गोवा के मांड्रेम में समुद्र किनारे लग्जरी कॉटेज में भीषण आग, करोड़ों का नुकसान

16 अप्रैल 2026

गोवा के मांड्रेम में समुद्र किनारे लग्जरी कॉटेज में भीषण आग, करोड़ों का नुकसान

गोवा के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मांड्रेम के समुद्र तट के निकट स्थित एक रिसॉर्ट में गुरुवार को तीन लग्जरी कॉटेज में भीषण आग लग गई। आग मांड्रेम क्षेत्र में अजोबा मंदिर के पास डलास बीच रिसॉर्ट या इसी तरह की संपत्ति में लगी।

गोवा के उत्तरी भाग में स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मांड्रेम में गुरुवार, 16 अप्रैल 2026 की रात को समुद्र के किनारे बने एक रिसॉर्ट के लग्जरी कॉटेज में भीषण आग लग गई। यह घटना मांड्रेम क्षेत्र में अजोबा मंदिर के पास स्थित डलास बीच रिसॉर्ट में घटी। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि उन्होंने तेजी से आसपास के कॉटेज को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे तीन से छह कॉटेज पूरी तरह जलकर खाक हो गए। प्रारंभिक अनुमानों के अनुसार, इस आगजनी में करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

घटना की सूचना मिलते ही पेरनेम फायर स्टेशन से आपातकालीन दल तुरंत मौके पर पहुँच गया और आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू कर दिए। स्थानीय लोगों ने भी बचाव और आग बुझाने के शुरुआती प्रयासों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कुछ रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया कि दमकल विभाग की टीम को घटनास्थल पर पहुँचने में कुछ देरी हुई, जिसके कारण आग अधिक तेजी से फैल गई। हालाँकि, दमकल अधिकारियों ने कड़ी मशक्कत के बाद अंततः स्थिति को नियंत्रित कर लिया। सबसे राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने या घायल होने की कोई सूचना नहीं है।

आग लगने के कारणों की जाँच अभी की जा रही है। मांड्रेम के विधायक जीत अरोलकर, जो घटनास्थल पर पहुँचे, ने प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई है कि आग रिसॉर्ट के जनरेटर कक्ष में शॉर्ट सर्किट के कारण लगी होगी, जो बाद में पास के कॉटेज तक फैल गई। इस घटना ने एक बार फिर गोवा के तटीय रिसॉर्ट्स और पर्यटन प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकारी अब इस बात की भी जाँच कर रहे हैं कि क्या रिसॉर्ट के पास अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) सहित सभी आवश्यक अनुमतियाँ थीं या नहीं।

यह घटना गोवा में पर्यटन उद्योग से जुड़ी एक और बड़ी आगजनी है, जो कुछ ही महीनों के अंतराल पर हुई है। पिछले साल दिसंबर में, गोवा के अरपोरा गाँव में एक नाइट क्लब में आग लगने से 25 लोगों की दुखद मौत हो गई थी। उस भयावह घटना के बाद, सरकार ने भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए कड़े नियम और मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी करने का वादा किया था। मांड्रेम की यह ताजा घटना इस बात पर प्रकाश डालती है कि क्या उन नियमों का ठीक से पालन किया जा रहा है और क्या पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा उपायों की नियमित रूप से जाँच होती है।

आने वाले दिनों में, इस घटना की विस्तृत जाँच होने की उम्मीद है, जिसमें आग के सटीक कारण का पता लगाया जाएगा और यह भी देखा जाएगा कि क्या इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बरती गई थी। जाँच के निष्कर्षों के आधार पर, संबंधित अधिकारियों द्वारा सुधारात्मक कदम उठाए जा सकते हैं, ताकि भविष्य में गोवा आने वाले लाखों पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके। इस घटना का पर्यटन व्यवसाय पर भी असर पड़ सकता है, क्योंकि यह पर्यटकों के मन में सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा कर सकती है।

Source: jagran

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The World Dispatch

Source: World News API