कानपुर में स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी, दो अस्पताल सील
17 अप्रैल 2026
कानपुर के कल्याणपुर में स्वास्थ्य विभाग ने नोडल अधिकारी डॉ. रमित रस्तोगी के नेतृत्व में कई अस्पतालों पर छापेमारी की। इस दौरान दो अस्पतालों को पूरी तरह सील कर दिया गया, जबकि कई अन्य के ऑपरेशन थिएटर सील किए गए और नोटिस जारी किए गए।
कानपुर में स्वास्थ्य विभाग ने अवैध रूप से चल रहे निजी अस्पतालों के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। शुक्रवार को, विभाग की टीमों ने कल्याणपुर क्षेत्र में व्यापक छापेमारी की, जिसके परिणामस्वरूप दो अस्पतालों को पूरी तरह से सील कर दिया गया और कई अन्य के खिलाफ कार्रवाई की गई। यह अभियान शहर में हाल ही में उजागर हुए एक किडनी रैकेट के बाद स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने के प्रयासों का हिस्सा है।
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी (एसीएमओ) डॉ. रमित रस्तोगी के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पुलिस बल के साथ कल्याणपुर इलाके के लगभग 11 अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान, स्टार सिटी हॉस्पिटल और कानपुर हेल्थकेयर सेंटर बिना किसी वैध पंजीकरण के संचालित होते पाए गए। इन गंभीर अनियमितताओं के चलते अधिकारियों ने दोनों अस्पतालों को तत्काल प्रभाव से सील करने का आदेश दिया। विभाग ने इन दोनों अस्पतालों के प्रबंधन को परिसर खाली करने के लिए तीन दिन का समय दिया है।
इस कार्रवाई के दौरान दो अन्य अस्पतालों, रोहितराज हॉस्पिटल और एचआर हॉस्पिटल के ऑपरेशन थिएटरों में भी खामियां पाई गईं, जिसके बाद उनके ऑपरेशन थिएटर (ओटी) को सील कर दिया गया। स्वास्थ्य विभाग की इस औचक छापेमारी से क्षेत्र के अवैध अस्पताल संचालकों में हड़कंप मच गया। टीम के पहुंचने की खबर लगते ही गांधी हॉस्पिटल, मान्या हॉस्पिटल और संवारिया हॉस्पिटल समेत तीन अस्पतालों के संचालक और कर्मचारी ताला लगाकर मौके से फरार हो गए। स्वास्थ्य विभाग ने इन फरार संचालकों के खिलाफ संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराई है और पुलिस को उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
यह छापेमारी उस बड़ी कार्रवाई का हिस्सा है जो कानपुर में अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट के खुलासे के बाद शुरू हुई है। जांच में यह बात सामने आई थी कि इस रैकेट से जुड़े कई अस्पताल बिना उचित लाइसेंस और मानकों के चल रहे थे। इसके बाद से, मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग पूरे शहर में ऐसे चिकित्सा प्रतिष्ठानों की पहचान करने और उन्हें बंद करने के लिए एक विशेष अभियान चला रहा है जो मरीजों के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। विभाग का कहना है कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी अस्पताल को बिना वैध पंजीकरण, प्रशिक्षित स्टाफ और आवश्यक अधोसंरचना के संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी। विभाग अब ऐसे भवनों के मालिकों पर भी कार्रवाई करने पर विचार कर रहा है, जो अपने परिसर को अवैध अस्पतालों को किराए पर देते हैं। इस पूरी कार्रवाई का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी चिकित्सा सुविधाएं निर्धारित नियमों और विनियमों के अनुसार ही संचालित हों, ताकि मरीजों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो। आने वाले दिनों में शहर के अन्य इलाकों में भी इसी तरह की छापेमारी जारी रहने की उम्मीद है।
Source: jagran