सुरक्षा ताक पर... अंतरराष्ट्रीय सराहन पाने वाले IGI एयरपोर्ट पर आखिर क्यों टकरा रहे हैं विमान?

16 अप्रैल 2026

सुरक्षा ताक पर... अंतरराष्ट्रीय सराहन पाने वाले IGI एयरपोर्ट पर आखिर क्यों टकरा रहे हैं विमान?

दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर पिछले तीन वर्षों (2023-2025) में रनवे और टैक्सीवे पर विमानों की लगातार टक्करों ने सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) हवाई अड्डे पर गुरुवार को एक बड़ा हादसा टल गया जब दो विमान आपस में टकरा गए। यह घटना दोपहर के समय तब हुई जब एक विमान टैक्सी करते हुए पार्किंग क्षेत्र में खड़े दूसरे विमान से जा टकराया। इस टक्कर में स्पाइसजेट और अकासा एयर के विमानों के पंख क्षतिग्रस्त हो गए। गनीमत रही कि इस घटना में किसी भी यात्री या चालक दल के सदस्य को कोई चोट नहीं आई और सभी को सुरक्षित विमान से उतार लिया गया।

यह घटना विमानन सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है, क्योंकि यह हाल के दिनों में इस तरह की पहली घटना नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार, हवाई अड्डों पर विमानों के पंख टकराने या विमानों के खतरनाक रूप से एक-दूसरे के करीब आने की घटनाएं बढ़ रही हैं। कुछ समय पहले कोलकाता हवाई अड्डे पर भी दो विमानों के पंख इसी तरह टैक्सी करते समय आपस में टकरा गए थे। इसके अलावा, पूर्व में दिल्ली हवाई अड्डे पर ही दो विमान एक ही रनवे पर आमने-सामने आ गए थे, लेकिन पायलटों की सूझबूझ से एक बड़ी त्रासदी टल गई थी। बार-बार हो रही ऐसी घटनाएं एयरपोर्ट प्रबंधन और पायलटों के बीच समन्वय की कमी की ओर इशारा करती हैं।

इन घटनाओं के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिनमें एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) पर बढ़ता दबाव, मानवीय भूल और अधोसंरचना की सीमाएं शामिल हैं। आईजीआई हवाई अड्डा दुनिया के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में से एक है और यहाँ विमानों का घनत्व बहुत अधिक है। इससे ग्राउंड स्टाफ और एटीसी पर काम का भारी बोझ रहता है, जिससे गलती की संभावना बढ़ जाती है। कुछ विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि पुराने टैक्सी-वे और पार्किंग बे नए और बड़े आकार के विमानों के लिए पर्याप्त चौड़े नहीं हैं, जिससे ऐसी घटनाओं का खतरा बना रहता है।

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने इस ताजा घटना की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। प्रारंभिक कार्रवाई के तहत, घटना में शामिल स्पाइसजेट विमान के पायलटों और संबंधित एयर ट्रैफिक कंट्रोल अधिकारी को जांच पूरी होने तक ड्यूटी से हटा दिया गया है। डीजीसीए की जांच में ग्राउंड हैंडलिंग प्रक्रियाओं और एटीसी के निर्देशों के पालन जैसे पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। अकासा एयर के प्रवक्ता के अनुसार, उनका विमान पार्किंग में खड़ा था जब दूसरे विमान ने उसे टक्कर मार दी, जिसके बाद यात्रियों को हैदराबाद भेजने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई। वहीं स्पाइसजेट ने भी घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि उनके विमान को जांच के लिए दिल्ली में रोक दिया गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की तत्काल आवश्यकता है। इसमें उन्नत निगरानी प्रणाली लगाना, एटीसी और पायलटों के लिए बेहतर प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाना तथा मानक संचालन प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना शामिल है। चूंकि आईजीआई हवाई अड्डा भारत के लिए एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय प्रवेश द्वार है, इसलिए इसकी सुरक्षा साख को बनाए रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि समय रहते इन सुरक्षा चिंताओं का समाधान नहीं किया गया, तो यह न केवल यात्रियों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बन सकता है, बल्कि देश की अंतरराष्ट्रीय छवि को भी प्रभावित कर सकता है।

Source: jagran

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The World Dispatch

Source: World News API