उन्नाव, चित्रकूट और प्रयागराज में तीन घरों में लगी भीषण आग, 3 बच्चियों की जलकर मौत

17 अप्रैल 2026

उन्नाव, चित्रकूट और प्रयागराज में तीन घरों में लगी भीषण आग, 3 बच्चियों की जलकर मौत

उत्तर प्रदेश में आग लगने की कई घटनाओं में तीन बच्चियों की दुखद मौत हो गई। उन्नाव, चित्रकूट और प्रयागराज में घरों में आग लगने से तीन मासूमों ने जान गंवाई।

उत्तर प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर हुए तीन भीषण अग्निकांडों में तीन मासूम बच्चियों की जलकर दर्दनाक मौत हो गई, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। ये दुखद घटनाएं उन्नाव, चित्रकूट और प्रयागराज जिलों में घटीं, जहां आग ने तीन परिवारों की खुशियों को हमेशा के लिए छीन लिया। इन हादसों ने एक बार फिर गर्मी के मौसम में आग से होने वाले खतरों और उससे बचाव की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने तीनों मामलों में जांच शुरू कर दी है और प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।

पहली घटना उन्नाव की है, जहां एक तीन वर्षीय बच्ची लाडो की आग की चपेट में आने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि बच्ची की माँ उसे घर में सुलाकर पड़ोस में ही एक कार्यक्रम में शामिल होने गई थी। इसी दौरान घर में जल रही मोमबत्ती गिरने से आग लग गई और तेजी से फैल गई। जब तक ग्रामीण आग पर काबू पाते और बच्ची को बाहर निकालते, वह गंभीर रूप से झुलस चुकी थी। उसे तत्काल नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है।

इसी तरह की एक और हृदयविदारक घटना चित्रकूट जिले के भरतकूप थाना क्षेत्र में हुई, जहां शॉर्ट सर्किट से दो सगे भाइयों के घरों में आग लग गई। इस हादसे में एक घर के अंदर सो रही सात महीने की दुधमुंही बच्ची की जिंदा जलकर मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, बच्ची की माँ उसे घर में छोड़कर खेत पर काम करने गई थी, तभी बिजली के तारों में शॉर्ट सर्किट हुआ और आग लग गई। आग की लपटों ने देखते ही देखते दोनों घरों को अपनी चपेट में ले लिया और किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। पुलिस और ग्रामीणों ने मिलकर किसी तरह आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

तीसरा मामला प्रयागराज के एयरपोर्ट क्षेत्र के पास का है, जहाँ एक खेत में बने छप्परनुमा घर में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई। इस आग में सोना नामक एक बच्ची की जलकर दर्दनाक मौत हो गई। उसका परिवार गांव की आबादी से कुछ दूर खेत में ही घास-फूस और प्लास्टिक की पन्नी से घर बनाकर रह रहा था। गुरुवार दोपहर को अचानक लगी इस आग ने पूरे घर को जलाकर राख कर दिया और बच्ची को बाहर निकलने का अवसर ही नहीं मिला। इन घटनाओं के बाद स्थानीय प्रशासन हरकत में आया है और संबंधित थानों की पुलिस मामले की जांच कर रही है।

ये घटनाएं उत्तर प्रदेश में हाल के दिनों में बढ़ी आग की घटनाओं की श्रृंखला का हिस्सा हैं। गाजियाबाद और लखनऊ जैसे बड़े शहरों में झुग्गियों में भीषण आग लगने से सैकड़ों परिवार बेघर हो गए हैं। इसके अलावा, चित्रकूट के रानीपुर टाइगर रिजर्व के जंगलों में भी आग फैलने की खबर है, जिस पर काबू पाने के प्रयास जारी हैं। अधिकारियों का कहना है कि गर्मी और तेज हवाओं के कारण आग तेजी से फैल रही है, जिससे बचाव कार्यों में मुश्किल आ रही है। इन हादसों के बाद सरकार और प्रशासन पर आग से बचाव के उपायों को मजबूत करने और लोगों को जागरूक करने का दबाव बढ़ गया है।

Source: jagran

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The World Dispatch

Source: World News API