हुई। इस रुकावट के कारण कई दूसरे क्रूज जहाज भी फंस गए थे। इनमें सेलेस्टियल जर्नी और मीन शिफ 5 शामिल हैं। खबरें हैं कि हफ्तों तक फंसे रहने के बाद अब ये जहाज भी खाड़ी से निकलने की तैयारी कर रहे हैं। इस संकट के कारण कई क्रूज कंपनियों को अपनी यात्राएं रद्द करनी पड़ीं। उन्हें अपनी वसंत और गर्मियों की समय-सारणी में भी बदलाव करना पड़ा।

जैसे ही सेलेस्टियल डिस्कवरी ओमान की खाड़ी की ओर बढ़ रहा है, अंतरराष्ट्रीय समुदाय में चिंता बनी हुई है। यूरोपीय नेताओं ने इस रास्ते को बिना शर्त और स्थायी रूप से खोलने की मांग की है। उन्होंने भविष्य में शिपिंग मार्गों की सुरक्षा के लिए एक बहुराष्ट्रीय समुद्री मिशन का प्रस्ताव भी रखा है। होरमुज़ जलडमरूमध्य से आवाजाही का तत्काल भविष्य नाजुक युद्धविराम पर टिका है। यह अमेरिका और ईरान के बीच चल रही उच्च-स्तरीय कूटनीति पर भी निर्भर करता है। भले ही एक अकेले क्रूज जहाज के गुजरने से हालात सामान्य होने की एक किरण दिखी है, लेकिन असलियत में सैन्य और राजनीतिक तनाव अभी भी बना हुआ है। इसका मतलब है कि यह जलमार्ग और वैश्विक अर्थव्यवस्था, दोनों के लिए ही स्थिति अभी शांत नहीं है।

Source: express

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The World Dispatch

Source: World News API