54,000 रुपये की ठगी... केदारनाथ-बद्रीनाथ यात्रा पर जा रहे हैं तो हेलीकाप्टर बुकिंग करते समय रहें सतर्क

16 अप्रैल 2026

54,000 रुपये की ठगी... केदारनाथ-बद्रीनाथ यात्रा पर जा रहे हैं तो हेलीकाप्टर बुकिंग करते समय रहें सतर्क

ठाणे की एक महिला केदारनाथ-बद्रीनाथ हेलीकॉप्टर बुकिंग के नाम पर 54,000 रुपये की ठगी का शिकार हुई। उसने इंस्टाग्राम पर मिले ऑफर के जरिए अग्रिम भुगतान किया, लेकिन बुकिंग नहीं हुई और पैसे भी वापस नहीं मिले।

जैसे-जैसे चार धाम यात्रा की तारीखें नजदीक आ रही हैं, तीर्थयात्री अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे रहे हैं। लेकिन इस पवित्र यात्रा की योजना बना रहे श्रद्धालुओं के लिए एक चेतावनी भी जारी की गई है। हाल ही में, महाराष्ट्र के ठाणे की एक 34 वर्षीय महिला केदारनाथ और बद्रीनाथ के लिए हेलीकॉप्टर सेवा बुक करने के प्रयास में साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो गईं, जिसमें उन्हें 54,000 रुपये का नुकसान हुआ। यह घटना उन हजारों तीर्थयात्रियों के लिए एक गंभीर अनुस्मारक है जो यात्रा के लिए ऑनलाइन बुकिंग पर निर्भर हैं, विशेष रूप से हेलीकॉप्टर सेवाओं के लिए, जहाँ मांग बहुत अधिक होती है।

महिला की आपबीती साइबर अपराधियों द्वारा अपनाई जाने वाली एक आम रणनीति पर प्रकाश डालती है। उन्होंने केदारनाथ यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर सेवाओं की खोज करते हुए इंस्टाग्राम पर एक आकर्षक प्रस्ताव देखा। जब उन्होंने दिए गए नंबर पर संपर्क किया, तो दूसरी तरफ मौजूद व्यक्ति ने खुद को एक टूर ऑपरेटर बताया और 50 प्रतिशत अग्रिम भुगतान पर बुकिंग की पुष्टि करने का वादा किया। महिला ने उस व्यक्ति पर भरोसा करके देहरादून स्थित "हिमालय टूर" नामक एक बैंक खाते में 54,000 रुपये हस्तांतरित कर दिए। हालांकि, भुगतान करने के बाद, बुकिंग की कोई पुष्टि नहीं हुई और उस व्यक्ति से संपर्क भी टूट गया, जिससे महिला को एहसास हुआ कि उनके साथ ठगी हुई है।

यह कोई अकेली घटना नहीं है। चार धाम यात्रा का समय शुरू होते ही साइबर ठग सक्रिय हो जाते हैं। ये अपराधी अक्सर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और गूगल सर्च पर सरकारी वेबसाइटों जैसी दिखने वाली नकली वेबसाइट और पेज बनाते हैं। वे "वीआईपी दर्शन," "आखिरी स्लॉट बुकिंग," या "सस्ती और तत्काल बुकिंग" जैसे आकर्षक प्रस्तावों का उपयोग करके तीर्थयात्रियों को लुभाते हैं। विश्वास हासिल करने के लिए वे व्हाट्सएप पर नकली पहचान पत्र भी भेज सकते हैं और फिर यूपीआई या सीधे बैंक हस्तांतरण के माध्यम से भुगतान की मांग करते हैं। एक बार पैसा मिल जाने के बाद, वे गायब हो जाते हैं, और श्रद्धालु के पास या तो फर्जी टिकट होता है या कुछ भी नहीं। हाल ही में मध्य प्रदेश के एक जज भी इसी तरह की धोखाधड़ी का शिकार हुए, जिनसे 1 लाख रुपये से अधिक की ठगी की गई।

इस तरह की धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों को देखते हुए, उत्तराखंड पुलिस और केंद्रीय गृह मंत्रालय के साइबर विंग (I4C) ने तीर्थयात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है। अधिकारियों ने कई फर्जी वेबसाइटों, सोशल मीडिया पेजों और मोबाइल नंबरों को ब्लॉक करने के लिए एक अभियान शुरू किया है। वे तीर्थयात्रियों से आग्रह कर रहे हैं कि वे अनौपचारिक चैनलों के माध्यम से बुकिंग करने से बचें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि केदारनाथ के लिए हेलीकॉप्टर सेवाओं की बुकिंग केवल भारतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम (IRCTC) की आधिकारिक वेबसाइट heliyatra.irctc.co.in के माध्यम से ही की जानी चाहिए।

श्रद्धालुओं को अपनी यात्रा की योजना बनाते समय अत्यधिक सतर्क रहना चाहिए। किसी भी सोशल मीडिया विज्ञापन या व्हाट्सएप पर साझा किए गए लिंक पर भरोसा करने से बचें। किसी भी अनधिकृत व्यक्ति या एजेंसी को अग्रिम भुगतान कभी न करें। यात्रा पंजीकरण और हेलीकॉप्टर टिकट बुकिंग के लिए हमेशा उत्तराखंड सरकार की आधिकारिक वेबसाइटों का उपयोग करें। यदि कोई प्रस्ताव सच होने के लिए बहुत अच्छा लगता है, तो সম্ভবত वह धोखाधड़ी है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दी जानी चाहिए। इन सावधानियों का पालन करके, तीर्थयात्री यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि उनकी आध्यात्मिक यात्रा एक दर्दनाक वित्तीय अनुभव में न बदले।

Source: jagran

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The World Dispatch

Source: World News API