बाढ़: इलेक्ट्रॉनिक दुकान में बड़ी चोरी का खुलासा, खगड़िया से स्कॉर्पियो के साथ 4 अपराधी गिरफ्तार
16 अप्रैल 2026
बाढ़ के पंडारक में एक इलेक्ट्रॉनिक दुकान में हुई चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए खगड़िया से चार शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है।
बाढ़ पुलिस ने पंडारक थाना क्षेत्र स्थित एक इलेक्ट्रॉनिक दुकान में हुई बड़ी चोरी की घटना का सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए खगड़िया जिले से चार शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से चोरी की गई स्कॉर्पियो गाड़ी और कुछ इलेक्ट्रॉनिक सामान भी बरामद किया है। यह गिरफ्तारी अंतर-जिला आपराधिक गतिविधियों पर एक बड़ी लगाम मानी जा रही है और स्थानीय व्यवसायियों ने इस पर राहत की सांस ली है।
विगत दिनों पंडारक थाना क्षेत्र में चोरों ने एक इलेक्ट्रॉनिक दुकान को अपना निशाना बनाया था। चोरों ने दुकान का शटर काटकर लाखों रुपये मूल्य के कीमती इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, जिनमें मोबाइल फोन, टीवी और अन्य गैजेट्स शामिल थे, पर हाथ साफ कर दिया था। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए, बाढ़ के एसडीपीओ के निर्देश पर एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था ताकि अपराधियों की जल्द से जल्द पहचान और गिरफ्तारी सुनिश्चित की जा सके।
गठित विशेष टीम ने वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लेते हुए अपनी जांच को आगे बढ़ाया। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज को खंगाला और साथ ही तकनीकी निगरानी का भी उपयोग किया। इसी जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर पुलिस को अपराधियों के खगड़िया में छिपे होने की जानकारी मिली। इसके बाद, बाढ़ पुलिस ने खगड़िया पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर एक संयुक्त अभियान की योजना बनाई ताकि अपराधियों को भागने का कोई मौका न मिल सके।
पुख्ता सूचना के आधार पर, पुलिस की संयुक्त टीम ने खगड़िया के मथुरापुर में दबिश दी और चारों अपराधियों को सफलतापूर्वक दबोच लिया। गिरफ्तार किए गए अपराधियों की पहचान अमनी निवासी धनंजय कुमार और अमन कुमार, तथा खगड़िया के मथुरापुर निवासी सुदामा पासवान और मुकेश कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने मौके से वह स्कॉर्पियो गाड़ी भी बरामद कर ली है, जिसका इस्तेमाल चोरी की वारदात को अंजाम देने और चोरी का सामान ले जाने के लिए किया गया था। यह गाड़ी अपराधियों के संगठित तरीके से काम करने का सबूत देती है।
इस सफल गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब गिरफ्तार अपराधियों से गहन पूछताछ कर रही है। पुलिस का मुख्य उद्देश्य इस गिरोह के पूरे नेटवर्क को उजागर करना है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या वे इस क्षेत्र में हुई अन्य चोरी की घटनाओं में भी शामिल थे। पुलिस चोरी गए बाकी सामान की बरामदगी के लिए भी प्रयास कर रही है। इस मामले के सफल खुलासे को पुलिस एक बड़ी उपलब्धि मान रही है, जिससे संगठित अपराध करने वाले गिरोहों को एक कड़ा संदेश गया है।
Source: jagran