792 करोड़ के नारको टेररिज्म रैकेट का मास्टरमाइंड था जम्मू का कुख्यात लहू गुज्जर, सिम बदल-बदलकर करता था सीमा पार बात
17 अप्रैल 2026
जम्मू में नारको टेररिज्म के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसमें गुलजार अहमद उर्फ लहू गुज्जर गिरफ्तार हुआ है। वह सीमा पार अपने आकाओं से संपर्क साधने के लिए हर बातचीत के लिए अलग सिम कार्ड इस्तेमाल करता था।
जम्मू में सुरक्षा बलों ने एक बड़े नार्को-टेररिज्म नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है, जिसके तार सीमा पार पाकिस्तान से जुड़े हैं। इस कार्रवाई में लगभग 792 करोड़ रुपये के एक विशाल रैकेट का पर्दाफाश हुआ और इसके कथित मास्टरमाइंड, कुख्यात अपराधी गुलजार अहमद उर्फ लहू गुज्जर को गिरफ्तार कर लिया गया। जांच एजेंसियों के अनुसार, यह गिरोह करीब 360 किलोग्राम हेरोइन की तस्करी में शामिल था, जिससे जुटाई गई रकम का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा था। लहू गुज्जर की गिरफ्तारी को जम्मू-कश्मीर में नशीले पदार्थों और आतंकवाद के गठजोड़ पर एक बड़ी चोट के रूप में देखा जा रहा है।
लहू गुज्जर इस नेटवर्क को बेहद शातिर तरीके से चला रहा था। वह सीमा पार पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं और आईएसआई के संपर्क में रहने के लिए हर बार एक नए सिम कार्ड का इस्तेमाल करता था। एक बार बातचीत के बाद वह उस सिम को नष्ट कर देता था, जिससे उसे ट्रैक करना लगभग असंभव हो जाता था। पुलिस ने उसके कब्जे से जम्मू, पंजाब और हिमाचल प्रदेश के कई सिम कार्ड बरामद किए हैं, जो उसके नेटवर्क के फैलाव को दर्शाता है। यह गिरोह ड्रोन के माध्यम से सीमा पार से हथियार और नशीले पदार्थों की खेप प्राप्त करता था। जांच से पता चला है कि यह केवल नशीली दवाओं की तस्करी का मामला नहीं है, बल्कि यह पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित एक सुनियोजित नार्को-टेररिज्म का हिस्सा है।
गुलजार अहमद उर्फ लहू गुज्जर का एक लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। उसने महज 18 साल की उम्र में अपराध की दुनिया में कदम रखा था और पिछले 13 सालों में उसके खिलाफ जम्मू और सांबा में लूटपाट, झपटमारी और नशा तस्करी जैसे 30 मामले दर्ज हैं। दूध बेचने के काम से शुरुआत करने वाला गुज्जर धीरे-धीरे मवेशी चोरी और फिर नशीले पदार्थों की तस्करी के बड़े खेल में शामिल हो गया। उसने अपना नेटवर्क जम्मू से लेकर पंजाब, हिमाचल, हरियाणा और राजस्थान तक फैला लिया था। वह कई वर्षों से पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था और अक्सर पुलिस टीमों पर हमला कर या उन्हें चकमा देकर फरार हो जाता था।
इस बड़े रैकेट के खुलासे के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है, जिसका नेतृत्व एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी कर रहे हैं। एसआईटी इस नेटवर्क की सभी परतों को उजागर करने पर काम कर रही है, जिसमें हवाला के जरिए होने वाले वित्तीय लेनदेन और उसके अन्य सहयोगियों की पहचान शामिल है। अब तक की कार्रवाई में गुज्जर समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और लगभग 20 से 25 अन्य ड्रग पेडलर्स की पहचान की गई है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
फिलहाल, लहू गुज्जर पुलिस रिमांड पर है और उससे गहन पूछताछ की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके। जांच एजेंसियों का मुख्य लक्ष्य उसके उन सभी सहयोगियों को पकड़ना है जो इस ड्रग्स सप्लाई चेन का हिस्सा हैं और इस सिंडिकेट को पूरी तरह से खत्म करना है। सुरक्षा बलों का मानना है कि यह सफलता न केवल जम्मू-कश्मीर को नशा मुक्त करने के अभियान में एक मील का पत्थर है, बल्कि आतंकवाद की वित्तीय कमर तोड़ने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
Source: jagran