आंध्र प्रदेश में एक घर में जिलेटिन फटने से भीषण विस्फोट , चार लोगों की मौत

16 अप्रैल 2026

आंध्र प्रदेश में एक घर में जिलेटिन फटने से भीषण विस्फोट , चार लोगों की मौत

आंध्र प्रदेश के सत्यसाई जिले के कम्मलावांडला पल्ली में बुधवार को हुए भीषण विस्फोट में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 29 लोग घायल हुए हैं। यह विस्फोट गैस स्टोव में आग लगने के कारण 150 जिलेटिन की छड़ों के फटने से हुआ।

आंध्र प्रदेश के श्री सत्य साई जिले में बुधवार को एक घर के अंदर जिलेटिन की छड़ें फटने से हुए एक भीषण विस्फोट में चार लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। यह विनाशकारी घटना जिले के कम्मलावांडला पल्ली गांव में घटी, जिससे पूरे इलाके में दहशत और शोक का माहौल है। इस धमाके के कारण दो घर पूरी तरह से ढह गए, जबकि चार अन्य घरों को भी आंशिक रूप से नुकसान पहुंचा है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस तुरंत मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया, घायलों को पास के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पुलिस जांच के अनुसार, यह हादसा एक साधारण घरेलू दुर्घटना के रूप में शुरू हुआ जो एक बड़ी त्रासदी में बदल गई। श्री सत्यसाई जिले के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि वेंकन्ना नामक एक 55 वर्षीय व्यक्ति अपने दो कमरों वाले घर में गैस स्टोव पर चाय बना रहा था, तभी स्टोव और सिलेंडर को जोड़ने वाली पाइप टूट गई। गैस रिसाव के कारण आग लग गई, और वेंकन्ना ने इसे नियंत्रित करने की कोशिश की लेकिन असफल रहा। इसके बाद वह अपने परिवार के सात सदस्यों के साथ मौके से भाग गया, लेकिन उन्होंने घर में रखे खतरनाक विस्फोटकों के बारे में किसी को कोई चेतावनी नहीं दी।

यह आग धीरे-धीरे बढ़ती गई और घर में अवैध रूप से जमा की गई लगभग 150 जिलेटिन की छड़ों तक पहुंच गई। गर्मी और दबाव के कारण, इन छड़ों में एक-एक करके विस्फोट होना शुरू हो गया, जिससे एक के बाद एक कई शक्तिशाली धमाके हुए। विडंबना यह है कि जो लोग आग बुझाने में मदद करने के लिए घटनास्थल पर इकट्ठा हुए थे, वे ही इन विस्फोटों की चपेट में आ गए। इन पड़ोसियों और स्थानीय लोगों में से ही चार की मौत हो गई और लगभग 29 लोग घायल हो गए। मृतकों की पहचान महाबुबिनी (40), मधु (36), संपत (30) और एक अन्य व्यक्ति के रूप में की गई है।

जांच में सामने आया है कि घर का मालिक वेंकन्ना, जो लगभग एक दशक पहले तेलंगाना से यहां आकर बसा था, चट्टानों को तोड़ने का काम करता था। वह ट्रैक्टर से जुड़ी ड्रिलिंग मशीनों का उपयोग करके पत्थरों में विस्फोट करता था, और इसी प्रक्रिया में वह जिलेटिन की छड़ों का इस्तेमाल करता था। ये छड़ें उसे आमतौर पर सड़क परियोजनाओं या कृषि भूमि से पत्थर हटाने जैसे कार्यों के लिए ठेकेदारों द्वारा प्रदान की जाती थीं। पुलिस के अनुसार, वेंकन्ना पिछले आठ-नौ महीनों से हर काम के बाद बची हुई 10 से 15 जिलेटिन की छड़ों को अवैध रूप से जमा कर रहा था।

यह घटना जिलेटिन जैसी विस्फोटक सामग्री के अवैध भंडारण और इसके खतरों को उजागर करती है। जिलेटिन की छड़ों का उपयोग आमतौर पर खनन और निर्माण कार्यों में चट्टानों को तोड़ने के लिए किया जाता है और इन्हें अत्यंत सावधानी से संभालने की आवश्यकता होती है। आंध्र प्रदेश के कई क्षेत्रों में अवैध खनन एक गंभीर समस्या रही है, और इस तरह की घटनाओं से यह स्पष्ट होता है कि नियमों का पालन न करने के कितने घातक परिणाम हो सकते हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और इस बात की गहन जांच कर रही है कि वेंकन्ना को इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री कैसे और कहां से मिली। फिलहाल, प्रशासन का ध्यान घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा प्रदान करने और प्रभावित परिवारों को सहायता पहुंचाने पर केंद्रित है।

Source: jagran

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The World Dispatch

Source: World News API