पाकिस्तान ने की स्वदेशी एंटी-शिप मिसाइल की टेस्टिंग, जानें कितना खतरनाक

16 अप्रैल 2026

पाकिस्तान ने की स्वदेशी एंटी-शिप मिसाइल की टेस्टिंग, जानें कितना खतरनाक

<p style="text-align: justify;">पाकिस्तान की नौसेना ने स्वदेशी रूप से विकसित जहाज से दागी जाने वाली एंटी-शिप मिसाइल का सफल परीक्षण किया है. यह मिसाइल लक्ष्यों को सटीकता से निशाना बनाने में सक्षम है. सेना की मीडिया इकाई इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने एक बयान में कहा कि मिसाइल गाइड सिस्टम और एडवांस्ड मोबेलिटी से लैस है, जो इसे खतरों से बचने, बदलती परिस्थितियों के अनुसार ढलने और सटीकता के साथ हमला करने में सक्षम बनाती है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>पाकिस्तान ने की स्वदेशी एंटी-शिप मिसाइल की टेस्टिंग</strong></p> <p style="text-align: justify;">आईएसपीआर ने बयान में कहा, ‘पाकिस्तान नौसेना ने स्वदेशी रूप से विकसित और जहाज से दागी जाने वाली एंटी-शिप मिसाइल का सफल परीक्षण किया और लंबी दूरी पर तेज गति के साथ सटीक रूप से अपने लक्ष्य पर हमला किया. इसमें आधुनिक नेविगेशन सिस्टम है. इससे दुश्मन के खतरे से बचना, बदलती परिस्थितियों में खुद को ढालना और सटीक हमला करना आसान हो जाता है. यह मिसाइल युद्धपोत से छोड़ी जाती है. यह दूर तक मौजूद लक्ष्यों को नष्ट कर सकती है.'</p> <p style="text-align: justify;">पाक नौसेना प्रमुख एडमिरल नवीद अशरफ ने प्रमुख वैज्ञानिकों और इंजीनियरों के साथ मिसाइल को लॉन्च होते देखा. इस मिसाइल का पिछला परीक्षण पिछले साल नवंबर में किया गया था. आईएसपीआर ने कहा कि यह हथियार प्रणाली समुद्र और जमीनी दोनों लक्ष्यों को बेहद सटीकता से निशाना बनाने में सक्षम है.</p> <p><iframe title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/cAnurNquBnw?si=hAdfzm8Tmt5-LF8W" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen="allowfullscreen"></iframe></p> <p style="text-align: justify;"><strong>पाकिस्तान को सऊदी ने दिया कर्ज</strong></p> <p style="text-align: justify;"><a title="पाकिस्तान" href="https://www.abplive.com/news/world/dgmo-arrived-in-tehran-alongside-asim-munir-briefed-iranian-officials-regarding-military-deployment-in-saudi-arabia-middle-east-conflict-iran-us-war-3116249" target="_self">पाकिस्तान</a> के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ तीन देशों, सऊदी अरब, कतर और तुर्किए, के दौरे पर हैं. पीएम शहबाज के दौरे के बीच सऊदी अरब ने पाकिस्तान को 2 अरब डॉलर की मदद दी है. दरअसल, पाकिस्तान को संयुक्त अरब अमीरात ने इस महीने के अंत तक तीन अरब डॉलर का कर्ज लौटाने के लिए कहा था. ऐसे में पाकिस्तान ने अब सऊदी अरब से मदद मांगी है, ताकि वह यूएई से लिया कर्ज लौटा सके.</p> <p style="text-align: justify;">पाकिस्तानी मीडिया डॉन ने बताया कि स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (एसबीपी) ने गुरुवार को पुष्टि की है कि पाकिस्तान को सऊदी अरब से 2 अरब डॉलर मिले हैं. सेंट्रल बैंक ने कहा कि राशि 15 अप्रैल 2026 की वैल्यू डेट में मिली थी.यह डेवलपमेंट ऐसे समय में हुआ है, जब प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ मिडिल ईस्ट में शांति को बढ़ावा देने और डिप्लोमैटिक कोशिशों को आगे बढ़ाने के लिए सऊदी अरब गए हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें : <a href="https://www.abplive.com/news/world/dgmo-arrived-in-tehran-alongside-asim-munir-briefed-iranian-officials-regarding-military-deployment-in-saudi-arabia-middle-east-conflict-iran-us-war-3116249">सऊदी में फाइटर जेट की तैनाती के बाद आंखों की किरकिरी बना पाकिस्तान? आसिम मुनीर भागे-भागे पहुंचे ईरान</a></strong></p>

पाकिस्तान ने अपनी नौसैनिक क्षमताओं में एक महत्वपूर्ण वृद्धि का प्रदर्शन करते हुए एक स्वदेशी रूप से विकसित जहाज-प्रक्षेपित एंटी-शिप बैलिस्टिक मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है। पाकिस्तानी सेना की मीडिया शाखा, इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने पुष्टि की कि यह परीक्षण एक लाइव वेपन फायरिंग अभ्यास के हिस्से के रूप में किया गया था। इस अभ्यास के दौरान, मिसाइल ने विस्तारित रेंज पर उच्च गति से यात्रा करते हुए अपने लक्ष्य को सटीकता से भेद दिया। इस सफल प्रक्षेपण को पाकिस्तान की रक्षा प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भरता और समुद्री क्षेत्र में अपनी निवारक क्षमताओं को मजबूत करने की प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है।

यह मिसाइल, जिसका पिछला परीक्षण नवंबर 2025 में हुआ था, पूरी तरह से स्वदेशी तकनीक पर आधारित है। इसे एक अत्याधुनिक मार्गदर्शन प्रणाली और बेहतर गतिशीलता के साथ एकीकृत किया गया है, जो इसे उड़ान के दौरान खतरों से बचने, गतिशील परिस्थितियों के अनुकूल होने और सटीकता के साथ घातक हमला करने में सक्षम बनाती है। पाकिस्तानी नौसेना के अनुसार, यह हथियार प्रणाली न केवल समुद्री लक्ष्यों को बल्कि जमीन पर मौजूद ठिकानों को भी उच्च सटीकता के साथ निशाना बना सकती है। इस परीक्षण के गवाह नौसेना प्रमुख एडमिरल नवीद अशरफ के साथ-साथ इस कार्यक्रम में शामिल प्रमुख वैज्ञानिक और इंजीनियर भी थे, जो इस उपलब्धि के महत्व को रेखांकित करता है।

यह मिसाइल परीक्षण हिंद महासागर क्षेत्र में बदलते रणनीतिक परिदृश्य के बीच हुआ है। पाकिस्तान का मिसाइल कार्यक्रम मुख्य रूप से पड़ोसी देश भारत से किसी भी संभावित खतरे का मुकाबला करने के उद्देश्य से है। इस सफल परीक्षण को पारंपरिक डोमेन में एक विश्वसनीय समुद्र-आधारित निवारक बनाए रखने और क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करने की पाकिस्तान की प्रतिबद्धता की अभिव्यक्ति के रूप में प्रस्तुत किया गया है। यह कदम पाकिस्तान के व्यापक सैन्य आधुनिकीकरण प्रयासों का एक हिस्सा है, जिसमें हाल ही में पीएनएस खैबर जैसे उन्नत युद्धपोतों को नौसेना में शामिल करना भी शामिल है।

विशेषज्ञ इस विकास को क्षेत्रीय शक्ति संतुलन के संदर्भ में देख रहे हैं। भारत अपनी नौसैनिक क्षमताओं का लगातार विस्तार कर रहा है, जिसमें ब्रह्मोस जैसी सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलें और भविष्य में हाइपरसोनिक मिसाइलों को शामिल करने की योजना है। पाकिस्तान द्वारा एक एंटी-शिप बैलिस्टिक मिसाइल का विकास, जो संभावित रूप से दुश्मन के मिसाइल रक्षा प्रणालियों को भेदने में सक्षम हो सकती है, नौसैनिक युद्ध की गतिशीलता को जटिल बनाता है। इस तरह की तकनीक का विकास समुद्र में बड़े नौसैनिक जहाजों, जैसे विमान वाहक पोतों के लिए एक नया खतरा पैदा करता है और इस क्षेत्र में हथियारों की दौड़ को तेज कर सकता है।

इस सफल परीक्षण के बाद पाकिस्तान के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और सशस्त्र बलों के प्रमुखों सहित देश के शीर्ष नेतृत्व ने इस मील के पत्थर को हासिल करने के लिए संबंधित इकाइयों और वैज्ञानिकों की सराहना की है। यह सफलता पाकिस्तान के रक्षा उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है, जो देश की तकनीकी उत्कृष्टता और परिचालन विशेषज्ञता के एकीकरण को प्रदर्शित करता है। भविष्य में, यह उम्मीद की जाती है कि पाकिस्तान अपनी मिसाइल प्रणालियों का और अधिक परीक्षण और विकास जारी रखेगा ताकि हिंद महासागर क्षेत्र में एक मजबूत निवारक क्षमता बनाए रखी जा सके और अपनी रणनीतिक स्वायत्तता को बढ़ाया जा सके।

Source: abplive

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The World Dispatch

Source: World News API