दिल्ली में हरित परिवहन को बढ़ावा... मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता 200 नई इलेक्ट्रिक बसों को दिखाएंगी हरी झंडी

16 अप्रैल 2026

दिल्ली में हरित परिवहन को बढ़ावा... मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता 200 नई इलेक्ट्रिक बसों को दिखाएंगी हरी झंडी

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता शुक्रवार को 200 अतिरिक्त इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाएंगी, जो इस वर्ष का तीसरा शुभारंभ है। परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने बताया कि नई सरकार ने अब तक 2,184 इलेक्ट्रिक बसें शामिल की हैं।

दिल्ली में स्वच्छ और हरित सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को ईस्ट विनोद नगर डिपो से 200 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस नए बेड़े के शामिल होने के साथ ही दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के तहत चलने वाली बसों की कुल संख्या अब 6,300 हो गई है, जिनमें से 4,550 बसें पूरी तरह से इलेक्ट्रिक हैं। यह इस वर्ष इलेक्ट्रिक बसों का तीसरा बड़ा शुभारंभ है, जो राजधानी में प्रदूषण मुक्त परिवहन व्यवस्था स्थापित करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

यह पहल दिल्ली सरकार द्वारा इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता देने की एक सतत प्रक्रिया का हिस्सा है। मौजूदा सरकार के कार्यकाल में अब तक 2,184 इलेक्ट्रिक बसों को बेड़े में शामिल किया जा चुका है, जिससे दिल्ली देश में सबसे बड़े इलेक्ट्रिक बस बेड़े वाला शहर बन गया है। सरकार का कहना है कि वह मिशन मोड में दिल्ली के सार्वजनिक परिवहन को पूरी तरह से इलेक्ट्रिक में बदलने की दिशा में काम कर रही है। इस व्यवस्थित विस्तार योजना का उद्देश्य राजधानी के निवासियों को एक आधुनिक, आरामदायक और पर्यावरण के अनुकूल यात्रा का अनुभव प्रदान करना है।

सरकार ने भविष्य के लिए भी एक महत्वाकांक्षी खाका तैयार किया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 2026 के अंत तक दिल्ली की सड़कों पर 7,000 इलेक्ट्रिक बसें उतारने का लक्ष्य है। इसके अलावा, वित्तीय वर्ष 2028-29 तक बसों की कुल संख्या को लगभग 14,000 तक बढ़ाने की योजना है, जिसमें इलेक्ट्रिक बसों पर विशेष जोर रहेगा। यह प्रयास हाल ही में सार्वजनिक किए गए 'दिल्ली ईवी नीति 2026' के मसौदे के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य चरणबद्ध तरीके से जीवाश्म ईंधन वाले वाहनों को हटाकर एक स्थायी इकोसिस्टम का निर्माण करना है।

नई शामिल की गई बसें आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं। ये सभी बसें वातानुकूलित और लो-फ्लोर हैं, जिनमें सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन, और रियल-टाइम ट्रैकिंग सिस्टम जैसी सुरक्षा सुविधाएँ दी गई हैं, ताकि यात्रियों का सफर सुरक्षित और आरामदायक हो सके। इसी कार्यक्रम के दौरान, मुख्यमंत्री ने दिल्ली और रोहतक के बीच एक नई अंतरराज्यीय इलेक्ट्रिक बस सेवा का भी शुभारंभ किया। साथ ही, मदनपुर खादर में एक नए बस टर्मिनल का लोकार्पण और ईस्ट विनोद नगर डिपो में एक नए प्रशासनिक भवन का उद्घाटन भी किया गया, जो परिचालन क्षमता को और बेहतर बनाएगा।

इन प्रयासों का सीधा उद्देश्य दिल्ली में वायु प्रदूषण के गंभीर संकट से निपटना है। इलेक्ट्रिक बसें शून्य उत्सर्जन करती हैं, जिससे हवा की गुणवत्ता सुधारने में सीधी मदद मिलती है। सरकार का मानना है कि एक मजबूत सार्वजनिक परिवहन प्रणाली न केवल प्रदूषण और ट्रैफिक को कम करेगी, बल्कि नागरिकों का समय और पैसा भी बचाएगी। ये कदम सरकार के 'ग्रीन बजट' और 'वायु प्रदूषण शमन कार्य योजना-2026' का एक अभिन्न अंग हैं, जो दिल्ली को एक स्वच्छ, हरित और टिकाऊ शहर बनाने के व्यापक दृष्टिकोण को साकार करते हैं।

Source: jagran

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The World Dispatch

Source: World News API