दरभंगा में गैस आपूर्ति सामान्य, पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध होने का दावा
17 अप्रैल 2026
दरभंगा जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में एलपीजी गैस की आपूर्ति सामान्य है और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। जिलाधिकारी कौशल कुमार ने बताया कि नियमित वितरण व्यवस्था के तहत उपभोक्ताओं तक सिलेंडर पहुंचाए जा रहे हैं, जिससे कोई कमी नहीं है।
दरभंगा जिला प्रशासन ने हाल ही में जिले में व्याप्त गैस की किल्लत की आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा है कि रसोई गैस की आपूर्ति अब पूरी तरह से सामान्य हो गई है। अधिकारियों ने जनता को आश्वस्त किया है कि गैस एजेंसियों के पास पर्याप्त मात्रा में स्टॉक उपलब्ध है और वितरण व्यवस्था को सुचारू बना दिया गया है। यह घोषणा उन हजारों उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी राहत है, जिन्हें पिछले कुछ हफ्तों में भारी संकट का सामना करना पड़ा था। प्रशासन ने अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है और कहा है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
मार्च और अप्रैल की शुरुआत में दरभंगा में रसोई गैस का संकट काफी गहरा गया था। खाड़ी देशों में तनाव के कारण आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होने की खबरों के बीच, जिले भर की गैस एजेंसियों पर सुबह से ही हजारों लोगों की लंबी कतारें लगने लगी थीं। स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि कई परिवारों में कई दिनों तक चूल्हा नहीं जल पाया और लोगों को दही-चूड़ा खाकर दिन गुजारने पड़े। हालात को नियंत्रित करने और वितरण के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए गैस गोदामों पर मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती करनी पड़ी थी। इस किल्लत और कथित कालाबाजारी के खिलाफ कई सामाजिक संगठनों ने विरोध प्रदर्शन भी किया था।
इस संकट की पृष्ठभूमि में, जिला प्रशासन ने आपूर्ति श्रृंखला को फिर से पटरी पर लाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी कौशल कुमार के अनुसार, वितरण प्रक्रिया की लगातार निगरानी की जा रही है। प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 17 अप्रैल को जिले में 8,500 से अधिक सिलेंडरों का वितरण किया गया, जबकि गोदामों में 10,000 से अधिक सिलेंडर स्टॉक में थे। यही नहीं, अगले दिन के लिए 26,000 से अधिक सिलेंडरों के वितरण का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है, ताकि बैकलॉग को पूरी तरह से खत्म किया जा सके। उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए एक जिला नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है, जिसने अब तक प्राप्त 1600 से अधिक शिकायतों में से अधिकांश का निवारण कर दिया है।
आपूर्ति को सामान्य बनाए रखने और भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए कई अन्य कदम भी उठाए जा रहे हैं। विवाह के मौसम को देखते हुए, प्रशासन ने वैवाहिक कार्यक्रमों में घरेलू सिलेंडर के उपयोग पर रोक लगाते हुए व्यावसायिक सिलेंडरों का उपयोग अनिवार्य कर दिया है। इसके लिए आयोजकों को पहले से आवेदन करना होगा। इसके अलावा, कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने के लिए जिले के वरीय अधिकारियों द्वारा गैस एजेंसियों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया जा रहा है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सिलेंडर सही उपभोक्ता तक सही कीमत पर पहुंचें।
दीर्घकालिक समाधान के तौर पर, दरभंगा को गैस पाइपलाइन नेटवर्क से जोड़ने की परियोजना पर भी काम चल रहा है। भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) जैसी कंपनियां जिले में पाइपलाइन बिछाने का कार्य कर रही हैं, जिसके पूरा होने पर घरों में सीधे पाइप के जरिए प्राकृतिक गैस (पीएनजी) की आपूर्ति हो सकेगी। यह कदम न केवल बार-बार होने वाली सिलेंडर की कमी की समस्या को समाप्त करेगा, बल्कि उपभोक्ताओं के लिए एक सस्ता और अधिक सुविधाजनक विकल्प भी प्रदान करेगा, जिससे क्षेत्र की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी।
Source: jagran