हरियाणा के सरकारी स्कूलों में ITC लैब का होगा आधुनिकीकरण, छात्रों को मिलेगी आधुनिक तकनीकी शिक्षा
17 अप्रैल 2026
हरियाणा सरकार ने नायब सरकार के बजट घोषणाओं के तहत 1000 से अधिक राजकीय विद्यालयों में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ITC) लैब के आधुनिकीकरण का कार्य शुरू किया है। इसके लिए पहली किस्त के रूप में 15 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
हरियाणा सरकार ने राज्य के सरकारी स्कूलों में डिजिटल शिक्षा के बुनियादी ढांचे को एक बड़ा impulso देने की घोषणा की है। इस पहल के तहत, 1000 से अधिक राजकीय विद्यालयों में स्थापित सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ITC) लैब का आधुनिकीकरण किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य छात्रों को समकालीन तकनीकी कौशल से लैस करना और पारंपरिक शिक्षा पद्धति को आधुनिक बनाना है, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों के लिए बेहतर रूप से तैयार हो सकें। इस योजना के लिए सरकार ने पहली किस्त के रूप में 15 करोड़ रुपये की राशि जारी कर दी है और आधुनिकीकरण का कार्य मई माह से शुरू होने की उम्मीद है।
यह कदम हरियाणा सरकार द्वारा प्रदेश में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। इससे पहले, सरकार ने 'ई-अधिगम' जैसी योजनाओं के माध्यम से छात्रों को टैबलेट वितरित किए थे और कई स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम भी स्थापित किए गए हैं। मौजूदा आईसीटी लैब, जो पहले से ही कई स्कूलों में कार्यरत हैं, को अब और भी अत्याधुनिक बनाने की आवश्यकता महसूस की गई ताकि छात्रों के तकनीक और कौशल विकास की नींव को मजबूत किया जा सके। इस आधुनिकीकरण से यह सुनिश्चित होगा कि छात्रों को केवल बुनियादी कंप्यूटर ज्ञान ही नहीं, बल्कि उभरती हुई प्रौद्योगिकियों का भी व्यावहारिक अनुभव मिले।
नई और उन्नत प्रयोगशालाओं में आधुनिक हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर स्थापित किए जाएंगे। इनमें तेज कंप्यूटर, बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी और नवीनतम शैक्षणिक सॉफ्टवेयर शामिल होंगे, जो छात्रों को इंटरैक्टिव तरीके से सीखने में मदद करेंगे। सरकार का लक्ष्य इन प्रयोगशालाओं को केवल कंप्यूटर लैब तक सीमित न रखकर, उन्हें समग्र तकनीकी शिक्षा के केंद्र के रूप में विकसित करना है। कुछ स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स और कोडिंग जैसे विषयों को पाठ्यक्रम में शामिल करने की भी योजना है, जिसके लिए विशेष कंपोजिट तकनीकी लैब स्थापित की जाएंगी। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप है, जो अनुभवात्मक और कौशल-आधारित शिक्षा पर जोर देती है।
इस परियोजना के कई दूरगामी प्रभाव अपेक्षित हैं। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि इससे सरकारी और निजी स्कूलों के बीच डिजिटल विभाजन को कम करने में मदद मिलेगी। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के छात्रों को समान रूप से गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा के अवसर प्राप्त होंगे। छात्रों में रचनात्मकता, महत्वपूर्ण सोच और समस्या-समाधान जैसे कौशल विकसित होंगे, जो उन्हें भविष्य के रोजगार बाजार के लिए प्रतिस्पर्धी बनाएंगे। शिक्षकों के लिए भी विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि वे इन नई तकनीकों का प्रभावी ढंग से कक्षा में उपयोग कर सकें और छात्रों का सही मार्गदर्शन कर सकें।
आधुनिकीकरण की यह प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी, जिसकी शुरुआत मई से होगी। शिक्षा विभाग इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेगा ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि लैब समय पर तैयार हों और उनका सही उपयोग हो। आने वाले समय में, इन आधुनिक प्रयोगशालाओं के प्रदर्शन के आधार पर इस योजना का और विस्तार किया जा सकता है। यह पहल हरियाणा के शिक्षा क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने और युवाओं के लिए एक उज्जवल भविष्य सुनिश्चित करने की दिशा में एक ठोस कदम है, जो उन्हें केवल नौकरी खोजने वालों की बजाय रोजगार सृजन करने वालों के रूप में तैयार करेगा।
Source: jagran