जॉब सीकर से क्रिएटर बने इटावा के बिलाल, 10 लाख का सरकारी लोन और अब हर महीने 60 हजार की कमाई

17 अप्रैल 2026

जॉब सीकर से क्रिएटर बने इटावा के बिलाल, 10 लाख का सरकारी लोन और अब हर महीने 60 हजार की कमाई

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना युवाओं को आत्मनिर्भर बना रही है। इटावा के बिलाल हसन ने इस योजना के तहत 10 लाख का ऋण लेकर प्रिंटिंग प्रेस व्यवसाय शुरू किया। अब वे प्रतिमाह 50-60 हजार कमाते हैं और पांच अन्य लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं। यह योजना विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों में सब्सिडी के साथ ऋण प्रदान कर युवाओं को उद्यमी बनने का अवसर दे रही है।

उत्तर प्रदेश में सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाएं युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इन्हीं योजनाओं के सहारे इटावा के एक नौजवान ने न सिर्फ अपनी तकदीर बदली है, बल्कि दूसरों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गए हैं। एक समय नौकरी की तलाश में भटक रहे बिलाल हसन आज एक सफल उद्यमी हैं और हर महीने हजारों रुपये की कमाई कर रहे हैं। यह कहानी दृढ़ संकल्प और सरकारी सहायता के सही उपयोग की एक मिसाल पेश करती है, जो दर्शाती है कि कैसे युवा स्वरोजगार की राह पर चलकर सफलता प्राप्त कर सकते हैं।

इटावा जनपद के गाड़ीपुरा के रहने वाले बिलाल हसन ने अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद कई जगह नौकरी की तलाश की, लेकिन उन्हें मनचाहा अवसर नहीं मिला। इस संघर्ष के दौर में उन्हें मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के बारे में जानकारी मिली। उन्होंने जिला उद्योग केंद्र से संपर्क साधा और योजना की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इस योजना के तहत उन्होंने अपने कारोबार को शुरू करने का फैसला किया और ऋण के लिए आवेदन किया, जो उनके जीवन में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ।

मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के अंतर्गत बिलाल को दस लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ। इस वित्तीय सहायता का उपयोग करते हुए उन्होंने एक प्रिंटिंग प्रेस और फ्लेक्स बनाने का व्यवसाय शुरू किया। सरकारी सहयोग और सही मार्गदर्शन के साथ, उनका कारोबार धीरे-धीरे गति पकड़ने लगा। आज बिलाल न केवल पूरी तरह से आत्मनिर्भर हैं, बल्कि अपने व्यवसाय से प्रति माह 50 से 60 हजार रुपये तक की आय भी अर्जित कर रहे हैं। उनकी सफलता इस बात का प्रमाण है कि सही समय पर मिली मदद और कड़ी मेहनत से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

बिलाल हसन की उद्यमशीलता की कहानी सिर्फ उनकी व्यक्तिगत सफलता तक ही सीमित नहीं है। उन्होंने अपने कारोबार को आगे बढ़ाते हुए पांच अन्य लोगों को भी रोजगार प्रदान किया है, जिससे वे दूसरों के लिए भी आर्थिक संबल का माध्यम बने हैं। यह उत्तर प्रदेश सरकार के उस दृष्टिकोण को भी साकार करता है जिसका उद्देश्य युवाओं को केवल नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है। प्रदेश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में इस तरह के छोटे-छोटे उद्योग स्थापित होने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है और विकास को नई गति प्राप्त हो रही है।

बिलाल की यह यात्रा उन तमाम युवाओं के लिए एक उदाहरण है जो बेरोजगारी की चुनौती का सामना कर रहे हैं। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना जैसी पहलें प्रदेश के युवाओं को उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए एक ठोस आधार प्रदान कर रही हैं। बिलाल हसन की तरह, और भी युवा इन अवसरों का लाभ उठाकर न केवल अपना भविष्य संवार सकते हैं, बल्कि प्रदेश की आर्थिक प्रगति में भी सक्रिय भागीदार बन सकते हैं।

Source: jagran

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The World Dispatch

Source: World News API