200 करोड़ मनी लॉन्ड्रिंग केस: जैकलीन फर्नांडिस ने सरकारी गवाह बनने की दी अर्जी, ईडी से मांगा जवाब

17 अप्रैल 2026

200 करोड़ मनी लॉन्ड्रिंग केस: जैकलीन फर्नांडिस ने सरकारी गवाह बनने की दी अर्जी, ईडी से मांगा जवाब

अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस ने 200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सरकारी गवाह बनने की अर्जी दी है। पटियाला हाउस कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से इस पर जवाब मांगा है, जिसकी अगली सुनवाई 20 अप्रैल को होगी।

अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस ने महाठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक महत्वपूर्ण कानूनी कदम उठाया है। उन्होंने दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में एक अर्जी दाखिल कर सरकारी गवाह बनने की इच्छा जताई है। इस अप्रत्याशित कदम के बाद, अदालत ने मामले की जांच कर रही एजेंसी, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अदालत अब इस मामले पर 20 अप्रैल को अगली सुनवाई करेगी, जिसमें ईडी के जवाब पर गौर किया जाएगा।

यह मामला कॉनमैन सुकेश चंद्रशेखर द्वारा की गई 200 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और जबरन वसूली से जुड़ा है। चंद्रशेखर पर आरोप है कि उसने जेल में रहते हुए रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर शिविंदर सिंह की पत्नी अदिति सिंह से संपर्क साधा। खुद को एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी बताकर, सुकेश ने अदिति को उनके पति की जमानत कराने का झांसा दिया और इस बहाने उनसे 200 करोड़ रुपये की उगाही कर ली। जांच के दौरान इस मामले के तार बॉलीवुड तक पहुंचे और अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस का नाम सामने आया। ईडी ने अपनी पूरक चार्जशीट में जैकलीन को भी आरोपी बनाया था।

प्रवर्तन निदेशालय ने अपनी जांच में पाया कि सुकेश ने अपराध से कमाए गए पैसों का एक बड़ा हिस्सा जैकलीन फर्नांडिस को दिए गए महंगे तोहफों पर खर्च किया था, जिनकी कीमत करोड़ों में थी। इसके बाद ईडी ने जैकलीन से कई बार पूछताछ की और उन्हें मामले में आरोपी के रूप में नामित किया। हालांकि, जैकलीन ने लगातार यह दलील दी है कि वह सुकेश की आपराधिक पृष्ठभूमि से अनजान थीं और खुद उसकी धोखाधड़ी की शिकार हुई हैं। उनका कहना है कि सुकेश ने अपनी असली पहचान छिपाकर उन्हें गुमराह किया था। अब सरकारी गवाह बनने की उनकी अर्जी को उनकी कानूनी रणनीति में एक बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।

सरकारी गवाह बनने की याचिका स्वीकार होने के दूरगामी परिणाम हो सकते हैं। यदि अदालत और जांच एजेंसी उनकी याचिका स्वीकार कर लेती हैं, तो जैकलीन को मामले से जुड़ी सभी जानकारियों का पूरी सच्चाई के साथ खुलासा करना होगा। इस सहयोग के बदले में, उन्हें मामले में माफी या सजा में राहत मिल सकती है। अभियोजन पक्ष के लिए, उनका बयान मुख्य आरोपी सुकेश चंद्रशेखर के खिलाफ मामले को और मजबूत कर सकता है और इस आपराधिक साजिश की और परतें खोल सकता है। यह कदम मामले के मुकदमे को एक नई दिशा दे सकता है, जो अभी आरोप तय करने के चरण में है।

अब सभी की निगाहें प्रवर्तन निदेशालय के जवाब और अदालत के अंतिम फैसले पर टिकी हैं। ईडी जैकलीन की अर्जी का समर्थन कर सकती है या उसका विरोध कर सकती है, और उनका रुख अदालत के निर्णय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। अगर जैकलीन को सरकारी गवाह बनने की अनुमति मिलती है, तो यह सुकेश चंद्रशेखर के लिए एक बड़ा झटका होगा और इस हाई-प्रोफाइल मामले में कई नए खुलासे हो सकते हैं। यदि उनकी अर्जी खारिज हो जाती है, तो उन्हें एक आरोपी के रूप में मुकदमे का सामना करना पड़ेगा।

Source: jagran

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The World Dispatch

Source: World News API