ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामनेई जिंदा या है नहीं? अमेरिका ने किया बड़ा दावा

16 अप्रैल 2026

ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामनेई जिंदा या है नहीं? अमेरिका ने किया बड़ा दावा

<p style="text-align: justify;"><strong>Mojtaba Khamenei:</strong> अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई की हेल्थ से जुड़ा बड़ा दावा अमेरिका की तरफ से किया गया है. अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने दावा किया है कि ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई के घायल होने का अनुमान है. फिलहाल वे जीवित हैं. अमेरिकी रक्षा सचिव ने यह बयान एक ज्वाइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गुरुवार को दिया है. इससे पहले खबर आई थी कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई अभी भी चेहरे और पैरों मे लगी चोट से उभर रहे हैं. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>मोजतबा के सहयोगियों ने क्या जानकारी दी थी?</strong></p> <p style="text-align: justify;">मोजतबा को यह चोटें हवाई हमले में लगी थीं. इसमें उनके पिता और तत्कालीन सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई थी. इस हादसे में उनका चेहरा बुरी तरह बिगड़ गया. उनके दोनों पैरों में भी चोटें आई है. यह जानकारी मोजतब के सहयोगियों के हवाले से न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की तरफ से दी गई थी. साथ ही कहा था कि मेंटली वो काफी फीट हैं. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें:<a title=" IMF की लिस्ट में पाकिस्तान का नंबर कितना, भारत के मुकाबले कहां खड़े नेपाल-बांग्लादेश जैसे पड़ोसी, जानें" href="https://www.abplive.com/news/world/imf-2026-data-india-is-among-top-10-countries-know-bangladesh-pakistan-and-nepal-rank-3115992" target="_self"> IMF की लिस्ट में पाकिस्तान का नंबर कितना, भारत के मुकाबले कहां खड़े नेपाल-बांग्लादेश जैसे पड़ोसी, जानें</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong>ज्वाइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोले हेगसेथ, कहा- अमेरिका ईरान की नौसेनिक घेराबंदी जारी रखेगा</strong></p> <p style="text-align: justify;">अलजजीरा के मुताबिक, वॉशिंगटन डीसी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका ईरान की नौसैनिक घेराबंदी तबतक जारी रखेगा, जबतक इसकी जरूरत होगी. हमारे साथ बने रहें. हम आपके लिए उनकी ब्रीफिंग के सभी मुख्य बिंदु लेकर आ रहे हैं. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें:<a title=" अमेरिकी संदेश लेकर पाक आर्मी चीफ आसिम मुनीर पहुंचे तेहरान, US-ईरान 2.0 वार्ता पर जल्द निकलेगा रास्ता?" href="https://www.abplive.com/news/world/pakistan-army-chief-asim-munir-led-delegation-in-tehran-for-second-round-of-talks-us-iran-war-3115866" target="_self"> अमेरिकी संदेश लेकर पाक आर्मी चीफ आसिम मुनीर पहुंचे तेहरान, US-ईरान 2.0 वार्ता पर जल्द निकलेगा रास्ता?</a></strong></p> <p style="text-align: justify;">हेगसेथ ने दावा किया कि अमेरिकी नौसेना स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के समुद्री ट्रैफिक को कंट्रोल कर रही है. ईरान के पास अब कोई नौसेना नहीं है. साथ ही कहा कि अगर ईरान किसी समझौते पर सहमत नहीं होता है, तो अमेरिका की सेनाएं फिर से लड़ाई शुरू करने के लिए तैयार है. </p> <p style="text-align: justify;">हेगसेथ ने ईरान को चेताते हुए कहा कि हम आप पर नजर रख रहे हैं. अमेरिका को पता है कि ईरान किन सैन्य संपत्तियों को बाहर निकाल रहा है. </p> <p><iframe title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/JFB5iBD0XjQ?si=ghnynRYHCWzpak6D" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें: <a title="सऊदी में फाइटर जेट की तैनाती के बाद आंखों की किरकिरी बना पाकिस्तान? आसीम मुनीर भागे-भागे पहुंचे ईरान" href="https://www.abplive.com/news/world/dgmo-arrived-in-tehran-alongside-asim-munir-briefed-iranian-officials-regarding-military-deployment-in-saudi-arabia-middle-east-conflict-iran-us-war-3116249" target="_self">सऊदी में फाइटर जेट की तैनाती के बाद आंखों की किरकिरी बना पाकिस्तान? आसीम मुनीर भागे-भागे पहुंचे ईरान</a></strong></p>

ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई के जीवित होने या न होने को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अटकलों का बाजार गर्म हो गया है। इन अटकलों को हवा एक अमेरिकी दावे से मिली है, जिसने तेहरान के सत्ता के गलियारों और वैश्विक कूटनीति में हलचल मचा दी है। यह पूरा घटनाक्रम ईरान के आंतरिक राजनीतिक भविष्य और मध्य पूर्व में शक्ति संतुलन को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। अमेरिकी स्रोतों से आई अपुष्ट खबरों ने मोजतबा खामेनेई की स्थिति पर एक प्रश्नचिह्न लगा दिया है, जिससे तेहरान और वाशिंगटन के बीच पहले से ही तनावपूर्ण संबंधों में एक नया अध्याय जुड़ गया है।

सबसे पहले यह समझना महत्वपूर्ण है कि मोजतबा खामेनेई कौन हैं। वह ईरान के वर्तमान सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई के दूसरे बेटे हैं। हालाँकि, वह कोई आधिकारिक सरकारी पद नहीं रखते हैं, लेकिन उन्हें देश के सबसे प्रभावशाली शख्सियतों में से एक माना जाता है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) और देश के खुफिया तंत्र में उनका गहरा प्रभाव बताया जाता है। इसी वजह से उन्हें अपने पिता के संभावित उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जाता रहा है, हालांकि ईरान में वंशवादी उत्तराधिकार एक अत्यंत संवेदनशील और विवादास्पद विषय है।

अमेरिकी दावे की उत्पत्ति और प्रकृति अभी भी स्पष्ट नहीं है, जो इसे और अधिक रहस्यमय बनाती है। यह जानकारी किसी शीर्ष अमेरिकी अधिकारी के आधिकारिक बयान के रूप में नहीं, बल्कि खुफिया समुदाय से लीक हुई रिपोर्टों के हवाले से सामने आई है। इन रिपोर्टों में क्या कहा गया है, इस पर कोई ठोस सार्वजनिक सबूत मौजूद नहीं है, लेकिन इसने मोजतबा की सार्वजनिक अनुपस्थिति को लेकर चल रही कानाफूसी को तेज कर दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की खबरें ईरान के भीतर उत्तराधिकार को लेकर चल रही किसी भी संभावित खींचतान को और जटिल बना सकती हैं।

ईरान ने इन दावों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। तेहरान ने इसे अमेरिका द्वारा फैलाया जा रहा मनोवैज्ञानिक युद्ध और झूठा प्रचार करार दिया है। ईरानी सरकार के अधिकारियों ने इसे देश में अस्थिरता पैदा करने की एक और अमेरिकी कोशिश बताया है। इन दावों का खंडन करने के लिए, ईरानी सरकारी मीडिया ने हाल के दिनों में मोजतबा खामेनेई से जुड़ी तस्वीरें और लिखित संदेश जारी किए हैं। हालांकि, आलोचकों का कहना है कि इन तस्वीरों के समय की पुष्टि नहीं की जा सकती और कोई हालिया वीडियो जारी न करना संदेह को और बढ़ाता है।

इस पूरे प्रकरण के दूरगामी प्रभाव हो सकते हैं। ईरान में सर्वोच्च नेता का पद केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि गहरा धार्मिक और वैचारिक महत्व रखता है। ऐसे में उत्तराधिकार का सवाल पूरे देश की दिशा तय करता है। मोजतबा खामेनेई को लेकर फैलाई जा रही किसी भी खबर का असर सीधे तौर पर ईरान की आंतरिक स्थिरता और उसकी विदेश नीति पर पड़ सकता है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय प्रभाव को लेकर पश्चिमी देशों, खासकर अमेरिका और इजरायल के साथ गहरे तनाव का सामना कर रहा है। फिलहाल, दोनों पक्षों से केवल दावे और प्रतिदावे किए जा रहे हैं और पूरी दुनिया इस पर नजर बनाए हुए है कि क्या अमेरिका अपने दावे के पक्ष में कोई ठोस सबूत पेश करता है या ईरान अपने भावी नेता की स्थिति को लेकर दुनिया के सामने स्पष्टता लाता है।

Source: abplive

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The World Dispatch

Source: World News API