दिल्ली: डेटिंग ऐप पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर 500 महिलाओं से 2 करोड़ की ठगी, साइबर ठग गिरफ्तार
16 अप्रैल 2026
दक्षिणी पश्चिमी दिल्ली पुलिस ने एक शातिर साइबर ठग आनंद कुमार को गिरफ्तार किया है। उसने डेटिंग और मैट्रिमोनियल ऐप पर डॉक्टर, वकील जैसी फर्जी प्रोफाइल बनाकर 500 से अधिक महिलाओं से लगभग दो करोड़ रुपये ठगे।
दिल्ली पुलिस की साइबर क्राइम यूनिट ने एक ऐसे शातिर ठग को गिरफ्तार किया है जिसने देश भर में लगभग 500 महिलाओं को अपना शिकार बनाया था। आरोपी ने डेटिंग और मैट्रिमोनियल ऐप्स पर आकर्षक फर्जी प्रोफाइल बनाकर महिलाओं से दोस्ती की और फिर शादी का झांसा देकर उनसे करीब दो करोड़ रुपये की ठगी को अंजाम दिया। यह गिरफ्तारी उस समय हुई जब एक पीड़िता ने शिकायत दर्ज कराई कि 'वैभव अरोड़ा' नामक एक व्यक्ति ने उससे लगभग सात लाख रुपये ठग लिए हैं। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एक विशेष टीम का गठन किया और आरोपी की तलाश शुरू कर दी।
आरोपी की कार्यप्रणाली बेहद शातिराना थी। पश्चिम बंगाल का रहने वाला 35 वर्षीय आनंद कुमार, विभिन्न डेटिंग और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर खुद को डॉक्टर, वकील, बिजनेसमैन या फिल्म प्रोड्यूसर बताकर फर्जी प्रोफाइल बनाता था। वह वैभव अरोड़ा, डॉ. रोहित बहल और तरुण शर्मा जैसे कई नामों का इस्तेमाल करता था। इन प्रोफाइलों के जरिए वह महिलाओं से संपर्क साधता और भावनात्मक रूप से जुड़ने के बाद उनसे शादी का वादा करता था। जब महिलाएं पूरी तरह उस पर भरोसा करने लगतीं, तो वह मेडिकल इमरजेंसी, व्यापार में घाटा या किसी पारिवारिक जरूरत का बहाना बनाकर उनसे पैसे मांगता था। कई मामलों में, उसने महिलाओं की निजी तस्वीरें और वीडियो हासिल कर उन्हें वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल भी किया।
पुलिस के लिए इस मामले को सुलझाना एक बड़ी चुनौती थी क्योंकि आरोपी अपनी पहचान छिपाने में माहिर था। वह लगातार अपने मोबाइल फोन और सिम कार्ड बदलता रहता था, जिससे उसे ट्रैक करना मुश्किल हो रहा था। सब इंस्पेक्टर प्रियंका के नेतृत्व में जांच टीम ने सोशल मीडिया अकाउंट्स, आईपी लॉग, मोबाइल नंबर और वित्तीय लेनदेन के रिकॉर्ड सहित डिजिटल फुटप्रिंट की गहन जांच की। लगातार तकनीकी निगरानी के बाद, पुलिस को पश्चिम बंगाल के 24 परगना क्षेत्र में आरोपी के दो मोबाइल नंबर सक्रिय होने का पता चला। इसके बाद, पुलिस की एक टीम ने पश्चिम बंगाल में कई ठिकानों पर छापेमारी की और अंततः आनंद कुमार को सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी की गिरफ्तारी के साथ पुलिस ने उसके पास से 4 स्मार्टफोन, 8 सिम कार्ड, 3 डेबिट कार्ड और कुछ सोने के गहने भी बरामद किए हैं। पुलिस का मानना है कि ये सभी चीजें अपराध में इस्तेमाल की गई थीं। डीसीपी अमित गोयल ने बताया कि यह एक आदतन साइबर अपराधी है जिसने पूरे भारत में महिलाओं को निशाना बनाया। यह मामला ऑनलाइन मेलजोल और दोस्ती में बढ़ती सावधानी की आवश्यकता को रेखांकित करता है। सामाजिक शर्म के कारण बहुत से पीड़ित ऐसे अपराधों की रिपोर्ट करने में संकोच करते हैं, जिससे अपराधियों को बढ़ावा मिलता है।
इस घटना के बाद, पुलिस ने आम जनता, विशेषकर महिलाओं से अपील की है कि वे सोशल मीडिया और डेटिंग ऐप्स पर अनजान लोगों से दोस्ती करते समय अत्यधिक सतर्कता बरतें। किसी भी व्यक्ति के साथ अपनी निजी तस्वीरें, वीडियो या वित्तीय जानकारी साझा करने से पहले उसकी पहचान की पुष्टि करना महत्वपूर्ण है। पुलिस का कहना है कि किसी भी तरह के ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार होने पर बिना किसी संकोच के तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (cybercrime.gov.in) या हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। फिलहाल, पुलिस आरोपी से पूछताछ कर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित लोगों का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
Source: jagran