दिल्ली के चार आईटीआई में बनेंगे आधुनिक लैब, छात्रों को मिलेगा उद्योग अनुरूप प्रशिक्षण
16 अप्रैल 2026
दिल्ली सरकार ने तकनीकी शिक्षा के लिए ₹720 करोड़ आवंटित किए हैं। उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप छात्रों के कौशल विकास हेतु जहांगीरपुरी, हरि नगर, निजामुद्दीन और मयूर विहार स्थित चार आईटीआई में आधुनिक लैब स्थापित किए जाएंगे।
दिल्ली सरकार ने राजधानी में तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस पहल के तहत, उद्योग की बदलती जरूरतों को पूरा करने और छात्रों को रोजगार के लिए बेहतर रूप से तैयार करने के उद्देश्य से दिल्ली के चार औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी और मौजूदा लैब्स का आधुनिकीकरण किया जाएगा। यह निर्णय मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा की गई एक घोषणा का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य प्रशिक्षण को वर्तमान औद्योगिक मानकों के अनुरूप बनाना है। इस योजना के लिए जहांगीरपुरी, हरि नगर, निजामुद्दीन और मयूर विहार स्थित आईटीआई को चुना गया है।
इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक आईटीआई को एक विशिष्ट क्षेत्र में उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। आईटीआई जहांगीरपुरी में एक 'पावर इलेक्ट्रॉनिक्स लैब' स्थापित होगी, जो पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करेगी। इस लैब में पीएलसी किट, सोलर पीवी ट्रेनिंग किट और स्मार्ट एनर्जी मॉनिटरिंग सिस्टम जैसे आधुनिक उपकरण होंगे, जिससे लगभग 480 प्रशिक्षुओं को लाभ मिलेगा। वहीं, हरि नगर के जेल रोड स्थित आईटीआई में मौजूदा वेल्डर लैब का व्यापक आधुनिकीकरण किया जाएगा, जिसमें सिमुलेशन-आधारित प्रशिक्षण सुविधाएं और उन्नत वेल्डING मशीनें शामिल होंगी, जिससे करीब 200 छात्रों को प्रशिक्षण मिलेगा।
भविष्य की प्रौद्योगिकी पर ध्यान केंद्रित करते हुए, निजामुद्दीन के अरब की सराय स्थित आईटीआई में ऑटोमोटिव लैब को वर्चुअल रियलिटी (वीआर) सिमुलेटर से लैस किया जाएगा। इसके माध्यम से छात्रों को ड्राइविंग, वेल्डिंग और पेंटिंग जैसे कौशल का सुरक्षित और वास्तविक जैसा अनुभव मिलेगा। इसके अतिरिक्त, मयूर विहार स्थित आईटीआई में एक विशेष 'इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) लैब' स्थापित की जाएगी। यह लैब बैटरी प्रबंधन प्रणाली, ईवी चार्जिंग और इलेक्ट्रिक मोटर प्रौद्योगिकी पर केंद्रित होगी, ताकि तेजी से बढ़ते ग्रीन ट्रांसपोर्ट सेक्टर के लिए कुशल पेशेवर तैयार किए जा सकें।
यह पहल दिल्ली में कौशल विकास के बुनियादी ढांचे में एक बड़े सुधार का प्रतीक है। लंबे समय से आईटीआई पाठ्यक्रमों और उद्योग की वास्तविक मांगों के बीच एक अंतर महसूस किया जा रहा था। इन आधुनिक प्रयोगशालाओं की स्थापना का उद्देश्य इसी अंतर को पाटना है, ताकि प्रशिक्षु न केवल सैद्धांतिक ज्ञान प्राप्त करें, बल्कि उन्हें उन तकनीकों पर व्यावहारिक अनुभव भी मिले जिनका उपयोग आज के उद्योग में हो रहा है। इससे छात्रों की तकनीकी दक्षता में वृद्धि होगी और उनकी रोजगार क्षमता काफी बेहतर होगी।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के सफल कार्यान्वयन से हजारों छात्रों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर खुलने की उम्मीद है। उद्योग-प्रासंगिक कौशल से लैस होकर, ये युवा न केवल आसानी से नौकरी पा सकेंगे, बल्कि वे आत्मनिर्भर बनकर अपना उद्यम भी शुरू कर सकते हैं। सरकार का मानना है कि यह कदम प्रधानमंत्री के 'स्किल इंडिया' मिशन के अनुरूप है और यह दिल्ली को एक कुशल कार्यबल का केंद्र बनाने में मदद करेगा, जो देश के आर्थिक विकास में योगदान देगा। अगले कुछ वर्षों में इन प्रयोगशालाओं के पूरी तरह से क्रियाशील होने की संभावना है, जिससे दिल्ली के व्यावसायिक प्रशिक्षण परिदृश्य में एक नया अध्याय शुरू होगा।
Source: jagran