रांची में नवीं की छात्रा से छेड़खानी, पड़ोस का युवक फरार; पुलिस कर रही छापेमारी

16 अप्रैल 2026

रांची में नवीं की छात्रा से छेड़खानी, पड़ोस का युवक फरार; पुलिस कर रही छापेमारी

रांची के सदर थाना क्षेत्र में नौवीं कक्षा की छात्रा से छेड़खानी का मामला सामने आया है। पीड़िता के घरवालों ने पड़ोसी युवक राहुल पर लगातार परेशान करने और छेड़खानी का आरोप लगाया है।

रांची के सदर थाना क्षेत्र में नौवीं कक्षा की एक छात्रा के साथ छेड़खानी का मामला प्रकाश में आया है। पीड़िता के परिवार वालों ने अपने पड़ोस में रहने वाले एक युवक पर यह गंभीर आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार, आरोपी युवक पिछले कुछ समय से छात्रा को लगातार परेशान कर रहा था और उसके साथ अश्लील हरकतें करता था। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल है। पीड़िता के परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद से ही आरोपी युवक अपने घर से फरार बताया जा रहा है।

पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है। सदर थाना पुलिस के अनुसार, आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया है जो उसके संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस आरोपी के दोस्तों और रिश्तेदारों से भी पूछताछ कर रही है ताकि उसके बारे में कोई सुराग मिल सके। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पीड़िता का बयान दर्ज कर लिया गया है और चूंकि वह नाबालिग है, इसलिए मामले में पॉक्सो एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गई हैं। पुलिस ने स्थानीय निवासियों को आश्वासन दिया है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा और कानून के अनुसार सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

यह घटना उस सामाजिक असुरक्षा को भी उजागर करती है जिसका सामना अक्सर किशोरियों और युवतियों को अपने ही आस-पड़ोस में करना पड़ता है। इस मामले में आरोपी का पड़ोसी होना इसे और भी चिंताजनक बनाता है, क्योंकि यह भरोसे और सामाजिक ताने-बाने को कमजोर करता है। स्थानीय लोगों ने इस घटना पर रोष व्यक्त करते हुए महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन से ठोस कदम उठाने की मांग की है। झारखंड में महिलाओं के खिलाफ अपराध के बढ़ते मामले एक गंभीर समस्या बने हुए हैं, और यह घटना उसी कड़ी का एक हिस्सा है।

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, नाबालिग पीड़िता होने के कारण यह मामला यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम, 2012 के अंतर्गत आता है। यह कानून बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों के लिए कड़े दंड का प्रावधान करता है और त्वरित सुनवाई पर जोर देता है। इस अधिनियम के तहत, पीड़िता की पहचान को गोपनीय रखना अनिवार्य है और उसे कानूनी और मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान करने का भी प्रावधान है। इस मामले में पुलिस की जांच और उसके बाद की न्यायिक प्रक्रिया यह सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण होगी कि पीड़िता को समय पर न्याय मिले।

इस मामले में अगला कदम आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी है, जिसके लिए पुलिस की छापेमारी जारी है। गिरफ्तारी के बाद, पुलिस आरोपी से पूछताछ करेगी और सबूतों के आधार पर अदालत में आरोप पत्र दाखिल करेगी। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान पीड़िता और उसके परिवार को सुरक्षा तथा परामर्श प्रदान करना प्रशासन की एक बड़ी जिम्मेदारी होगी। यह घटना एक बार फिर समाज और प्रशासन को यह याद दिलाती है कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए न केवल कड़े कानूनों की, बल्कि उनके प्रभावी कार्यान्वयन और सामाजिक जागरूकता की भी तत्काल आवश्यकता है।

Source: jagran

Publication

The World Dispatch

Source: World News API