सौतेले पिता और कुत्ते की हत्या करने वाले लड़के के पास मिली डरावनी 'किल लिस्ट'
17 अप्रैल 2026
लोगन प्रॉक्टर नाम के लड़के को उम्रकैद की सज़ा हुई है। उसने अपने सौतेले पिता क्रिस्टोफर ओवेन और पालतू कुत्ते पॉपी की हत्या कर दी थी। उसे कम से कम 20 साल और 10 महीने जेल में रहना होगा।
एक पूर्व कॉलेज छात्र को उम्रकैद की सज़ा सुनाई गई है। उसने अपने सौतेले पिता और पालतू कुत्ते की बेरहमी से हत्या कर दी थी। अदालत में बताया गया कि उसने 'खास' महसूस करने की इच्छा के कारण यह अपराध किया। 20 साल के लोगन प्रॉक्टर ने पिछले साल 22 अक्टूबर की शाम को यह भयानक हमला किया था। तब वह 19 साल का था। उसने डर्बीशायर के शायरब्रुक में अपने घर पर 57 वर्षीय क्रिस्टोफर ओवेन पर चाकू से 70 से ज़्यादा वार किए। इस हमले में परिवार के जैक रसेल कुत्ते, पॉपी की भी मौत हो गई, जिसे 15 बार चाकू मारा गया था।
डर्बी क्राउन कोर्ट में सज़ा सुनाए जाने के दौरान यह खुलासा हुआ। हत्याओं का मकसद कोई विवाद या उकसावा नहीं था, बल्कि एक डरावना रोमांच था। प्रॉक्टर ने हत्या का जुर्म कबूल कर लिया था। उसने चाकू और समुराई तलवारों का एक कलेक्शन बना रखा था। हत्याओं के बाद, उसने 'बेहद शांति' से 999 पर कॉल किया। उसके मोबाइल फोन की जांच में कई 'किल लिस्ट' मिलीं, जो उसने बनाई थीं। इन सूचियों में उसकी ज़िंदगी से जुड़े लोगों के नाम थे, जिन्हें 'घर,' 'काम,' और 'कॉलेज' जैसी कैटेगरी में बांटा गया था। 'घर' वाली लिस्ट में उसकी माँ और परिवार का एक और सदस्य शामिल था, लेकिन लिस्ट में सबसे ऊपर उसके सौतेले पिता 'क्रिस' का नाम था।
अदालत को बताया गया कि प्रॉक्टर ने अपने सौतेले पिता पर लगातार हमले के लिए दो चाकुओं का इस्तेमाल किया। जज शॉन स्मिथ केसी ने इन हत्याओं को 'बेरहम, लगातार और भयानक' बताया। उन्होंने कहा, "किसी ने भी यह नहीं सोचा था कि आपके घर पर इतनी दुखद और भयानक घटना होगी।" प्रॉक्टर के बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि उनके मुवक्किल को अपने किए पर दुख है। उसने मिस्टर ओवेन को दोष देने की कोशिश नहीं की, जिन्हें 'पूरी तरह से निर्दोष पीड़ित' बताया गया। इस भयानक घटना से पहले कोई बहस या बुरा बर्ताव नहीं हुआ था।
एलिसन ओवेन, जिन्होंने अपने पार्टनर को खोया है और वह प्रॉक्टर की माँ भी हैं, ने कहा कि उनके बेटे ने 'अपनी पूरी ज़िंदगी में कभी कोई गुस्सा या हिंसा नहीं दिखाई थी'। प्रॉक्टर के जुर्म कबूल करने के बावजूद, जांचकर्ता हमले का कोई पक्का कारण नहीं ढूंढ पाए हैं। किल लिस्ट के अलावा, उसके डिवाइस पर यातना और नरभक्षण से जुड़ी ऑनलाइन सर्च भी मिलीं। इन खोजों से हत्याओं से पहले उस युवक की परेशान करने वाली मानसिकता का पता चलता है।
प्रॉक्टर को उम्रकैद की सज़ा सुनाई गई, जिसमें उसे कम से कम 20 साल और 10 महीने जेल में बिताने होंगे। अब जब वह अपनी सज़ा काट रहा है, तो एक समुदाय और परिवार इस चौंकाने वाली हिंसा से जूझ रहा है। वे इस अनसुलझे सवाल का जवाब ढूंढ रहे हैं कि क्यों एक शांत युवक ने अपने ही परिवार के खिलाफ इतना क्रूर काम किया। यह मामला प्रॉक्टर के बाहरी व्यवहार और उसके मन में छिपे हिंसक विचारों के बीच के डरावने अंतर को उजागर करता है।
Source: dailystar