ईरान ने होरमुज़ स्ट्रेट को खुला बताया, तेल की कीमतों में भारी गिरावट

17 अप्रैल 2026

ईरान ने होरमुज़ स्ट्रेट को खुला बताया, तेल की कीमतों में भारी गिरावट

ईरान ने कहा है कि होरमुज़ स्ट्रेट खुला है, जिससे तेल के दाम गिर गए हैं। सप्लाई का डर कम हुआ है, लेकिन बाज़ार में अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है।

शुक्रवार को वैश्विक तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई। यह गिरावट ईरान के विदेश मंत्री, अब्बास अराघची, की उस घोषणा के बाद हुई जिसमें उन्होंने कहा कि होरमुज़ जलडमरूमध्य व्यावसायिक जहाज़ों के लिए "पूरी तरह से खुला" है। इस ऐलान से ऊर्जा बाज़ारों को तत्काल राहत मिली है, जो हफ्तों से तनाव में थे। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत 9% से ज़्यादा गिरकर लगभग 90.38 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई, जबकि अमेरिकी क्रूड में भी ऐसी ही गिरावट देखी गई। यह गिरावट उस दौर के बाद आई है जब कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया था और दाम लगभग 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गए थे।

अराघची ने यह बयान सोशल मीडिया के ज़रिए दिया। उन्होंने इस महत्वपूर्ण जलमार्ग के खुलने को अमेरिका की मध्यस्थता वाले एक नाज़ुक युद्धविराम से जोड़ा, जो हाल ही में इज़राइल और लेबनान के बीच लागू हुआ है। विदेश मंत्री ने कहा कि युद्धविराम की अवधि के दौरान सभी व्यावसायिक जहाज़ों के लिए रास्ता खुला रहेगा, बशर्ते वे पहले से बताए गए एक तय रास्ते का पालन करें। यह घटनाक्रम स्ट्रेट में पांच हफ्तों से ज़्यादा की गंभीर रुकावट के बाद आया है। यह स्ट्रेट दुनिया की लगभग पांचवें हिस्से की तेल सप्लाई के लिए एक अहम रास्ता है। यहां रुकावट 28 फरवरी को ईरान और अमेरिका-इज़राइल गठबंधन के बीच संघर्ष शुरू होने के बाद हुई थी।

इस घोषणा पर वैश्विक शक्तियों ने सतर्क आशावाद और दृढ़ता के साथ मिली-जुली प्रतिक्रिया दी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के इस कदम का स्वागत किया। लेकिन उन्होंने साफ किया कि ईरानी बंदरगाहों और जहाज़ों को निशाना बनाने वाली अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी पूरी तरह से लागू रहेगी, जब तक कि तेहरान के साथ कोई व्यापक समझौता नहीं हो जाता। वहीं, यूरोपीय नेताओं ने इसे सही दिशा में एक कदम बताया। इनमें ब्रिटेन और फ्रांस के प्रमुख भी शामिल थे, जो इस संकट पर एक शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने एक स्थायी समाधान और समुद्री कानून का पूरी तरह से सम्मान करने की अपील की। ये कूटनीतिक प्रतिक्रियाएं उस जटिल बातचीत को उजागर करती हैं जो बड़े संघर्ष को कम करने के लिए पर्दे के पीछे चल रही है।

हालांकि, यह अनिश्चित है कि यह रास्ता कितने समय तक खुला रहेगा, क्योंकि ईरान के अंदर से ही विरोधाभासी संकेत मिल रहे हैं। विदेश मंत्री की घोषणा के तुरंत बाद, ईरान के संसदीय अध्यक्ष, मोहम्मद बघेर ग़लीबाफ़ ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिकी नाकाबंदी जारी रही तो स्ट्रेट खुला नहीं रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि रास्ते का फैसला "मैदान में होगा, सोशल मीडिया पर नहीं," जिससे यह संकेत मिलता है कि ईरान की सेना का ही अंतिम नियंत्रण है और स्थिति अभी तक सुलझी नहीं है। यह लेबनान में युद्धविराम और चल रही बातचीत के बावजूद बने गहरे तनाव को दिखाता है।

फिलहाल, वैश्विक अर्थव्यवस्था कीमतों में आई इस अचानक गिरावट के प्रभाव को समझ रही है। हफ्तों की रुकावट के कारण लॉजिस्टिक्स में काफ़ी दिक्कतें आई थीं और शिपिंग कंपनियां अभी भी बने हुए जोखिमों को लेकर सतर्क हैं। स्ट्रेट के खुलने की शर्त एक अस्थायी युद्धविराम से जुड़ी है, इसलिए ऊर्जा बाज़ार और अंतरराष्ट्रीय हितधारक इस क्षेत्र पर गहरी नज़र बनाए हुए हैं। आगे के कदम लेबनान में संघर्ष विराम की अवधि और उन उच्च-स्तरीय वार्ताओं के नतीजे पर निर्भर करेंगे, जिनका उद्देश्य उस संघर्ष को फिर से शुरू होने से रोकना है जिसने वैश्विक अर्थव्यवस्था को हिलाकर रख दिया था।

Source: business-standard

Publication

The World Dispatch

Source: World News API