पूर्वी दिल्ली: यमुना स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में पानी का संकट गहराया, खराब वाटर कूलर से खिलाड़ी बेहाल
16 अप्रैल 2026
पूर्वी दिल्ली के सूरजमल विहार स्थित यमुना स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में खिलाड़ियों को पीने के पानी की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। परिसर में लगे तीनों वाटर कूलर खराब पड़े हैं।
पूर्वी दिल्ली के सूरजमल विहार में स्थित यमुना स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स इन दिनों पानी की गंभीर किल्लत से जूझ रहा है, जिससे यहाँ अभ्यास करने वाले सैकड़ों खिलाड़ी और सदस्य बेहाल हैं। भीषण गर्मी के बीच परिसर में लगे वाटर कूलर खराब पड़े हैं, जिसके चलते खिलाड़ियों को पीने के पानी के लिए या तो अपनी जेब ढीली करनी पड़ रही है या फिर प्यासे रहने को मजबूर होना पड़ रहा है। यह समस्या ऐसे समय में उत्पन्न हुई है जब तापमान लगातार बढ़ रहा है और खिलाड़ियों को अभ्यास के दौरान पानी की अत्यधिक आवश्यकता होती है।
परिसर में पानी की समस्या का मुख्य कारण यहाँ लगे तीन वाटर कूलरों का खराब होना है। जानकारी के अनुसार, एक वाटर कूलर काफी समय से बंद पड़ा है, जबकि गेट नंबर-2 के पास लगे दूसरे कूलर में अभी तक पानी का कनेक्शन ही नहीं जोड़ा गया है। तीसरा वाटर कूलर कभी-कभी ही काम करता है, जिससे उस पर निर्भर नहीं रहा जा सकता। इसके परिणामस्वरूप, खिलाड़ी, खासकर बच्चे और युवा एथलीट, जो नियमित रूप से प्रशिक्षण के लिए आते हैं, सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। उन्हें या तो बाहर से महंगी पानी की बोतलें खरीदनी पड़ती हैं या घर से पानी लेकर आना पड़ता है, जो अक्सर अभ्यास के लिए अपर्याप्त होता है।
इस पूरे मामले में दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की भूमिका सवालों के घेरे में है, जो इस खेल परिसर का प्रबंधन करता है। खिलाड़ियों और उनके अभिभावकों ने डीडीए पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। यह स्थिति न केवल खिलाड़ियों के स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा कर रही है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि सार्वजनिक खेल सुविधाओं के रखरखाव में किस तरह की उदासीनता बरती जा रही है। इस मुद्दे पर कॉम्प्लेक्स के सचिव ने शुक्रवार तक समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया है।
यह संकट केवल वाटर कूलर तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह दिल्ली में गर्मियों के दौरान होने वाली पानी की व्यापक समस्या का भी एक हिस्सा है। यमुना स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, जो कि पूर्वी दिल्ली में खेलकूद का एक प्रमुख केंद्र है, की स्थापना 1999 में हुई थी और यह डीडीए द्वारा प्रबंधित किया जाता है। यहाँ कई खेलों की कोचिंग और अभ्यास की सुविधाएँ उपलब्ध हैं। ऐसे प्रतिष्ठित संस्थान में पीने के पानी जैसी मूलभूत सुविधा का अभाव न केवल प्रबंधन की विफलता को उजागर करता है, बल्कि सरकार के उन दावों पर भी सवाल खड़े करता है, जिनमें नागरिकों को बेहतर सुविधाएँ देने की बात कही जाती है।
फिलहाल खिलाड़ियों और सदस्यों को उम्मीद है कि डीडीए अपने आश्वासन पर खरा उतरेगा और जल्द से जल्द खराब वाटर कूलरों की मरम्मत कराएगा। यदि इस समस्या का शीघ्र समाधान नहीं होता है, तो आने वाले दिनों में गर्मी बढ़ने के साथ ही खिलाड़ियों की मुश्किलें और भी बढ़ सकती हैं। यह घटना इस बात की भी मांग करती है कि डीडीए और अन्य संबंधित प्राधिकरण अपनी खेल सुविधाओं का नियमित ऑडिट करें ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि खिलाड़ियों को बिना किसी बाधा के सभी आवश्यक सुविधाएँ मिल रही हैं।
Source: jagran