'विवाह का कार्ड दिखाओ, दो कमर्शियल गैस सिलिंडर पाओ'; भोपाल में LPG संकट के बीच शादी वाले घरों को बड़ी राहत

17 अप्रैल 2026

'विवाह का कार्ड दिखाओ, दो कमर्शियल गैस सिलिंडर पाओ'; भोपाल में LPG संकट के बीच शादी वाले घरों को बड़ी राहत

भोपाल में शादी के सीजन में रसोई गैस की किल्लत से जूझ रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। अब वैवाहिक कार्यक्रमों के लिए गैस कंपनियां विशेष व्यवस्था के तहत दो व्यावसायिक सिलिंडर उपलब्ध कराएंगी। इसके लिए शादी का कार्ड और निर्धारित शुल्क जमा करना होगा। समारोह के बाद सिलिंडर वापस करने पर जमा राशि लौटाई जाएगी।

भोपाल में शादियों के मौसम में गैस सिलेंडर की किल्लत से जूझ रहे परिवारों के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा की गई है। शहर में चल रहे गंभीर एलपीजी संकट के बीच, प्रशासन ने वैवाहिक कार्यक्रमों वाले घरों को विशेष आधार पर दो कमर्शियल गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए, परिवार को अपनी नजदीकी गैस एजेंसी में शादी का कार्ड, एक पहचान पत्र और एक आवेदन जमा करना होगा। यह कदम उन हजारों परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण राहत है जो शादी के भोज और अन्य समारोहों के लिए गैस की अनुपलब्धता को लेकर चिंतित थे।

यह व्यवस्था भोपाल में पिछले कुछ हफ्तों से चल रहे रसोई गैस संकट की पृष्ठभूमि में आई है। शादी के सीजन के कारण मांग में भारी वृद्धि और आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान के चलते शहर में घरेलू और कमर्शियल दोनों तरह के सिलेंडरों की भारी कमी हो गई है। कई होटल और रेस्टोरेंट संचालक भी गैस की कमी से प्रभावित हुए हैं, जिससे उन्हें कोयले की भट्टी जैसे पारंपरिक विकल्पों का उपयोग करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इस संकट का एक प्रमुख कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईंधन की आपूर्ति में बाधा को भी माना जा रहा है, जिसने भारत के एलपीजी आयात को प्रभावित किया है। इन परिस्थितियों ने प्रशासन को वितरण को नियंत्रित करने और कालाबाजारी को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने पर मजबूर किया।

इस नई योजना के तहत, शादी वाले परिवार को प्रति सिलेंडर लगभग 2200 रुपये की सिक्योरिटी डिपॉजिट जमा करनी होगी, जो सिलेंडर वापस करने पर लौटा दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, गैस रिफिलिंग का शुल्क, जो लगभग 1850 रुपये प्रति सिलेंडर है, अलग से देना होगा। प्रशासन ने यह भी अनिवार्य किया है कि इन सिलेंडरों को समारोह के बाद दो से तीन दिनों के भीतर एजेंसी को वापस करना होगा ताकि ये अन्य जरूरतमंदों के लिए उपलब्ध हो सकें। इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गैस का वितरण पारदर्शी हो और केवल वास्तविक जरूरतमंदों तक ही पहुंचे।

हालांकि इस फैसले से शादी वाले घरों ने राहत की सांस ली है, लेकिन इसने कैटरर्स और बड़े आयोजन करने वालों के लिए एक नई चुनौती खड़ी कर दी है। कैटरिंग व्यवसायियों का कहना है कि एक सामान्य शादी के भोज के लिए कम से कम 10 से 12 सिलेंडरों की आवश्यकता होती है, ऐसे में केवल दो सिलेंडर की सीमा अपर्याप्त है। इस नियम के कारण, कई आयोजकों को अब मजबूरी में लकड़ी के चूल्हे या अन्य वैकल्पिक ईंधन व्यवस्थाओं का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे आयोजन की लागत और जटिलता दोनों बढ़ गई है।

प्रशासन का दावा है कि यह एक अस्थायी उपाय है जिसका उद्देश्य संकट के चरम पर सबसे अधिक जरूरतमंदों की मदद करना है। अधिकारियों का कहना है कि वे आपूर्ति श्रृंखला को स्थिर करने और शहर में एलपीजी की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए गैस कंपनियों के साथ समन्वय कर रहे हैं। दूसरी ओर, गैस की कमी और वजन में चोरी की शिकायतों के बाद नापतौल विभाग ने भी गैस एजेंसियों और डिलीवरी वाहनों पर औचक निरीक्षण तेज कर दिया है। नागरिकों को उम्मीद है कि ये संयुक्त प्रयास जल्द ही संकट को समाप्त करेंगे और रसोई गैस की आपूर्ति सामान्य हो जाएगी, जिससे न केवल शादी वाले घर बल्कि सभी उपभोक्ता लाभान्वित होंगे।

Source: jagran

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The World Dispatch

Source: World News API