गलत पानी बिल से परेशान दिल्लीवासी, जुर्माना माफी योजना अब इतने महीनों तक बढ़ी; मीटर प्रणाली में भी होगा सुधार

16 अप्रैल 2026

गलत पानी बिल से परेशान दिल्लीवासी, जुर्माना माफी योजना अब इतने महीनों तक बढ़ी; मीटर प्रणाली में भी होगा सुधार

दिल्ली में गलत पानी के बिलों से उपभोक्ता परेशान हैं, जिससे वे बकाया माफी योजना का लाभ नहीं ले पा रहे। जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने समस्या स्वीकार की और योजना 15 अगस्त तक बढ़ाई।

दिल्ली में पानी के गलत बिलों की समस्या से जूझ रहे लाखों उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। दिल्ली सरकार ने पानी के बिल पर लगने वाले लेट पेमेंट सरचार्ज (एलपीएससी) यानी विलंब भुगतान अधिभार को माफ करने वाली योजना की अवधि बढ़ा दी है। पहले यह योजना 31 जनवरी 2026 को समाप्त हो रही थी, लेकिन अब इसे 15 अगस्त 2026 तक के लिए बढ़ा दिया गया है। इस विस्तार का उद्देश्य उन उपभोक्ताओं को एक और मौका देना है जो बिलिंग प्रणाली में गड़बड़ियों के कारण अब तक इस योजना का लाभ नहीं उठा पाए थे।

यह फैसला हजारों घरेलू उपभोक्ताओं के लिए राहत लेकर आया है जो लंबे समय से लंबित बकाया और उस पर लगे भारी ब्याज से दबे हुए थे। दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) और सरकार ने यह कदम कई जन प्रतिनिधियों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों (आरडब्ल्यूए) से मिले अनुरोधों के बाद उठाया है। जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने भी स्वीकार किया है कि बिलिंग प्रणाली में खामियां हैं, जिसके कारण कई उपभोक्ता चाहकर भी अपने बकाया का भुगतान नहीं कर पा रहे थे। इन समस्याओं में पुरानी बिलिंग त्रुटियां और जोनल राजस्व कार्यालयों का पुनर्गठन शामिल है।

इस माफी योजना को मिली प्रतिक्रिया काफी सकारात्मक रही है। आंकड़ों के अनुसार, अब तक 3.3 लाख से अधिक उपभोक्ता इस योजना का लाभ उठा चुके हैं। इसके तहत लगभग 1500 करोड़ रुपये का जुर्माना माफ किया गया है, जबकि दिल्ली जल बोर्ड ने मूल बकाया राशि के रूप में 430 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली की है। सरकार का मानना है कि यह योजना न केवल उपभोक्ताओं को वित्तीय बोझ से मुक्ति दिला रही है, बल्कि दिल्ली जल बोर्ड के राजस्व को बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस योजना की सफलता को देखते हुए इसे वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के लिए भी खोल दिया गया है।

गलत और बढ़े-चढ़े बिलों की समस्या लंबे समय से दिल्ली के निवासियों के लिए एक बड़ी परेशानी का सबब रही है। कई मामलों में, विशेष रूप से कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान, मीटर की भौतिक रीडिंग के अभाव में औसत खपत के आधार पर बिल जारी किए गए, जिससे बिलों में भारी वृद्धि हुई। इसी समस्या के मूल कारण को संबोधित करने के लिए, दिल्ली जल बोर्ड अब अपनी मीटर प्रणाली में एक व्यापक सुधार की प्रक्रिया शुरू कर रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उपभोक्ताओं को सटीक और समय पर बिल मिलें।

इस सुधार प्रक्रिया के तहत, दिल्ली जल बोर्ड मीटर निर्माताओं के अपने पैनल का पुनर्गठन करेगा, जो आखिरी बार 2018 में किया गया था। बोर्ड का लक्ष्य मीटरिंग के क्षेत्र में नवीनतम तकनीकी प्रगति को अपनाना है ताकि बिलिंग में पारदर्शिता और सटीकता लाई जा सके। सरकार का कहना है कि एक बेहतर मीटरिंग प्रणाली से न केवल राजस्व संग्रह में सुधार होगा, बल्कि उपभोक्ताओं और जल बोर्ड के बीच विश्वास भी बहाल होगा। इसके अलावा, सरकार उन उपभोक्ताओं के लिए किश्तों में भुगतान की सुविधा पर भी विचार कर रही है जो एकमुश्त राशि का भुगतान करने में असमर्थ हैं।

Source: jagran

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The World Dispatch

Source: World News API