पटना-बख्तियारपुर टोल पर अब ओवरलोडेड वाहनों की खैर नहीं, फास्टैग से कटेगा दोगुना और चौगुना जुर्माना

16 अप्रैल 2026

पटना-बख्तियारपुर टोल पर अब ओवरलोडेड वाहनों की खैर नहीं, फास्टैग से कटेगा दोगुना और चौगुना जुर्माना

पटना-बख्तियारपुर टोल प्लाजा पर 15 अप्रैल से ओवरलोडेड वाहनों पर नए नियम लागू होंगे। अब दस प्रतिशत से अधिक अतिरिक्त वजन वाले वाहनों से फास्टैग के माध्यम से दोगुना या चौगुना शुल्क वसूला जाएगा।

पटना-बख्तियारपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर चलने वाले भारी वाहनों के लिए अब नियमों का उल्लंघन करना महंगा पड़ेगा। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा लागू की गई नई व्यवस्था के तहत, इस मार्ग पर स्थित टोल प्लाजा पर क्षमता से अधिक भार ले जाने वाले वाहनों से अब दोगुना और चौगुना तक जुर्माना वसूला जाएगा। यह जुर्माना सीधे वाहन के फास्टैग खाते से काट लिया जाएगा, जिससे इस प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और मानवीय हस्तक्षेप समाप्त होगा। यह कदम सड़क सुरक्षा बढ़ाने और ओवरलोडिंग के कारण राजमार्गों को होने वाले नुकसान को रोकने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।

लंबे समय से ओवरलोडिंग की समस्या सड़क के बुनियादी ढांचे के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। क्षमता से अधिक वजन वाले ट्रक न केवल सड़कों की उम्र कम करते हैं, बल्कि उनके ब्रेक फेल होने या पलटने का खतरा भी अधिक होता है, जिससे गंभीर दुर्घटनाएं होती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए, सरकार ने देश भर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर ओवरलोडिंग पर लगाम कसने के लिए एक सख्त और तकनीक-आधारित प्रणाली लागू करने का फैसला किया है। पटना-बख्तियारपुर मार्ग, जो कि एक महत्वपूर्ण व्यावसायिक गलियारा है, पर इस नियम को लागू करना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

नई प्रणाली के तहत, टोल प्लाजा पर 'वे-इन-मोशन' (WIM) सेंसर लगाए गए हैं, जो चलते वाहन का वजन स्वचालित रूप से माप लेते हैं। नए नियमों के अनुसार, यदि कोई वाहन निर्धारित क्षमता से 10 प्रतिशत तक अधिक लोड ले जाता है, तो उस पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा। हालांकि, यदि भार 10 प्रतिशत से 40 प्रतिशत के बीच अधिक पाया जाता है, तो वाहन मालिक को टोल की मूल दर का दोगुना भुगतान करना होगा। वहीं, 40 प्रतिशत से अधिक ओवरलोडिंग के मामले में यह जुर्माना चार गुना तक हो जाएगा, जो सीधे फास्टैग खाते से कट जाएगा।

इस नई व्यवस्था का उद्देश्य प्रवर्तन को अधिक प्रभावी बनाना है। जुर्माने की राशि फास्टैग से स्वचालित रूप से कटने के कारण, वाहन चालकों को टोल पर रोकने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे यातायात का प्रवाह भी सुगम बना रहेगा। इसके अतिरिक्त, नियम तोड़ने वाले वाहनों का विवरण राष्ट्रीय वाहन रजिस्टर 'वाहन' पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा। इससे अधिकारियों को बार-बार नियम तोड़ने वाले वाहनों की पहचान करने और उनके परमिट के खिलाफ कार्रवाई करने में मदद मिलेगी। पटना-बख्तियारपुर टोल प्लाजा के सभी 12 मार्गों पर स्लो स्पीड वेट इन मोशन सिस्टम स्थापित किया गया है ताकि नियमों का प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित हो सके।

हालांकि यह नया ऑनलाइन सिस्टम पूरी तरह से काम करने में कुछ और दिन ले सकता है, लेकिन इस कदम से यह स्पष्ट है कि सरकार ओवरलोडिंग के मुद्दे पर कोई नरमी बरतने के मूड में नहीं है। इस नियम से परिवहन संचालकों पर आर्थिक बोझ बढ़ने की आशंका है, लेकिन उम्मीद है कि इससे वे निर्धारित वजन सीमाओं का पालन करने के लिए प्रोत्साहित होंगे। अंततः, इस पहल का लक्ष्य राष्ट्रीय राजमार्गों को सुरक्षित बनाना, उनकी गुणवत्ता बनाए रखना और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना है, जिसका लाभ सभी सड़क उपयोगकर्ताओं को मिलेगा।

Source: jagran

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The World Dispatch

Source: World News API