'देश पर राज करेंगी महिलाएं, 816 हो जाएगी लोकसभा सीटें'; पटना में बोले CM सम्राट चौधरी

17 अप्रैल 2026

'देश पर राज करेंगी महिलाएं, 816 हो जाएगी लोकसभा सीटें'; पटना में बोले CM सम्राट चौधरी

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना में 'नारी शक्ति फॉर विकसित भारत रन' कार्यक्रम में कहा कि महिला आरक्षण विधेयक महिलाओं को देश पर राज करने की शक्ति देगा। उन्होंने बताया कि विधेयक पारित होने पर लोकसभा की एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी, जिससे उनकी संख्या 816 हो जाएगी।

पटना में आयोजित 'नारी शक्ति फॉर विकसित भारत रन' कार्यक्रम के दौरान बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घोषणा की है। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के पूर्ण रूप से लागू होने पर देश की महिलाएं संसद में राज करेंगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस ऐतिहासिक कानून के तहत लोकसभा की सीटों की संख्या 543 से बढ़कर 816 हो जाएगी और इनमें से एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। यह बयान उस समय आया है जब केंद्र सरकार ने हाल ही में महिला आरक्षण कानून को अधिसूचित किया है, जिससे इसके कार्यान्वयन को लेकर देश भर में चर्चा तेज हो गई है।

यह पूरा विषय 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023' से जुड़ा है, जिसे पिछले साल संसद में पारित किया गया था। इस कानून का मुख्य उद्देश्य लोकसभा और सभी राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करना है। हालांकि, इस कानून का कार्यान्वयन जनगणना और उसके बाद होने वाली परिसीमन की प्रक्रिया पर निर्भर था। परिसीमन का अर्थ है कि लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों की सीमाओं को जनसंख्या के नवीनतम आंकड़ों के आधार पर फिर से तय करना। मूल योजना के अनुसार, यह प्रक्रिया 2027 में होने वाली जनगणना के बाद ही शुरू हो सकती थी, जिससे आरक्षण 2029 के चुनावों में लागू होना मुश्किल लग रहा था।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का 816 सीटों का उल्लेख केंद्र सरकार की उस योजना की ओर इशारा करता है जिसके तहत परिसीमन प्रक्रिया में तेजी लाने पर विचार हो रहा है। सरकार ने संसद में नए विधेयक पेश किए हैं जिनका उद्देश्य 2011 की जनगणना को आधार बनाकर परिसीमन को जल्द पूरा करना है, ताकि 2029 के आम चुनाव से पहले महिला आरक्षण को प्रभावी बनाया जा सके। लोकसभा की वर्तमान 543 सीटों में लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि करके इसे 816 के आसपास करने का प्रस्ताव है। इसी बढ़ी हुई संख्या पर एक-तिहाई आरक्षण लागू किया जाएगा, जिससे लगभग 270 से अधिक महिला सांसद चुनकर लोकसभा पहुंच सकेंगी।

सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में बिहार में पंचायती राज व्यवस्था में महिलाओं को दिए गए 50 प्रतिशत आरक्षण का भी उल्लेख किया और कहा कि इस कदम से राज्य में महिलाएं आत्मनिर्भर बनी हैं। उनके इस बयान को राष्ट्रीय स्तर पर महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़े राजनीतिक कदम के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, परिसीमन की प्रक्रिया जटिल है और जनसंख्या के आधार पर सीटों के पुनर्वितरण से कुछ राज्यों, विशेषकर दक्षिण भारत के राज्यों ने अपनी राजनीतिक हिस्सेदारी कम होने की चिंता व्यक्त की है। इसके अलावा, विपक्ष द्वारा आरक्षण के भीतर अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की महिलाओं के लिए उप-कोटा की मांग भी एक प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बनी हुई है।

आगे का रास्ता संसद में चल रही बहस और परिसीमन से जुड़े विधेयकों के पारित होने पर निर्भर करेगा। केंद्र सरकार का इरादा 2029 के लोकसभा चुनावों तक इस पूरी प्रक्रिया को पूरा करने का है, ताकि महिलाओं की बढ़ी हुई भागीदारी के साथ नए और विस्तारित सदन का गठन हो सके। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का बयान इसी राजनीतिक दिशा को दर्शाता है और यह संकेत देता है कि आने वाले वर्षों में भारतीय राजनीति में महिलाओं की भूमिका और प्रतिनिधित्व एक केंद्रीय विषय बना रहेगा।

Source: jagran

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The World Dispatch

Source: World News API