लखनऊ में चला प्रशासन का बुलडोजर, एक ही दिन में 7.75 करोड़ की सरकारी जमीन से हटाया कब्जा

17 अप्रैल 2026

लखनऊ में चला प्रशासन का बुलडोजर, एक ही दिन में 7.75 करोड़ की सरकारी जमीन से हटाया कब्जा

नगर आयुक्त गौरव कुमार के निर्देश पर सरोजनीनगर, लखनऊ में अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई। प्रशासन और नगर निगम की टीम ने दो गांवों से कुल 7.75 करोड़ रुपये की सरकारी जमीन कब्जा मुक्त कराई।

लखनऊ में भू-माफिया और अवैध अतिक्रमण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत प्रशासन ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार को जिला प्रशासन और लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की संयुक्त टीम ने शहर के विभिन्न हिस्सों में अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाया। इस एक दिवसीय अभियान में लगभग 7.75 करोड़ रुपये की सरकारी भूमि को सफलतापूर्वक कब्जा मुक्त कराया गया। यह कार्रवाई सरकार की उस नीति का हिस्सा है, जिसके तहत सरकारी संपत्तियों पर किसी भी प्रकार के अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान भविष्य में भी इसी सख्ती के साथ जारी रहेगा।

यह कार्रवाई उस व्यापक अभियान का एक हिस्सा है जो पिछले कुछ महीनों से लखनऊ में गति पकड़े हुए है। प्रशासन लगातार भू-माफियाओं द्वारा अवैध रूप से विकसित की जा रही कॉलोनियों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को निशाना बना रहा है। इससे पहले भी, सरोजनीनगर, किसान पथ, और चिनहट जैसे इलाकों में करोड़ों रुपये की सरकारी जमीनों को खाली कराया जा चुका है। प्रशासन का कहना है कि इन कार्रवाइयों का उद्देश्य न केवल सरकारी भूमि को पुनः प्राप्त करना है, बल्कि शहर में अनियोजित विकास को रोकना और कानून का राज स्थापित करना भी है। ये अभियान अक्सर न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में किए जाते हैं, जैसा कि हाल ही में न्यू हैदराबाद और एक अन्य मामले में देखने को मिला था।

इस तरह की कार्रवाइयों के पीछे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट निर्देश है कि प्रदेश में भू-माफिया के लिए कोई जगह नहीं है और सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाए। सरकार का दावा है कि इस "बुलडोजर मॉडल" से अपराध और माफिया नेटवर्क को कमजोर करने में मदद मिली है। प्रशासन की टीमें पहले अवैध निर्माणों की पहचान करती हैं, कानूनी प्रक्रिया पूरी करती हैं और फिर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को अंजाम देती हैं। हालांकि, इन अभियानों का असर उन लोगों पर भी पड़ता है, जो जाने-अनजाने में इन अवैध कॉलोनियों में संपत्तियां खरीद लेते हैं।

हाल के दिनों में एलडीए ने गोमती नगर विस्तार जैसे पॉश इलाके में भी अवैध रूप से संचालित एक मैरिज लॉन को ध्वस्त किया था, जिसकी कीमत करोड़ों में आंकी गई थी। इन कार्रवाइयों के दौरान प्रशासनिक टीमों को कभी-कभी स्थानीय विरोध का भी सामना करना पड़ता है। कुछ सप्ताह पहले बक्कास गांव में एक ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान एलडीए की टीम पर पथराव की घटना भी हुई थी, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के विरोध के बावजूद अभियान नहीं रुकेगा।

प्रशासन के इस कड़े रुख से यह संदेश साफ है कि लखनऊ में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा अब आसान नहीं होगा। भविष्य में, खाली कराई गई इन जमीनों का उपयोग सार्वजनिक योजनाओं, जैसे कि पार्क, सड़कें और अन्य सरकारी परियोजनाओं के लिए किए जाने की संभावना है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि शहर में किसी भी अवैध प्लाटिंग या निर्माण की अनुमति नहीं दी जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि शहर का व्यवस्थित विकास सुनिश्चित हो सके।

Source: jagran

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The World Dispatch

Source: World News API