पूर्वी दिल्ली में ऑनलाइन ठगी गिरोह का भंडाफोड़, बैंक मैनेजर सहित तीन गिरफ्तार
16 अप्रैल 2026
पूर्वी दिल्ली में स्पेशल स्टाफ ने ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनमें सिटी यूनियन बैंक का रिलेशनशिप मैनेजर भी शामिल है।
पूर्वी दिल्ली में पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसके तार चीन से जुड़े हुए हैं। इस मामले में एक निजी बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरोह पिछले ढाई महीने में लगभग 50 लोगों को अपना शिकार बनाकर एक करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी कर चुका था। पुलिस ने इस कार्रवाई को 'ऑपरेशन साइबर हॉक' के तहत अंजाम दिया और आरोपियों के पास से कई म्यूल बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज और एटीएम कार्ड बरामद किए हैं।
इस गिरोह का संचालन चीन में बैठे साइबर अपराधी कर रहे थे, जो टेलीग्राम चैनलों के माध्यम से भारत में अपने सहयोगियों को निर्देश देते थे। गिरोह के सदस्य व्हाट्सएप, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को निशाना बनाते थे। वे पीड़ितों को एक दुर्भावनापूर्ण एपीके (एंड्राइड पैकेज किट) फाइल भेजते थे। जैसे ही कोई व्यक्ति इस फाइल को अपने फोन में इंस्टॉल करता, धोखेबाजों को उसके फोन और बैंक खाते तक की पूरी पहुंच मिल जाती, जिससे वे आसानी से रकम निकाल लेते थे।
पुलिस की जांच तब शुरू हुई जब बरेली के एक निवासी ने 22 फरवरी को अपने साथ हुई 10,000 रुपये की ऑनलाइन ठगी की शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान पता चला कि ठगी की यह रकम दिल्ली के मयूर विहार फेज-एक में स्थित सिटी यूनियन बैंक की एक शाखा के खाते में ट्रांसफर की गई थी। यह खाता पुरानी कोंडली निवासी शौकीन के नाम पर था। जब पुलिस ने शौकीन को गिरफ्तार किया, तो उसने बताया कि यह खाता उसके भतीजे शाहरुख के कहने पर खुलवाया गया था। इसके बाद पुलिस ने शाहरुख को भी गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में शाहरुख ने पूरे नेटवर्क का खुलासा किया। उसने बताया कि वह टेलीग्राम के जरिए चीन में बैठे धोखेबाजों के संपर्क में आया था, जिन्होंने उसे ठगी करने के लिए 15 दिनों की ऑनलाइन ट्रेनिंग दी थी। इन म्यूल खातों को खुलवाने में सिटी यूनियन बैंक का रिलेशनशिप मैनेजर फ्रांशु कुमार मदद करता था। वह फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खाते खोलने के लिए प्रति खाता 10 से 15 हजार रुपये कमीशन लेता था। अमीर बनने के लालच में वह इस अपराध का हिस्सा बन गया।
यह गिरोह ठगी से प्राप्त रकम को क्रिप्टोकरेंसी में बदलकर चीन भेज देता था, ताकि जांच एजेंसियों की पकड़ से बचा जा सके। पुलिस ने आरोपियों के बीच हुई टेलीग्राम चैट को भी बरामद कर लिया है, जिससे इस अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के बारे में और जानकारी मिलने की उम्मीद है। फिलहाल, पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और इस नेटवर्क के विदेशी कनेक्शन की गहराई से जांच कर रही है ताकि इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश किया जा सके।
Source: jagran